बटेश्वर में ग्रामीण पर्यटन को नई उड़ान, नाविक बने संस्कृति और आस्था के कथावाचक

लखनऊ , 87

लखनऊ। यमुना तट पर स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक पर्यटन ग्राम बटेश्वर में ग्रामीण पर्यटन को सशक्त बनाने की दिशा में एक अभिनव और महत्वाकांक्षी पहल की गई है। इस पहल के तहत स्थानीय नाविकों को केवल नौका संचालन तक सीमित न रखते हुए उन्हें स्टोरी टेलिंग की कला से जोड़ा गया है, ताकि वे पर्यटकों को बाह-बटेश्वर की संस्कृति, इतिहास और धार्मिक आस्था से प्रभावी रूप से परिचित करा सकें।
मान्यवर कांशीराम पर्यटन प्रबंधन संस्थान (एमकेआईटीएम), लखनऊ के सहयोग से तथा एसडीआरएफ टीम द्वारा 5 से 7 जनवरी तक आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में नाविकों को आपदा प्रबंधन, आपात स्थितियों में प्राथमिक उपचार, सीपीआर और ऑनलाइन पेमेंट जैसी आधुनिक सुविधाओं का प्रशिक्षण दिया गया।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि बटेश्वर में ग्रामीण पर्यटन को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। नाविकों को स्टोरी टेलिंग, आपदा प्रबंधन और डिजिटल सुविधाओं से जोड़कर उन्हें केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि बटेश्वर की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत का संवाहक बनाया जा रहा है। इससे एक ओर पर्यटकों का अनुभव समृद्ध होगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय समुदाय के लिए आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट, लखनऊ के स्टोरी टेलर गौरव श्रीवास्तव ने प्रशिक्षुओं को बाह-बटेश्वर की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार प्रभावी स्टोरी टेलिंग के माध्यम से घाटों, नौका विहार और प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी रोचक ढंग से पर्यटकों तक पहुंचाई जा सकती है। साथ ही, सैलानियों से शिष्टाचारपूर्ण संवाद और व्यवहार पर भी विशेष जोर दिया गया।
गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2024 से उत्तर प्रदेश पर्यटन द्वारा लगातार नाविकों का प्रशिक्षण किया जा रहा है और अब तक 2500 से अधिक नाविकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
एसडीआरएफ टीम ने आपात स्थितियों से निपटने के व्यावहारिक उपाय सिखाए, जबकि चिकित्सकों ने संकट की घड़ी में त्वरित प्राथमिक उपचार एवं सीपीआर की जानकारी दी। नाविकों को पर्यटन क्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए ऑनलाइन भुगतान प्रणाली का भी प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी नाविकों को पहचान और एकरूपता के उद्देश्य से टी-शर्ट और सदरी वितरित की गई।
बटेश्वर के अटल संकुल केंद्र में आयोजित इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 32 नाविकों ने भाग लिया। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन विकास को केवल स्थलों तक सीमित न रखते हुए स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। निरंतर प्रशिक्षण से नाविकों को कौशल, आत्मविश्वास और नई पहचान मिल रही है। सरकार का लक्ष्य समावेशी पर्यटन को बढ़ावा देकर यह सुनिश्चित करना है कि पर्यटन का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

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