नेपाली श्रमिकों के आने का सिलसिला जारी होने से शहर वासी भयभीत
लखीमपुर खीरी May 23, 2020 at 11:24 PM , 188प्रतिदिन हजारों नेपाली कामगार पहुंच रहे पलिया ?
अन्य प्रदेशों से पहुंच रहे लखीमपुर खीरी की सीमा मे बिना परमीशन के सैकड़ों वाहन
पलियाकलां लखीमपुर खीरी। जनपद खीरी के पलिया कलां/लखीमपुर में कोविड 19 महामारी के चलते भारत के विभिन्न राज्यो में काम कर रहे हजारों प्रवासी नेपाली कामगार अपने वतन वापसी की आस लिए बड़ी संख्या में इंडो नेपाल सीमा के गौरीफंटा,तिकोनिया, व सम्पूर्णानगर बॉर्डर प्रति दिन हजारो नेपाली कामगार यहां पहुंच रहे है, जब्कि पूरे देश और प्रदेश मे बिना परमीशन वाहन चलाने पर पूर्ण पावंदी है।
कैसा लाकडान अन्य प्रदेशों से कैसै पहुंच रहे लखीमपुर खीरी की सीमा मे विना परमीशन के सैकड़ों वाहन,क्या सो रहा है यू पी का प्रशासन और पुलिस क्या वाकई मे यू पी का पुलिस प्रशासन सोरहा है, या जान बूझ कर लखीमपुर जनपद वासियों को कोरोना संक्रमण की ओर ढकेला जा रहा है यह जबाब खीरी जनपद की जनता योगी और मोदी से कर रही है ?
बीते एक सप्ताह से प्रतिदिन अन्य प्रदेशो के बिना परमीशन व बिना मेडिकल जांच के श्रमिको को लाने वाले दर्जनो वाहन खीरी सीमा मे विना रोकटोक हजारो नेपालियों को रातो-रात छोड कर संकृमितो की संख्या मे इजाफा करा खीरी को ग्रीन जोन बनाने मे तुले है।
नेपाल सरकार के द्वारा अनुमति न मिलने के कारण पलिया के कई स्कूलों व दर्जनो मैरिज हालों में नेपाली श्रमिकों ठहराया जारहा जिनसे यहां संकृमितो की संख्या लगातार बढ रही है।खीरी के सैकडो अस्थायी क्वारंटाइन सेन्टरो मे हजारो की तादात में रुके हुए नेपाली श्रमिको अपने वतन जाने की जिद ठानकर पूरे नगर में भ्रमण करते हुए अपनी सरकार के खिलाफ जहर उगलने के साथी ही समूचे जनपद मे वाइरस वाहक बन खीरी मे संकृमितो की संख्या मे इजाफा कर रहे है।
और हजारों नेपालियों को नेपाल भेजा भी जा चुका है जिसके बाद नेपाल सरकार से अनुमति मिलने के बाद सभी नेपाली श्रमिकों को पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों व एसएसबी कमाण्डेन्ट की मौजूदगी में नेपाल भेजा गया है। फिर भी सीधे विना क्वारंटाइन कराये गौरीफंटा बॉर्डर पर पहुंचे भी रहे है जिन्हें नेपाल सरकार ने लेने से मना कर दिया वह अपने देश मे न लिए जाने के कारण हजारों की संख्या में नेपाली श्रमिक पलिया पहुचे जिन्हें देखकर नगरवासी डरे सहमे हुए हैं।हालांकि सभी श्रमिकों को पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा स्कूलों एवं मैरिज लानो में ठहराया गया है।बताते चले कि बड़ी संख्या में जो मजदूर नेपाल भेजे गए हैं।उनमें बड़ी तादात में कोरोना संक्रमण की पुष्टि की गई है।नगर वासियो का कहना है कि जिस तरह से प्रशासन के द्वारा इन श्रमिको को बगैर जांच किये रोका जा रहा है। अगर नेपाल की तरह इनमें भी कोरोना पॉजिटिव निकले तो स्थित बहुत ही डरावनी हो सकती है।वही लोगो मे प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश भी दिख रहा है।बताया जाता है कि पहले रोके गए सभी नेपाली श्रमिक पूरे नगर में घूम रहे थे।जबकि प्रशासन के द्वारा इक्का दुक्का जगहों को ही सेनिटाइज कराकर इतिश्री की गई जबकि पूरे नगर को सेनिटाइजर करवाने की जरूरत है।वही शहर वासियों का कहना है कि बाहर से आ रहे श्रमिकों को नगर से बाहर ही ठहराने की व्यवस्था की जाए।जिससे नगर में संक्रमण का खतरा कम हो सके।
वही खीरी की जनता योगी और मोदी सरकार से प्रश्नकर रही है कि जब देश प्रदेश मे पूर्णतः लाक डाउन है व्यक्ति निजी वाहन से परमीशन के बाद भी केवल दो लोग अधिक आवश्यकता होने पर ही परमीशन लेकर यात्रा कृ सकते है तो फिर यह हजारों प्रवासी नेपाली बिना परमीशन किसके रहमोकरम पर खीरी की सीमा मे पहुच कर तराई के शान्त वातावरण को करोना बम बनाने पर तुले है।






_page-0001.jpg)
























Comments