गीली लकड़ी के सहारे व असमय अलाव जलाने की परम्परा क़ायम

लखीमपुर खीरी , 154

धौरहरा खीरी।
शासन के निर्देश पर लोगों को वर्तमान समय में चल रही शीत लहर से बचाने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने व गर्म कंबलों का वितरण करके गरीब व जरूरतमंद लोगों को ठंड से निजात दिलाने के लिए शासन व सरकार ने निर्देश दिए हैं और इसी कृम में प्रशासनिक अफसरों के पर्यवेक्षण में संबंधित जिम्मेदार हकीकत से रूबरू हो रहें हैं। लेकिन नगर पंचायत धौरहरा प्रशासन का अपना एक अलग ही अंदाज है शीत लहर से बचाने के निर्देश पर यहां गीली लकड़ी के सहारे व असमय अलाव जलाने की परम्परा क़ायम है। हालांकि सभासदों ने इस प्रकरण में विरोध भी किया लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान समय में चल रही तराई क्षेत्र में शीत लहर से आम लोगो को बचाने के लिए शासन के निर्देश पर नगर पंचायत धौरहरा प्रशासन करीब एक पखवाड़े से नगरीय क्षेत्र में अलाव जलाकर आम आदमी को ठंड से राहत पहुंचाने का असफल प्रयास कर रहा है। मज़े की बात यह है कि अलाव जलाने के लिए नगर प्रशासन ने गीली व हरी लकड़ी कृय करके अलाव जलवाए में सहायक साबित हो गई। पंचायत कर्मचारी थोड़ी गीली लकड़ी व धान की भूसी लगाते हुए डीजल के सहारे आग जलाकर फोटो खींचने तक सीमित।
---------------------------------------------

दो वाहनों के सहारे नगर प्रशासन 17 वार्डों में विभाजित नगरीय क्षेत्र में रह रहे लोगों को ठंड से निजात दिलाने का प्रयास करने में सफल हो रहा। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार नगर प्रशासन के जिम्मेदारो ने सुबह 10 बजे व शाम 8 बजे के बाद अलाव जलाने की व्यवस्था एकदम ग़लत है। जबकि इसी मामले को लेकर सभासदों ने विरोध करते हुए अलाव का समय परिवर्तन करने व गाड़ी बढ़ाने के लिए अधिशासी अधिकारी धौरहरा को शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई न होना अपने आप में नगर प्रशासन की हिटलरशाही साबित हो रही है।

Related Articles

Comments

Back to Top