गोला गोकर्णनाथ में अंतर्राष्ट्रीय ध्यान दिवस श्रद्धा और एकाग्रता के साथ मनाया गया।

लखीमपुर खीरी , 74

गोला गोकर्णनाथ खीरी।
,अंतर्राष्ट्रीय ध्यान दिवस,के अवसर पर गोला गोकर्णनाथ स्थित ,ब्रह्माकुमारी आश्रम, में एक गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न संप्रदायों एवं मिशनों से जुड़े साधक, विद्वान एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की और ध्यान के महत्व पर अपने-अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर वक्ताओं ने “ज्ञान की जननी” को केंद्र में रखते हुए ध्यान की भूमिका पर प्रकाश डाला। बताया गया कि ध्यान न केवल पृथ्वी पर सकारात्मक वातावरण का निर्माण करता है, बल्कि परमपिता परमेश्वर से जुड़ने का सशक्त माध्यम भी है। ध्यान शब्द की व्याख्या करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह दो शब्दों—‘ध्य’ (स्व) और ‘आन’ (चेतना) से मिलकर बना है, जिसका संस्कृत अर्थ है स्वयं का ध्यान रखना।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जब मनुष्य बाहरी संसार की व्यस्तताओं से निकलकर अपने अंतर्मन में झांकता है और स्वयं में केंद्रित होता है, तब उसे विभिन्न प्रकार का आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त होता है, जो जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है।
मुख्य अतिथियों के रूप में उपस्थित डॉ. रविंद्र नाथ, डॉ. पूनम ,  राम नरेश मुख्य डॉ रामनरेश वर्मा जी इंजीनियर ऐबी शुक्ला तथा कार्यक्रम के संचालक आदेश ने ध्यान के वैज्ञानिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक पक्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ध्यान तनावमुक्त जीवन, मानसिक शांति और आत्मिक उन्नति का प्रभावी साधन है, जिसे प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में अपनाना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में केंद्र प्रभारी राधेश्याम ने सामूहिक ध्यान कराया गया, जिससे उपस्थित जनसमूह ने गहन शांति एवं ऊर्जा की अनुभूति की। ब्रह्माकुमारीज संस्था से बीके रोली दीदी तथा बीके सुनीता दीदी ने सभी को कमेंट्री द्वारा राजयोग की गहन अनुभूति कराई।आयोजन को लेकर प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और सभी ने ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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