मोहम्मदी में ग्राम सचिवों ने कार्यालय पर साइकिल से आकर अपने अपने क्षेत्र में साइकिल से गए।

लखीमपुर खीरी , 134

ब्लॉक मुख्यालय पर ऑनलाइन उपस्थिति और भत्ता बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन साइकिल से पहुंचे।

 

मोहम्मदी खीरी ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली समाप्त करने और भत्ता बढ़ाने की मांग को लेकर ग्राम विकास अधिकारियों और ग्राम सचिवों ने बुधवार को अपने आंदोलन को तेज कर दिया। उन्होंने विभिन्न गांवों से साइकिल से अपने अपने क्षेत्र से  ब्लॉक मुख्यालय पर पहुंचे फिर अपने अपने क्षेत्र में साइकिल से निकले।
सचिवों ने बताया कि पहले  उन्होंने काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया था, ताकि शासन का ध्यान उनकी समस्याओं पर केंद्रित हो सके। इसके बाद खंड विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्य सचिव को एक पत्रक सौंपा गया था। इस पत्रक में ऑनलाइन उपस्थिति की बाध्यता समाप्त करने, बढ़ते कार्यभार के अनुरूप भत्ता बढ़ाने और कार्य के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांगें शामिल थीं।सचिवों ने कहा कि उनकी मांगें पूरी न होने के कारण उन्हें आंदोलन को तीसरे चरण में लाना पड़ा। इस चरण में उन्होंने साइकिल जुलूस निकालते हुए ब्लॉक मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। यदि जल्द समाधान नहीं मिला तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।सचिवों ने सरकार की डिजिटल प्रबंधन की ओर बढ़ती प्रवृत्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर उन्हें दशकों पुरानी कार्यप्रणाली के तहत काम करना पड़ रहा है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा आज के जमाने में उनसे क्षेत्र का भ्रमण साइकिल से करने की अपेक्षा की जाती है। वर्षों पहले तय की गई व्यवस्था के तहत उन्हें साइकिल भत्ते के रूप में केवल 200 रुपये मासिक दिए जाते हैं, जो आज के समय में महज प्रतीकात्मक रह गई है।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन उपस्थिति, इंटरनेट डेटा, मोबाइल और यात्रा पर भारी खर्च अलग से जुड़ गया है, लेकिन उनके मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। सौरभ प्रकाश सिंह, मोहित मिश्रा, धीरज राणा, राहुल राज, सौरभ चौधरी सहित तमाम सचिवों ने अपनी मांगों पर शीघ्र निर्णय की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि वे गांवों में योजनाओं को धरातल पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इसलिए उनके साथ न्यायपूर्ण व्यवहार होना आवश्यक है।

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