वर्षों तक अभिलेखों के सत्यापन ही नहीं भेजता माध्यमिक शिक्षा परिषद
लखीमपुर खीरी Dec 09, 2025 at 05:30 PM , 173(हरिशंकर मिश्र/के0के शुक्ला)
लखनऊ/लखीमपुर खीरी। माध्यमिक शिक्षा परिषद बोर्ड प्रयागराज की लापरवाही से प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में हजारों फर्जी शिक्षक कर्मचारी नौकरी कर रहे हैं और पढ़े-लिखे लोग रिक्शा चला रहे हैं या तो मजदूरी करते देखे जाते हैं। फर्जी लोगों की जांच के लिए शिक्षा महानिदेशक की तरफ से पूरे प्रदेश में अभियान भी चलाया गया था जिसमें प्रदेश के कई जिलों में काफी लोग फर्जी कागज़ों के आधार पर नौकरी करते पाए गए लेकिन फिर भी लगता है की पूरी तरह से फर्जीवाड़ा समाप्त नहीं हो पाया।
इस संदर्भ में मिली जानकारी के अनुसार किसी शिकायत या शक होने पर जब संबंधित कर्मचारी के शैक्षिक अभिलेख आदि सत्यापन हेतु माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज को भेजे जाते हैं तो वहां से उसका कोई जवाब ही नहीं दिया जाता है। कोई शिकायत कर्ता अब माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के आखिर कब तक चक्कर लगाएगा नतीजा थक हारकर बैठ जाता है और फर्जी कागज के दम पर ऐसे लोगों की नौकरी चलती रहती है। माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज की कार्यशैली का अंदाजा प्रस्तुत उदाहरण से लगाया जा सकता है।
उपरोक्त फर्जीवाड़े के क्रम में जनपद खीरी में भी फर्जी शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों का जाल फैला हुआ बताया जाता है। ब्लॉक फूलबेहड़ के संदिग्ध फर्जी शिक्षकों की जांच कराने हेतु सन 2021 में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीकांत पांडे को जनहित में एक प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि ब्लॉक फूलबेहड़ के पूर्व माध्यमिक विद्यालय खानपुर के प्रधान अध्यापक प्रभुनारायण यादव तथा ग्रांट नंबर 11 के मृतक शिक्षक बालचंद निवासी परसेहरी के शिक्षक की नौकरी में लगाए गए अंक पत्रों की जांच करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। पूर्व बेसिक शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीकांत पांडे शिक्षक नेताओं के दबाव में जब तक रहे तब तक फर्जी शिक्षकों के अंक पत्रों का सत्यापन नहीं कराया। उसके बाद जब प्रवीण कुमार तिवारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बने तब उनसे मिलकर उपरोक्त शिक्षकों के अंक पत्रों का सत्यापन कराए जाने का अनुरोध जून सन 2024 में किया था तो उन्होंने उपरोक्त शिक्षकों के अंक पत्रों को सत्यापन के लिए सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज को भेजा था जब कई माह तक सत्यापन नहीं आया तो फिर आवेदन कर्ता ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी खीरी से अनुरोध किया तो उन्होंने फिर माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज को पत्र लिखा उसके बाद भी जब सत्यापन नहीं आया तो शिकायतकर्ता प्रयागराज गया वहां सचिव महोदय तो मिले नहीं उनके बाबू मिले तब मैं सत्यापन के बारे में कहा तो उन्होंने कहा कि एक माह में सत्यापन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी खीरी के कार्यालय में पहुंच जाएगा परंतु इतना समय बीत जाने के बाद अभी तक माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज से उक्त का सत्यापन नहीं आया है जिससे सरकार को हर माह में लाखों रुपया वेतन आदि का जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के बाबू इतने भ्रष्ट हैं कि वह संबंधित कर्मचारी से सांठ गांठ कर मामले को तब तक दबाए बैठे रहते हैं जब तक शिकायतकर्ता थक हार कर बैठ न जाए। वहां पर इतना भ्रष्टाचार बताया जाता है कि बगैर पैसा लिए वहां का बाबू किसी से बात तक नहीं करता है। आरोप है कि फर्जी शिक्षकों से लंबी सांठ गांठ की वजह से उपरोक्त शिक्षकों का सत्यापन नहीं भेजा जा रहा है जिससे कि शिक्षा विभाग का प्रशासन सरकार की सबको छवि को धूमिल कर रहा है और फर्जी शिक्षकों का बचाने का कार्य कर रहा है इस संबंध में जब बीएसए खीरी से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अभी तक सत्यापन नहीं आया है सत्यापन आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी मजे किए बात है कि मृतक शिक्षक बालचंद की पत्नी पेंशन ले रही है बेटा अनुचर की नौकरी कर एक शिक्षक नेता के तलवे चाट रहा है।






_page-0001.jpg)
























Comments