संघर्ष की विरासत पर सवाल: लखीमपुर का 101 साल पुराना विलोबी मेमोरियल ट्रस्ट हटाने की मांग तेज, स्वतंत्रता सेनानी परिजन बोले—‘अंग्रेजी अवशेष अब खत्म हो’

लखीमपुर खीरी , 249

लखीमपुर खीरी। 1920 में लखीमपुर खीरी के कलेक्टर विलियम डगलस विलोबी आईसीएस थे। तीन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों नसीरुद्दीन मौजी, माशूक, बशीर निवासी मोहल्ला थर्वरनगंज नगर लखीमपुर जिला लखीमपुर खीरी ने विलोबी के आवास पर 26 अगस्त 1920 को तलवार से सर काट कर हत्या कर दी थी।तीनो उसी दिन गिरफ्तार हो गए थे । सीतापुर सेसन कोर्ट में हत्या के आरोप का परीक्षण हुआ। 1920 में ही तीनो को फांसी दी गयी। तीनो को आजादी के बाद शहीद का दर्जा दिया गया। अंग्रेज सरकार ने विलोबी की याद में 1920 में विलोबी मेमोरियल हॉल का निर्माण किया। 1924 में विलोबी मेमोरियल ट्रस्ट का पंजीकरण अंग्रेजों ने कराया। इसका अध्यक्ष पदेन अंग्रेज कलेक्टर को बनाया। सचिव सरस्वती प्रसाद आगा को बनाया। देश आजाद हुआ पर ट्रस्ट ज्यों का त्यों चल रहा है। 101 साल से एक ही परिवार का सचिव है।अध्यक्ष dm हैं। 60 के करीब दुकाने है, 5 लाख वर्ग फिट का मैदान है। हाल है। किराये का अता पता नही। एक एक दुकान 25 से 30 लाख के काले धन में बेंची जाती है। शासन ने भी डीएम खीरी को विलोबी हटाने का निर्देश दिया है। डीएम कोई रेस्पॉन्स नही देती। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित विलोबी हटाने की मांग कर रहे हैं।

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