*पूर्ती निरिक्षक कार्यालय के प्राइवेट कर्मचारी महिलाओं के साथ अभद्रतापूर्ण व्यवहार।*

लखीमपुर खीरी , 152

पलियाकलां-(खीरी) उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार जनता तक तमाम योजनाएं और लाभार्थियों को होने वाली समस्याओं को छुटकारा दिलाने के लिए खासा तैयारी कर हर संभव मदद और योजनाओं के द्वारा लाभ पहुचाने का काम कर रहे हैं।
लेकिन लखीमपुर-खीरी पलिया पूर्ती निरिक्षक कार्यालय में तैनात प्राइवेट कर्मचारी महिलाओं से दुर्व्यवहार कर सरकार की तमाम योजनाओं में ग्राहण लगाने का काम कर रहे हैं और तो और महिलाओं के साथ हो रहे दुर्व्यवहार पर पूर्ति निरीक्षक अधिकारी और लिपिक कर्मचारी भी शांति से तमाशा देख रहे है। इसका जीता जागता उदाहरण नगरपालिका पलिया वार्ड नं पठान 1 की आधा दर्जन महिलाएं महिनों से पूर्ती निरिक्षक कार्यालय के चक्कर लगा रही है जैसे ही मंगलवार को सुबह कार्यालय खुला वही महिलाएं राशनकार्ड से नाम कटवाने के लिए पहुंची थी पूर्ती निरिक्षक कार्यालय के प्राइवेट कर्मचारी ने बड़ी ही दुर्भाग्यपूर्ण व्यवहार करते हुए महिलाओं को चलता कर दिया। 
वहीं मौजूद मीडिया कर्मियों ने पूछा तो आरोप लगाते हुए महिलाओं ने नाम वीडियो न चलाने को लेकर खुलासा कर दिया कहा कि की महिनों से पलिया पूर्ती निरिक्षक कार्यालय में राशनकार्ड में नाम काटने और परिवार से अलग राशनकार्ड बनवाने के लिए चक्कर लगा रही हैं। 
वहीं दूसरी महिला ने कहा हमारी शादी 2019 में हुई थी 2021 में सभी पत्र इकट्ठा कर दिया था लेकिन नजराना न मिलने के चलते अभी तक राशनकार्ड नही बनाया गया।
जबकि पठान 1 के उन घरों के राशनकार्ड बना दिए गए जिनके नाम घर गाडी तमाम जगहों पर लाखों करोड़ों के प्लाट पड़े हैं।
वहीं लाभार्थियों की बात करें तो पलिया पूर्ती निरिक्षक कार्यालय के चक्कर काटने के लिए ही पैदा हुआ है‌‌।
महिलाओं ने कहा कि केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार कार्य तो अच्छा कर रही लेकिन पूर्ती निरिक्षक पलिया कार्यालय में तैनात प्राइवेट कर्मचारी व अधिकारी सरकार को बदनाम करने पर तुले हुए है।
 महिला ने कड़ा विरोध  करते हुए कहा है कि हमारे साथ हुए दुर्व्यवहार पर हम सभी महिलाएं  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हेल्पलाइन और महिला हेल्पलाइन पर शिकायत करेंगें। अधिकारियों की बात करें तो न किसी ने मामले को गम्भीरता से लिया और न ही उन प्राइवेट कर्मचारी पर कार्रवाई हुई।

Related Articles

Comments

Back to Top