भगवान दीन आर्यकन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में *संस्कृत विभाग के द्वारा किया गया महाकवि कालिदास जयंती का भव्य आयोजन*

लखीमपुर खीरी , 277

(सुनील शर्मा)


महाविद्यालय के संस्कृत विभाग एवं संस्कृत साहित्य छात्र परिषद् के द्वारा महाकवि कालिदास जयंती के उपलक्ष्य में महाकवि कालिदास जयंती का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की विदुषी प्राचार्य एवं विभाग अध्यक्ष प्रोफ़ेसर गीता शुक्ला ने की।
 उन्होंने अपने वक्तव्य में कालिदास के साहित्यिक वैशिष्ट्य को प्रतिपादित करते हुए उन्हें बहुमुखी प्रतिभासंपन्न कवि के रूप में व्याख्यायित किया तथा महाकवि के कतिपय श्लोकों की व्याख्या भी प्रस्तुत की। उन्होंने अपने वक्तव्य में कार्यक्रम को छात्रोपयोगी बताते हुए कार्यक्रम के संयोजन की भूरि भूरि सराहना भी व्यक्त की। 
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अर्थशास्त्र विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर श्रीमती अर्चना सिंह ने अपने अभिभाषण में महाकवि कालिदास के काव्य पक्ष को अत्यंत सुंदर ढंग से छात्रों के सामने प्रस्तुत किया एवं एक पर्यावरण संरक्षक के रूप में कालिदास की काव्यगत विशेषताओं का समुचित ढंग से विश्लेषण किया उन्होंने अपने वक्तव्य में यह स्पष्ट किया कि आज जी पर्यावरण संरक्षण की बात हम कर रहे हैं संस्कृत साहित्य में इस पर्यावरण संरक्षण के लिए आरंभ से ही जागरूकता रही है जो की महाकवि कालिदास  के साहित्य में पर्यावरण संरक्षण की भावना व्यापकता से प्राप्त होती है। 

कार्यक्रम का सम्यक् सुसंयोजन संस्कृत विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर सुरचना त्रिवेदी ने किया ,उन्होंने प्रास्ताविक भाषण प्रस्तुत करते हुए कालिदास के जीवन परिचय एवं उनके साहित्यिक आयाम के विभिन्न पक्षों को व्याख्यायित किया एवं अभिज्ञान शाकुंतलम् के श्लोक चतुष्टय पर विशेष ध्यानाकर्षण करते हुए उन्हें कालजयी कवि के रूप में छात्राओं  को परिचित कराया। 
कार्यक्रम का सफल संस्कृतमय संचालन शोध छात्रा मीना कुमारी ने किया संचालन के मध्य उन्होंने कालिदास के गौरवशाली व्यक्तित्व को प्रतिपादित भी किया एवं तत् संबंधित अनेक सूत्र और सूक्तियों का उल्लेख करते हुए छात्रों का उत्साह वर्धन किया।
शोधछात्रा शालिनी शुक्ला ने कालिदास का जीवन और वीर रस के संदर्भ में उनके साहित्यिक योगदान विषय पर वक्तव्य प्रस्तुत किया। 
शोधछात्रा वैशाली शुक्ला ने कुमारसंभवम् के प्रसंग ब्रह्मचारी रूप धारी शिव एवं पार्वती के संवाद का नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत करके सभी को मोहित कर लिया 
कार्यक्रम का आरंभ छात्र दीपमाला एवं महक के स्वागत गीत एवं मंगलाचरण से किया गया छात्र महक ने अभिज्ञानशाकुन्तलम् के चतुर्थ अंक के श्लोक चतुष्टय को प्रस्तुत किया। छात्रा हेम कमल एवं दीपमाला ने कालिदास की प्रशस्ति में चौपाई गायन प्रस्तुत किया छात्र दीपा ने हिंदी के प्रसिद्ध कवि नागार्जुन की कविता कालिदास के संबंध में प्रस्तुत की छात्रा अर्चना शुक्ला ने कालिदास के अनमोल वचन प्रस्तुत किया छात्रा मुस्कान जायसवाल ने संस्कृत गीत प्रस्तुत किया छात्रा अंजलि विश्वकर्मा ने कालिदास के संबंध में भाषण प्रस्तुत किया।
अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य ने इस प्रकार के कार्यक्रमों को और अधिक व्यापकता से मनाए जाने का सुझाव दिया एवं कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए संस्कृत विभाग और संस्कृत  छात्र परिषद्को बधाई दी।
संस्कृत साहित्य छात्र परिषद् की अध्यक्ष छात्रा ऋचा मिश्रा ने कार्यक्रम में आए हुए सभी गुरुजनों अतिथियों एवं छात्राओं का आभार व्यक्त किया। 
कार्यक्रम संयोजक डॉ सुरचना त्रिवेदी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
उक्त कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्राओं सहित महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाएं श्रीमती शिवांगी सक्सेना,डॉक्षमातिवारी, डॉ सविता शुक्ला, श्रीमती विमलेश,सुश्री वीनाचौरसिया, डॉ राखी चौहानउपस्थित रहीं एवं सभी शिक्षिकाओं ने संस्कृत विभाग की छात्राओं के प्रयासों की प्रशंसा की और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया।
शांतिपाठ एवं वंदे मातरम् के साथ कार्यक्रम की सम्पूर्ति हुई।

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