आंवला नवमी के उपलक्ष्य मे महिलाओ ने आंवला बृक्ष की की पूजा अर्चना।

लखीमपुर खीरी , 135

आंवला नवमी की पूजा अर्चना करने से होती है धन व पुत्र की प्राप्ति।

गोला गोकर्णनाथ खीरी। कार्तिक माह की नवमी तिथि को आंवला नवमी की पूजा अर्चन करने का विशेष महत्व है इससे पूजन करने बाली महिलाओ को माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा होती है।
आदि काल मे भगवान शिव और पार्वती को पुत्र प्राप्ति के लिये माता पार्वती ने बारह वर्षो तक आवलां नवमी के दिन कठोर बृत रह कर पूजन अर्चन किया था। इसके पश्चात उनको भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की कृपा से पुत्र रत्न के रूप गणेश भगवान व षणानंन की प्राप्ति हुई। 
तब से लेकर आज तक महिलाऐ घर मे पुत्र की प्राप्ति व धन धान्य के लिये महिलाऐ उपवास रखकर व पूरी पकबान बनाकर आंवला बृक्ष के नीचे ही बनाकर आंवला बृक्ष की पूजा अर्चना की जाती है।जिसके चलते गोला छोटी काशी के समस्त गांवो मे आंवला की पूजा अर्चना कर महिलाओ ने आंवला के बृक्षो का रोपण किया है।

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