डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल की पहल से चौगुर्जी में बदलेगी तकदीर

लखीमपुर खीरी , 111

'कटे हुए गांव' को मिली पेंटून पुल की सौगात

(सुनील शर्मा)

लखीमपुर खीरी। नेपाल सीमा से सटे निघासन तहसील का सुदूरवर्ती गांव चौगुर्जी, जिसे अब तक ‘कटा हुआ गांव’ कहा जाता था, अब विकास की नई राह पर कदम रख रहा है। वर्षों से मोहाना नदी की धारा के पार फंसा यह गांव अब मुख्यधारा से जुड़ने जा रहा है। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के सतत प्रयासों और पहल का ही परिणाम है कि शासन ने 459.24 लाख रुपये की लागत से चौगुर्जी पेंटून पुल निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह परियोजना अब जिले के सीमावर्ती विकास की नई पहचान बनेगी।

अब वह दिन दूर नहीं जब चौगुर्जी के लोगों को नाव का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। लोक निर्माण विभाग इस योजना की क्रियान्वयन के लिए शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ करने जा रहा है।

*यह पुल चौगुर्जी के भविष्य का सेतु बनेगा : डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल*
डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य है कि सीमावर्ती और सुदूरवर्ती गांव भी विकास की रफ्तार से जुड़ें। चौगुर्जी के लोगों को अब अलग-थलग रहने की मजबूरी नहीं झेलनी पड़ेगी। यह पुल केवल लोहे और लकड़ी की संरचना नहीं, बल्कि चौगुर्जी के उज्जवल भविष्य का सेतु बनेगा।

बताते चलें कि डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल का यह प्रयास प्रशासनिक कार्यकुशलता और संवेदनशीलता का बेहतरीन उदाहरण है।
उन्होंने जिस प्रतिबद्धता से सीमावर्ती जनजीवन की तकलीफों को शासन तक पहुंचाया, उसने न केवल चौगुर्जी को राहत दी बल्कि जिले के विकास का नया अध्याय भी लिखा।

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