डीएम ने की खरीफ अभियान की तैयारियों की वर्चुअल समीक्षा
लखीमपुर खीरी May 29, 2021 at 08:30 PM , 98लखीमपुर खीरी। शनिवार को डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिले में खरीफ अभियान की तैयारियों की वर्चुअल समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिसमें कृषि, सिंचाई, उद्यान, गन्ना, पशुपालन, मत्स्य, रेशम एवं सहकारिता आदि विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारियों वर्चुअल शामिल हुए। डीएम ने निर्देशित किया कि कृषि विभाग से जुड़े कृषि व सहयोगी विभाग के सभी अधिकारी खरीफ उत्पादन के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु अपने स्तर से सभी तैयारी पूर्ण कर लें। जनपद में खरीफ में लगभग 219000 हे0 क्षेत्र आच्छादन का लक्ष्य है, जिसमें प्रमुख फसल धान हेतु 185000 हे0 का लक्ष्य निर्धारित है। धान की चावल के रूप में उत्पादकता का लक्ष्य 35.20 कुं. प्रति हेक्टेयर रखा गया है। इसी प्रकार अन्य फसलों के लक्ष्य की उत्पादकता में वृद्वि की गयी है। निर्धारित उत्पादकता प्राप्त करने के लिए क्षेत्राछादन में वृद्वि, फसल सघनता में वृद्वि, समय से बुवाई हेतु उन्नतिशील प्रजातियों के लिए फाउण्डेशन एवं प्रमाणिक बीजों की बिक्री केन्द्रों तक आपूर्ति के साथ-साथ फास्फेटिक एवं नत्रजनी उर्वरक आदि की पर्याप्त मात्रा में समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाए।
बीज उपलब्धता के सम्बन्ध में जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा आवंटित बीज के सापेक्ष बीज की उपलब्धता व आपूर्ति राजकीय कृषि बीज भण्डारों पर की जा चुकी है। अन्य संस्थाओं हेतु लक्ष्य के अनुरूप बीज उपलब्घता न होनी की बात संज्ञान में लायी गयी। डीएम ने निर्देशित किया गया कि धान की नर्सरी सहित अन्य फसलों की बुवाई वर्षा होने की दशा में समय से प्रारम्भ कर दी जायेगी। अतः एन0एस0सी0, बीज विकास निगम, सहकारिता, यू0पी0 एग्रो आदि संस्थाएं भी बिना किसी विलम्ब के तत्काल बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। जिला कृषि अधिकारी इस सम्बन्ध में दैनिक रूप से इसकी समीक्षा करते हुए लक्ष्यानुरूप कृषकों हेतु बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का प्रयास करें। इसी प्रकार कृषि रक्षा रसायन यथा खरपतवारनाशी व कीटनाशी व बायोपेस्टीसाइड की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने हेतु पीपीओ को निर्देशित किया। पीपीओ ने आश्वस्त किया कि खरीफ की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए पर्याप्त मात्रा में कृषि रक्षा रसायन उपलब्ध है। डीएम ने कृषि विभाग, गन्ना विभाग व अन्य सम्बन्घित विभाग को विगत वर्ष की भाॅति टिड्डी से प्रकोप की दशा में पूर्व से सजग एवं सतर्क रहते हुए कृषि रक्षा रसायन एवं ट्रैक्टर माउण्टेड पावर स्प्रेयर आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाये, ताकि आवश्यकता पड़ने पर संसाधनो का तत्काल उपयोग करते हुए नियंत्रण किया जा सके।
डीएम ने की उर्वरक उपलब्धता की समीक्षा, दिए निर्देश
यूरिया सहित आदि अन्य उर्वरकों की लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धता, निर्घारित दरों पर बिक्री सुनिश्चित कराएं-डीएम
यूरिया उर्वरक के निर्धारित दरों से अधिक मूल्य पर बिक्री की शिकायतों पर तत्परता से करें कड़ी कार्रवाई-डीएम
लखीमपुर खीरी। डीएम ने जनपद में उर्वरक उपलब्धता की समीक्षा की गयी। डीएम ने यूरिया सहित अन्य उर्वरकों की लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धता तथा निर्घारित दरों पर बिक्री हेतु जिला कृषि अधिकारी, एआर कोऑपरेटिव व डीसीओ के साथ-साथ इफको, कृभको एवं चम्बल सहित प्रमुख उर्वरक प्रदायकर्ता कम्पनी के प्रतिनिधियों को माहवार जनपद के एलोकेशन के अनुरूप उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। इफको के प्रतिनिधि सुभाष मिश्रा ने बताया कि जनपद के माह अप्रैल व मई के सापेक्ष उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो पायी है, किन्तु एक दो दिन में दो से तीन रैक यूरिया प्राप्त कर सहकारी समितियों व गन्ना समितियों को प्रेषित की जायेगी। इसी प्रकार कृभको संस्था द्वारा मई माह के 8600 मै0टन लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 200 मै0टन यूरिया आपूर्ति पर असंतोष व्यक्त करते हुए डीएम ने इफ्को व कृभको के प्रतिनिधियों को विशेष प्रयास कर दो तीन दिन के भीतर उर्वरक उपलब्धता करने के निर्देश दिये, ताकि समितियों के माध्यम से निर्धारित दरों पर कृषकों की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध हो सके। इसी प्रकार चम्बल व कानपुर फर्टीलाइजर आदि कम्पनी के प्रतिनिधियों को जनपद के एलोकेशन के अनुरूप उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये कि रैक प्वाइंट से प्रत्येक दशा मे जनपद हेतु आवंटित उर्वरक निर्धारित दरों पर थोक विक्रेताओं को आपूर्ति करते हुए कृषकों को उपलब्ध करायी जाये। यूरिया उर्वरक के निर्धारित दरों से अधिक मूल्य पर बिक्री किये जाने की शिकायतों का उल्लेख करते हुए डीएम ने जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि ऐसे दोषी थोक व खुदरा विके्रताओं के साथ-साथ जो भी दोषी हों के विरूद्व उर्वरक नियंत्रण आदि व आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट आदि जैसी कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित की जाये, ताकि कोई भी उर्वरक विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर बिक्री का दुस्साहस न कर सके। उप कृषि निदेशक से भी अपेक्षा की गयी कि उर्वरक के एलोकेशन के अनुरूप कम आपूर्ति होने की दशा में मुख्यालय को अवगत कराते हुए उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाये तथा उर्वरक निरीक्षकों के साथ-साथ विभागीय प्राविधिक सहायक आदि के माध्यम से सतत निगरानी की जाये, जिससे कि कृषकों को पर्याप्त मात्रा में गुणवत्ता युक्त उर्वरक उपलब्घ हो सके। जिला गन्ना अधिकारी के प्रतिनिधि ने चीनी मिल ऐरा व गोला गन्ना समिति के क्षेत्र में यूरिया उर्वरक की कमी बताते हुए उर्वरक आपूर्ति हेतु अनुरोध किया। डीएम ने इफ्को, कृभको व पीसीएफ के प्रतिनिधियों को सम्बन्धित समितियों पर प्राथमिकता पर उर्वरक आपूर्ति कराने के निर्देश दिये। एआर कोऑपरेटिव से अपेक्षा की कि जनपद में समितिवार उर्वरक उपलब्घता की दैनिक समीक्षा कर सुनिश्चित करें कि अभियान काल में समितियों पर प्रत्येक समय उर्वरक की उपलब्धता बनी रहे। विशेषकर वर्तमान में वर्षा होने के कारण यूरिया की उपलब्धता में कोई कमी न रहे। खरीफ उत्पादन हेतु सुनिश्चित सिंचाई व्यवस्था एवं अच्छा मानसून आवश्यक है। अधिशाषी अभियन्ता, नहर ने बताया कि जनपद में नहरों की सफाई का कार्य पूर्ण है व रोस्टर के अनुरूप सभी अल्पिकाओं के टेल तक दो तीन दिन के अन्दर पानी पहुॅंच जाएगा। मण्डल स्तर से रोस्टर तैयार हो चुका है। जनपद स्तर पर रोस्टर भी आगामी एक सप्ताह के अन्दर जारी हो जाएगा। डीएम ने वर्ष में नहर की सफाई कार्य की प्रशंसा करते हुए अधिशाषी अभियंता से अपेक्षा की कि धान की नर्सरी हेतु तत्काल पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए एवं अभियान काल में नहरों का संचालन समुचित तरीके से किया जाये। डीडी कृषि ने बताया कि कि जनपद के ब्लॉक धौरहरा, रमियाबेहड़, ईसानगर व बाॅकेगंज आकांक्षी विकास खण्ड अन्तर्गत चयनित हैं, जिसमें कृषि उद्यान, पशुपालन आदि विभागों के कार्य प्राथमिकता पर कराये जाने के शासन के निर्देश हैं, ताकि कृषकों की आमदनी में वृद्वि हो सके। डीएचओ ने विभिन्न विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उद्यान विभाग की अधिकांश नगदी फसलें इन्हीं विकास खण्डों में ली जाती हैं, जिसके लिए पूरी तैयारी कर ली गयी। जनपद हेतु उद्यान विभाग के सभी कार्य समय से संचालित हैं। एडी (मत्स्य) ने विभाग योजनाओं के सम्बन्ध में जानकारी दी। डीएम ने निर्देशित किया कि जनपद में वाटर बाडी को दृष्टिगत रखते हुए मत्स्य पालन की अपार सम्भावनाएं हैं। अतः योजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार सुनिश्चित किया जाये, ताकि कृषक लाभान्वित हों।किसान क्रेडिट कार्ड, फसली ऋण एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के सम्बन्ध में जनपद के निर्धारित लक्ष्यों से अवगत कराते हुए उप कृषि निदेशक ने आश्वस्त किया कि अग्रणी जिला प्रबन्धक एवं विभागीय अधिकारियों के सहयोग से समन्वय स्थापित कर जनपद के निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति समय से सुनिश्चित की जायेगी। डीएम ने पुनः कड़े शब्दों में अधिक मूल्य पर उर्वरक बेचने वाले विक्रेताओं के विरूद्व कठोर कार्यवाही किये जाने के निर्देश के साथ बीज, उर्वरक, कृषि रक्षा रसायन आदि की समय से उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से अपेक्षा की नहर व नलकूप आदि का संचालन ठीक प्रकार से हो। इसी प्रकार किसान क्रेडिट कार्ड, किसान फसली ऋण की उपलब्धता बैंकों के माध्यम से सुलभ हो को सुनिश्चित कराया जाये। इस सम्बन्ध में अग्रणी जिला प्रबन्धक व कृषि विभाग के अधिकारी समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। कृषि, गन्ना, उद्यान, सहकारिता, पशुपालन, मत्स्य, दुग्ध विकास एवं रेशम आदि के अधिकारी व्यापक प्रचार प्रसार करते हुए कृषकों को लाभान्वित किया जाना सुनिश्चित करें






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