राजकीय इंटर कॉलेज लखीमपुर में भूकंप मॉक ड्रिल

लखीमपुर खीरी , 11

एनडीआरएफ और पुलिस ने ढही छत से घायल छात्रों को सुरक्षित निकाला,राहत-बचाव का जोरदार अभ्यास

 

लखीमपुर खीरी: जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लखीमपुर के निर्देश पर शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे राजकीय इंटर कॉलेज में एक वृहद भूकंप मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और विभागों के बीच आपसी समन्वय को परखने के लिए किए गए इस अभ्यास में एनडीआरएफ, पुलिस, और प्रशासनिक टीमों ने पूरी मुस्तैदी दिखाई।
मॉक ड्रिल के दौरान भूकंप के जोरदार झटकों से स्कूल के एक कमरे की छत गिरने और उसमें कई विद्यार्थियों के मलबे में दबकर घायल होने का काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग और एनडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं और राहत व बचाव अभियान शुरू किया। टीमों ने मलबे और मलबे जैसी स्थिति के बीच फंसे घायल विद्यार्थियों को बेहद सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें स्वास्थ्य विभाग के सुपुर्द किया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार देकर उन्हें मेडिकल कैंप भेजा गया।

गांधी विद्यालय में राहत शिविर और पुलिस लाइन में बना मेडिकल कैंप
इस आपदा अभ्यास के तहत शहर के गांधी विद्यालय में एक अस्थाई राहत शिविर स्थापित किया गया था, जहाँ प्रभावितों को सुरक्षित पहुँचाने का अभ्यास हुआ। वहीं, रिजर्व पुलिस लाइन में एक सर्वसुविधायुक्त मेडिकल कैंप बनाया गया था, जहाँ घायलों के त्वरित इलाज की व्यवस्था को परखा गया।

प्रशासन से लेकर एनसीसी कैडेट्स तक ने संभाली कमान

इस बड़े मॉक ड्रिल अभियान में जिले के आला अधिकारियों सहित कई सुरक्षा बलों और विभागों ने हिस्सा लिया,मुख्य भूमिकाएँ: एसएसबी थर्ड बटालियन के कमांडेंट प्रमोद देवरानी को पूरी ड्रिल का ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया था। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह रिस्पांसिबल ऑफिसर और सदर एसडीएम/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट चलुव राजु आर इंसिडेंट कमांडर की भूमिका में रहे।शामिल टीमें व अधिकारी,मॉक ड्रिल में तहसीलदार सदर मुकेश वर्मा, सीओ सिटी विवेक तिवारी, नायब तहसीलदार अश्वनी कुमार सिंह, और सदर कोतवाल राजेश सिंह मौजूद रहे। इसके अलावा एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, एसएसबी थर्ड बटालियन, नगर पालिका परिषद, स्वास्थ्य विभाग की टीमें, स्वयं सहायता समूह की महिलाएँ, एनसीसी कैडेट और राजकीय इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राएँ पूरी सक्रियता के साथ शामिल हुए।इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य भविष्य में आने वाली किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय जनहानि को रोकना और कम से कम समय में प्रभावी राहत कार्य संचालित करना है।

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