गंगा-जमुनी तहज़ीब की अनूठी मिसाल सपा प्रदेश सचिव रेहान खान ने दर्जनों हिंदू बहनों से बंधवाई राखी दिया सुरक्षा, सम्मान और आजीवन साथ निभाने का वचन

लखीमपुर खीरी , 4

राखी का धागा मज़हब से बड़ा, बहनों की सुरक्षा सर्वोपरि कर्तव्य: रेहान खान 

पलिया कलां खीरी। मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना इस प्रसिद्ध संदेश को धरातल पर साकार करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव रेहान खान ने एक बार फिर सामाजिक एकता और साम्प्रदायिक सौहार्द की ऐतिहासिक मिसाल पेश की है। भाई-बहन के अटूट प्रेम, अगाध विश्वास और सुरक्षा के पावन पर्व रक्षाबंधन पर पिछले दो दशकों से चली आ रही अपनी परंपरा को कायम रखते हुए उन्होंने दर्जनों हिंदू बहनों से राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। आवास पर रहा उत्सव जैसा माहौल, विधि-विधान से बांधी गई राखियां रक्षाबंधन के अवसर पर पलिया स्थित रेहान खान के आवास पर सुबह से ही उत्सव और आत्मीयता का माहौल देखा गया। क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में हिंदू बहनें उनके आवास पर पहुंचीं। बहनों ने पूरे विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनकी आरती उतारी, माथे पर रोली-चंदन का तिलक लगाया, मिठाई खिलाई और कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनकी दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और सफलता की मंगलकामना की।

रेहान खान ने सभी बहनों का पूरे सम्मान और गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। उन्होंने बड़ी बहनों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और छोटी बहनों को स्नेहपूर्वक उपहार भेंट किए। इस दौरान उन्होंने सभी बहनों को हर संकट और विपत्ति में ढाल बनकर खड़े रहने तथा उनकी गरिमा व सुरक्षा के लिए हमेशा समर्पित रहने का पक्का वचन दिया। इस भावुक और प्रेरणादायी क्षण पर बात करते हुए सपा प्रदेश सचिव रेहान खान ने कहा कि भाई-बहन का रिश्ता किसी जाति, धर्म या संप्रदाय की सीमाओं में नहीं बंधा होता। यह आत्मा से आत्मा को जोड़ने वाला प्रेम, त्याग और विश्वास का पवित्र बंधन है। उन्होंने कहा कि विगत दो दशकों से हिंदू बहनें मुझे अपना सगा भाई मानकर राखी बांधती आ रही हैं, जो मेरे लिए किसी बड़े सम्मान से कम नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि आज के दौर में जब समाज को आपसी प्रेम और भाईचारे की सबसे ज्यादा दरकार है, तब यह पावन रक्षासूत्र हमें यह सीख देता है कि हम सभी पहले इंसान और एक ही वतन की संतान हैं। किसी भी सभ्य समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब हमारी बहनें और बेटियां बिना किसी भय के पूरी तरह सुरक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त महसूस करें।
क्षेत्र में जमकर सराहना, गंगा-जमुनी तहज़ीब को मिली मजबूती

रेहान खान द्वारा बिना किसी भेदभाव के वर्षों से निभाई जा रही इस अनूठी परंपरा की पूरे लखीमपुर खीरी जिले में जोरदार चर्चा और प्रशंसा हो रही है। स्थानीय प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों और क्षेत्रवासियों का कहना है कि राजनीति और मजहबी दीवारों से ऊपर उठकर की गई यह पहल समाज को एकजुट रखने और गंगा-जमुनी तहज़ीब को जीवंत बनाए रखने में मील का पत्थर साबित हो रही है। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक, समर्थक और परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

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