3.5 एकड़ मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जा, ग्रामीणों ने मंडलायुक्त से लगाई गुहार
लखीमपुर खीरी Jun 23, 2026 at 09:10 AM , 3राजस्व रिकॉर्ड में मंदिर की जमीन 'आबादी' में दर्ज करने का आरोप
(हरिशंकर मिश्र)
*गोला गोकर्णनाथ खीरी।* तहसील गोला के ग्राम कौआखेड़ा में स्थित प्राचीन श्रीराम जानकी मंदिर की लगभग 3.5 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर की जमीन पर कई लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है और राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर गाटा संख्या 64 को 'आबादी' में दर्ज कर दिया गया है। इस संबंध में गांव निवासी रामकृष्ण राठौर ने मंडलायुक्त लखनऊ को प्रार्थना-पत्र देकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने और मंदिर के नाम पूर्ववत दर्ज कराने की मांग की है।
*क्या है पूरा मामला:* प्रार्थना-पत्र के अनुसार ग्राम कौआखेड़ा, परगना भूड़ में रामजानकी मंदिर के नाम से 3.5 एकड़ जमीन है, जिसका गाटा संख्या 64 है। ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थान पर पूर्व में भगवानपुर नाम का गांव बसा था। गांव के उजड़ने के बाद संत संतोष दास यहां आए और कुटी बनाकर रहने लगे। उन्होंने ही यहां रामजानकी मंदिर का निर्माण कराया और विधि-विधान से मूर्ति स्थापना करवाई।
ग्रामीणों का आरोप है कि देखभाल के अभाव में मंदिर छतिग्रस्त हो गया है। इसी का फायदा उठाकर कई लोगों ने मंदिर की आराजी पर अवैध कब्जा कर लिया है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि राजस्व अभिलेखों में मंदिर की जमीन को अब 'आबादी' में दर्ज कर दिया गया है, जबकि पूर्व में यह जमीन मंदिर के नाम ही दर्ज थी।
इस हेरफेर से गांव के लोग बेहद क्षुब्ध हैं। प्रार्थी रामकृष्ण राठौर के अनुसार ग्रामीण मंदिर के नाम जमीन को फिर से दर्ज कराना चाहते हैं और मंदिर के पुनर्निर्माण में सहयोग कर स्थान को सुरक्षित करना चाहते हैं। इससे पहले इस संबंध में उपजिलाधिकारी गोला को भी प्रार्थना-पत्र दिया गया था, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
मंडलायुक्त को दिए प्रार्थना-पत्र में मांग की गई है कि ग्राम कौआखेड़ा परगना भूड़ की गाटा संख्या 64/1.505 को पूर्ववत श्रीराम जानकी मंदिर के नाम दर्ज किया जाए और पूरी आराजी को अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश पारित किया जाए।
इस मामले में तहसील प्रशासन का कहना है कि प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुआ है। राजस्व टीम से पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी।































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