अमृत सरोवर में सुरक्षा नियमों की धज्जियाँ: बड़े हादसे का इंतजार कर रहे जिम्मेदार

लखीमपुर खीरी , 2

लखीमपुर खीरी। मथुरा-वृन्दावन के केसी घाट पर हुए हालिया दर्दनाक नाव हादसे से भी स्थानीय प्रशासन और अमृत सरोवर के ठेकेदार कोई सबक लेने को तैयार नहीं हैं।सीतापुर रोड पर महम्मदाबाद गाँव के निकट स्थित अमृत सरोवर (मानसरोवर) में मानकों को ताक पर रखकर नावों का संचालन धड़ल्ले से जारी है। यहाँ आने वाले भोले-भाले सैलानियों को बिना लाइफ जैकेट के ही नावों में बिठाकर गहरे पानी में उतारा जा रहा है, जो किसी बड़े हादसे को खुली दावत दे रहा है।
चंद रुपयों के लिए जिंदगी से खिलवाड़
सरोवर पर तैनात ठेकेदार और कर्मचारी नियमों के प्रति पूरी तरह लापरवाह बने हुए हैं। मात्र 100 रुपये के लालच में एक-एक नाव पर क्षमता से अधिक यानी चार-चार लोगों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण (लाइफ जैकेट) के बिठाया जा रहा है। बरसात का मौसम शुरू होने के कारण सरोवर में पानी का जलस्तर काफी बढ़ चुका है। ऐसे में बिना सुरक्षा के वोटिंग कराना सीधे तौर पर लोगों को मौत के मुंह में धकेलने जैसा है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अमृत सरोवर विभाग के जिम्मेदार अधिकारी, कमेटी के संचालक और ठेकेदार सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए हैं। हादसे के बाद केवल कागजी कार्रवाई और शोक जताने वाले ये जिम्मेदार अधिकारी फिलहाल मौन साधे हुए हैं। इस गंभीर लापरवाही पर जब उनसे जवाब माँगा जाता है, तो वे अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।उठते गंभीर सवाल,केसी घाट हादसे से सबक क्यों नहीं लिया गया,बिना लाइफ जैकेट नावों के संचालन की अनुमति किसने दी,क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे और मासूमों की मौत का इंतजार कर रहा है,100 रुपये के मुनाफे के आगे इंसानी जिंदगी की कीमत इतनी सस्ती क्यों,स्थानीय ग्रामीणों और पर्यटकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले का तुरंत संज्ञान लिया जाए। जब तक पुख्ता सुरक्षा इंतजाम और लाइफ जैकेट की व्यवस्था न हो, तब तक नावों के संचालन पर तुरंत रोक लगाई जाए, ताकि समय रहते किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।इस संबंध में जब जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी से जानकारी हेतु फोन किया गया किन्तु उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

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