स्थानीय निकाय अध्यक्ष परिषद की बैठक संपन्न

लखीमपुर खीरी , 10

(सुनील शर्मा)

लखीमपुर/लखनऊ। लखनऊ में स्थानीय निकाय अध्यक्ष परिषद की बैठक, अध्यक्षों ने सरकार के समक्ष रखीं जाने वाली प्रमुख मांगों के संबंध में बैठक आहुत हुई। 
स्थानीय निकाय अध्यक्ष परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा सोमवार को लखनऊ स्थित होटल सिल्वट पैलेस में एक महत्वपूर्ण बैठक एवं कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश भर से सैकड़ों नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्षों ने भाग लेकर स्थानीय निकायों से जुड़ी समस्याओं और मांगों पर चर्चा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने की। इस अवसर पर परिषद के संरक्षक एवं नगर पालिका परिषद संडीला के अध्यक्ष मोहम्मद रईस अंसारी, उपाध्यक्ष धर्मवीर अग्रवाल ,नेहा अवस्थी, रमहासचिव श्याम सुन्दर केसरी, संगठन मंत्री मो. आबिद अली, सचिव प्रेमलता राठौर, जितेन्द्र कुमार गुप्ता सहित राजकुमार मौर्य, विजय कुमार शुक्ला ‘रिंकू’तथा अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।बैठक में नगर पंचायत एवं नगर पालिका के कई अध्यक्षों ने भी सहभागिता की। इनमें नगर पंचायत अध्यक्ष अली मोहम्मद, नगर पालिका अध्यक्ष मोहम्मदी सन्दीप मेहरोत्रा, मैलानी नगर पंचायत अध्यक्ष कीर्ती महेश्वरी, खीरी , धौरहरा से नफ़ीस खा, सिंगाही से कय्यूम, प्रतिभा देवी ओयल नगर पंचायत अध्यक्ष, डॉ. उमाशंकर वैश्य नगर पंचायत अध्यक्ष रुपईडीहा, हरदोई नगर पालिका अध्यक्ष सुखसागर मिश्र, नगर पंचायत पाली के अध्यक्ष मोहम्मद रिजवान व बहराइच नगर पालिका अध्यक्ष श्याम करन टीकरवाल  सहित प्रदेश के विभिन्न निकायों के जनप्रतिनिधि शामिल रहे। बैठक के दौरान परिषद ने स्थानीय निकायों को अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार के समक्ष 14 सूत्रीय मांगपत्र प्रस्तुत किया। परिषद ने नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों को मिलने वाली शिष्टाचार निधि में वृद्धि, अध्यक्षों के लिए मानदेय, सुरक्षा हेतु निःशुल्क गनर, राज्यवित्त में जिला प्रशासन का हस्तक्षेप बंद हो तथा सचिवालय में स्थायी प्रवेश पास की व्यवस्था की मांग की। इसके अलावा परिषद ने प्रत्येक निकाय में अधिशासी अधिकारी एवं जूनियर इंजीनियर की स्थायी नियुक्ति, रिक्त पदों को शीघ्र भरने, अधिशासी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा निकाय अध्यक्षों के लिए प्रोटोकॉल व्यवस्था लागू करने तथा विभागीय स्तर पर चार पहिया वाहन उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई। परिषद ने यह भी मांग की कि प्रत्येक स्थानीय निकाय में कानून-व्यवस्था एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक उपनिरीक्षक और दो आरक्षियों की नियमित तैनाती की जाए। साथ ही, राज्य अतिथिगृहों एवं डाक बंगलों में निकाय अध्यक्षों को प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराया जाए। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय निकाय लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं। इनके निर्वाचित प्रतिनिधियों को पर्याप्त अधिकार, संसाधन और सुविधाएं मिलने से जनहित के कार्यों में तेजी आएगी तथा शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी। बैठक के अंत में परिषद पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार से मांगों पर सकारात्मक विचार कर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया।

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