*जैन संत आर्यिका माताजी साथ घटित घटना को लेकर गम्भीर हुए मंत्री नन्दी*
लखनऊ May 29, 2026 at 09:32 PM , 5*मंत्री नन्दी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की*
*पिछले दिनों जनपद ललितपुर में प्रवास के दौरान जैन समाज के प्रबुद्धजनों ने मंत्री नन्दी को सौंपा था ज्ञापन*
*जैन साधुओं का पैदल विहार उनकी सन्यास परम्परा का अटूट हिस्सा है*
*जैन मुनि एवं साध्वी समृद्ध आध्यात्मिक परम्परा के ध्वजवाहक हैंः नन्दी*
उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिख कर मध्य प्रदेश के रीवा जनपद में जैन मान्यता की पूज्य संत आर्यिका माताजी के साथ घटित दुर्घटना की निन्दा की है। साथ ही मंत्री नन्दी ने घटना को संज्ञान में लेकर सभी पहलुओं की जांच कराने एवं दोषियों के विरूद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने के लिए पत्र लिखा है।
मंत्री नन्दी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि विगत दिनों जनपद ललितपुर में प्रवास के दौरान श्री देवगढ़ मैनेजिंग दिगम्बर जैन कमेटी ललितपुर एवं श्री दिगम्बर जैन समाज पंचायत समिति ललितपुर से सम्बद्ध जैन समाज के प्रबुद्धजनों ने उनसे मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। जिसके जरिये बताया गया कि दिनांक 20 मई की सुबह मध्य प्रदेश के रीवां जनपद में आचार्य विद्यासागर महाराज की शिष्या पूज्य आर्यिका श्रुतमती माता जी और पूर्ज्य आर्यिका उपशममती माताजी पैदल विहार कर रही थी। इस दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार किसी वाहन ने टक्कर मार दी थी। इस घटना में दोनों की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। ज्ञापन के जरिये सभी ने पूरे प्रकरण की गहन एवं निष्पक्ष जांच का अनुरोध किया था। साथ ही पूरे मामले की एसआईटी या फिर न्यायिक जांच कराने, सीसीटीवी, वीडियो एवं अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए जाने, दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई किए जाने, संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए जाने की मांग की गई है।
मंत्री नन्दी ने कहा कि जैन साधुओं का पैदल विहार उनकी सन्यास परम्परा का अटूट हिस्सा है। विहारत साधु संत किसी भी प्रकार की सरक्षा, वाहन अथवा भौतिक सुविधाओं का उपयोग नहीं करते हैं और पूर्णतः अहिंसक एवं निहत्थे रह कर समाज को संयम, सदाचार और शांति का संदेश देते हैं। ऐसे में उनके साथ घटित हिंसक घटना किसी एक समाज का नहीं, बल्कि देश की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा से जुड़ा गम्भीर विषय है। यात्रा के दौरान समुचित सुरक्षा का अभाव एवं अवांछित घटनाओं की आशंका एक गम्भीर विषय है। इस दुर्घटना ने ऐसी आशंकाओं के समाधान की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
कहा कि जैन मुनि एवं साध्वी एक ऐसी समृद्ध आध्यात्मिक परम्परा के ध्वजवाहक हैं, जिसने सदैव अहिंसा परमो धर्मः के सिद्धान्त को सर्वोपरि रखा है। मनसा-वाचा-कर्मणा किसी भी रूप में कटुता की अभिव्यक्ति को पूर्णतः निषेध किया है। अहिंसक, शांतिप्रिय एवं धर्म मार्ग में निमग्न साधनी के साथ ऐसी घटना अत्यंत चिंताजनक है। ऐसे में ज्ञापन में वर्णित विषय का संज्ञान लेकर घटना के सभी पहलुओं की जांच एवं दोषियों के विरूद्ध कठोरतम कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।






























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