मुख्यमंत्री अमर उजाला के 78वें स्थापना वर्ष समारोह ‘अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश : स्वर्णिम शताब्दी की ओर’ कार्यक्रम में सम्मिलित हुए
लखनऊ May 18, 2026 at 10:38 PM , 5हिन्दी पत्रकारिता का स्वर्णिम इतिहास, लेखनी के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में समाज की आवाज को नई ऊँचाई देने का कार्य किया : मुख्यमंत्री
अमर उजाला परिवार ने 78 वर्ष की यात्रा में उस विश्वसनीयता पर खरा उतरने का प्रयास किया
लोकतंत्र के आधार में विधायिका, न्यायपालिका तथा कार्यपालिका के साथ-साथ मीडिया की सशक्त भूमिका
सकारात्मक रिपोर्टिंग सिस्टम को प्रगति और समृद्धि के नये सोपान की ओर ले जाती
आज उ0प्र0 की प्रगति देश व दुनिया के सामने देखने को मिल रही, 09 वर्षों में सरकार ने सकारात्मक रूप से प्रदेश की विकास यात्रा को बिना भेदभाव आगे बढ़ाया
वर्ष 2047 में जब देश अपनी आजादी का शताब्दी महोत्सव मना रहा होगा, हम आत्मनिर्भर और विकसित उ0प्र0 की संकल्पना को साकार करते हुए दिखायी देंगे
उ0प्र0 सरकार द्वारा नेपाल, बिहार और झारखण्ड की सीमा पर मैत्री द्वार बनवाये गये
आज प्रदेश में 17 एयरपोर्ट संचालित, 05 एयरपोर्ट पर कार्य चल रहा, प्रदेश में अब 05 इण्टरनेशनल एयरपोर्ट
आज प्रदेश की गिनती देश की टॉप 03 इकोनॉमी में होती, प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त
आज उ0प्र0 के पास 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मौजूद, इसमें से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों की ग्राउण्ड ब्रेकिंग हो चुकी
प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक
रक्षा के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उ0प्र0 में ब्रह्मोस मिसाइलें व ड्रोन बन रहे
प्रधानमंत्री जी ने देशवासियों से कार पूलिंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने तथा ईंधन बचाने में अपना योगदान देने का आह्वान किया
आगामी 03-04 वर्षों में उ0प्र0 01 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के लक्ष्य को प्राप्त करते हुए भारत की टॉप अर्थव्यवस्था बनेगा
लखनऊ : 18 मई, 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि अमर उजाला की 78 वर्षों की शानदार यात्रा में हिन्दी पत्रकारिता अनेक मुद्दों की ओर हमारा ध्यान आकर्षित करती रही है। हिन्दी पत्रकारिता का एक स्वर्णिम इतिहास है। भारतेन्दु हरिश्चन्द्र जी ने हिन्दी पत्रकारिता को राष्ट्रीय स्वर देकर नई ऊँचाइयाँ प्रदान की। प्रत्येक व्यक्ति उनका स्मरण करता है। भारत की आजादी के आन्दोलन में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का नाम प्रत्येक उस भारतीय के जुबान पर है, जो भारत की आजादी का समर्थक रहा है। तिलक जी की लेखनी तथा पत्रकारिता ने उस समय भारत की आजादी को एक नई दिशा प्रदान की। कालान्तर में भारत की आजादी के महानायक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने पत्रकारिता को आन्दोलन का आधार बनाया था। कानपुर में गणेश शंकर विद्यार्थी ने पत्रकारिता को देश की स्वाधीनता और सामाजिक न्याय का आधार बनाने का कार्य किया।
मुख्यमंत्री जी आज यहाँ अमर उजाला के 78वें स्थापना वर्ष समारोह ‘अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश : स्वर्णिम शताब्दी की ओर’ कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने अमर उजाला नेशनल ओलम्पियाड, 2025-26 के विजेताओं को सम्मानित किया। इसके साथ ही, उन्होंने अमर उजाला की पहल ‘दिशा’ के विजेताओं को सम्मानित किया। उन्होंने यू0पी0 अचीवर्स पत्रिका का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता की एक लम्बी श्रृंखला है, जब लेखनी के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में समाज की आवाज को नई ऊँचाई देने का कार्य किया गया। सन् 1975 में जब भारत के लोकतंत्र का गला घोटने का प्रयास हुआ, तब भी पत्रकारिता ने अनेक मूर्धन्य और क्रान्ति को स्वर देने वाले सम्पादक तथा रिपोर्टर दिये, जिन्होंने लोकतंत्र का गला घोटने नहीं दिया। उन्होंने भारत में लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए आगे आकर योगदान दिया। लोकतंत्र के आधार में विधायिका, न्यायपालिका तथा कार्यपालिका के साथ-साथ मीडिया की भी सशक्त भूमिका होती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज के परिप्रेक्ष्य में मीडिया की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। टेक्नोलॉजी काफी फास्ट हो चुकी है। डीप-फेक का खतरा हर एक के ऊपर मण्डरा रहा है। यदि मीडिया अपनी रिपोर्टिंग को सनसनी का आधार बनाने के बजाए, उसे संवेदनशील बनकर सकारात्मक रूप देती है, तो लॉ एण्ड ऑर्डर की समस्या नहीं खड़ी होगी। सनसनी उत्पन्न करने वाली न्यूज तात्कालिक रूप से किसी व्यक्ति, रिपोर्टर, समाचार पत्र तथा मीडिया ग्रुप को लाभ दे सकती है, लेकिन जब वही न्यूज फेक निकलती है, तो उसे कटघरे में भी खड़ा होना पड़ता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार हमेशा तत्पर है कि किसी भी परिस्थिति में यहाँ फिर से कर्फ्यू न लगे, दंगों की शुरुआत न हों तथा अराजकता की छूट किसी को न दी जाए। संवेदनशील और सकारात्मक रिपोर्टिंग मीडिया के स्तर व लोकतंत्र के प्रति उसकी जवाबदेही व जिम्मेदारी को और भी विश्वसनीय बनाती है। अमर उजाला परिवार ने 78 वर्ष की यात्रा में उस विश्वसनीयता पर खरा उतरने का प्रयास किया है। वर्तमान की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार किया है। नकारात्मक रिपोर्टिंग सिस्टम को हमेशा दुष्परिणामों और दुर्गति की ओर लेकर जाती है। सकारात्मक रिपोर्टिंग सिस्टम को प्रगति और समृद्धि के नये सोपान की ओर लेकर जाती है। इसी सकारात्मक भाव से प्रदेश सरकार ने विगत 09 वर्ष पूर्व कार्य करना प्रारम्भ किया था। आज उत्तर प्रदेश की प्रगति देश व दुनिया के सामने देखने को मिल रही हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में भारत के लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने तथा लोकतंत्र के प्रति अपने कर्तव्यों को जानना हम सभी के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। व्यक्ति अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य करते हैं, लेकिन उनके स्वर कभी-कभी ट्रेड यूनियन जैसे दिखायी देने लगते हैं। ट्रेड यूनियन की प्रवृत्ति कभी भी सकारात्मक नहीं रही है। जहाँ पर यह प्रवृत्ति पनपी है, वहाँ पर किसी का कल्याण नहीं हुआ है। ‘अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काज’ की तर्ज पर वह पूरी व्यवस्था को खोखला बनाने का कार्य करते हैं। इसके अनेक उदाहरण हैं। जैसे एक समय कानपुर देश के, समृद्धतम शहरां में से एक था। वहाँ के लोग गौरव तथा गरिमा के साथ उद्योगों में कार्य करते थे। लेकिन ट्रेड यूनियन की प्रवृत्ति ने उद्योगां का नष्ट कर दिया। उद्योगों में कार्यरत श्रमिक और कार्मिक ट्रेड यूनियम की प्रवृत्तियों का शिकार बन गये।
आज से 09 वर्ष पूर्व सरकार के समक्ष चुनौतियाँ थी। प्रत्येक जिले में माफिया की समानान्तर सत्ता संचालित थी। शिक्षक, चिकित्सक, व्यापारी या समाज से जुड़े हुए अन्य लोग परेशान थे। प्रदेश में बेटी सुरक्षित नहीं थी। बेटी जब बड़ी होती थी, तो उसको पढ़ाई करने के लिए घर के बाहर, दूसरे प्रदेश में छात्रावास या रिश्तेदारी में भेजना पड़ता था। प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर का अभाव था। प्रदेश की पहचान सड़कों के गड्ढों और रात्रि के अन्धेरे से होती थी। प्रदेश का खजाना खाली था। कोई बैंकर पैसा देने को तैयार नहीं था। 09 वर्षों में हमारी सरकार ने सकारात्मक रूप से प्रदेश की विकास यात्रा को जाति, क्षेत्र, भाषा, मत और मजहब का भेदभाव किए बिना आगे बढ़ाने का काम किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रत्येक प्रदेशवासी हमारे परिवार का हिस्सा है। हमें समग्र विकास के लक्ष्य को लेकर कार्य करना है। मुख्यमंत्री बनते समय जब पावर कॉरपोरेशन के लोगों ने गोरखपुर में 24 घण्टे बिजली देने का प्रस्ताव रखा, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से मना करते हुये कहा कि जिस दिन प्रदेश के सभी जनपदों में हम 24 घण्टे बिजली देंगे, उस दिन गोरखपुर में भी 24 घण्टे मिलेगी। प्रदेश सरकार सभी 75 जनपदों, 350 तहसीलों, 825 विकास खण्डों, 762 नगर निकायों, 14,000 वॉर्डों और 01 लाख 05 हजार राजस्व गाँवों में बिना भेदभाव विकास कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में उत्तर प्रदेश टॉप 02 राज्यों में है। देश के 60 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के अन्दर हैं। उत्तर प्रदेश की नेपाल, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखण्ड और दिल्ली के साथ 4-लेन कनेक्टिविटी है। प्रदेश का प्रत्येक जिला मुख्यालय 4-लेन के साथ, तहसील मुख्यालय 2-लेन या 4-लेन के साथ और प्रत्येक ब्लॉक मुख्यालय 2-लेन के साथ जुड़ा है। गाँव-गाँव तथा शहर-शहर अच्छी रोड कनेक्टिविटी है। प्रदेश में रेलवे का अच्छा नेटवर्क है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भारत और नेपाल की सीमा पर भारत-नेपाल मैत्री द्वार बनवाया गया है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश-बिहार, उत्तर प्रदेश-झारखण्ड मैत्री द्वार बनवाये गये हैं। ईस्टर्न एण्ड वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर उत्तर प्रदेश से गुजरते हैं और इनका जंक्शन भी प्रदेश में ही है, जहाँ वर्ल्ड क्लास लॉजिस्टिक हब स्थापित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 के पूर्व प्रदेश में मात्र 02 एयरपोर्ट लखनऊ एवं वाराणसी में संचालित थे। गोरखपुर और आगरा के एयरपोर्ट आंशिक रूप से संचालित थे। आज प्रदेश में 17 एयरपोर्ट संचालित हैं और 05 अन्य एयरपोर्ट पर कार्य चल रहा है। प्रदेश में अब 05 इण्टरनेशनल एयरपोर्ट हैं। भारत का सबसे बड़ा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट ‘नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट’ जनपद गौतमबुद्धनगर में बन चुका है और 15 जून, 2026 से वहाँ से डोमेस्टिक सेवा शुरू होने जा रही है। विगत माह प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से भारत के सबसे लम्बा एक्सप्रेस-वे गंगा एक्सप्रेस-वे राष्ट्र को समर्पित हो चुका है। देश की पहली रैपिड रेल प्रदेश में संचालित हो चुकी है। देश का पहला इनलैण्ड वॉटर-वे वाराणसी से हल्दिया के बीच प्रारम्भ हो चुका है। 07 शहरां में मेट्रो सेवा के साथ उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक शहरों में मेट्रो संचालित करने वाला राज्य है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। सरकार ने विगत 09 वर्ष में 65 लाख गरीबों को एक-एक मकान उपलब्ध कराया है। 02 करोड़ 61 लाख गरीबों के घरों में शौचालय बनवाए गए। पहले बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर शौच करते थे, जिससे गन्दगी होती थी। इन शौचालयां से नारी गरिमा की रक्षा हुई है तथा बीमारियों से मुक्ति मिली है। प्रदेश में करोड़ों लोगों को आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवायी गयी है। इसके अन्तर्गत 05 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर हम लोगों ने उपलब्ध करवाया है। 15 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। गाँव-गाँव में कनेक्टिविटी के साथ इलेक्ट्रिसिटी की व्यवस्था है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में स्वयं का रेवेन्यू जेनरेट करने की दिशा में काफी कार्य किया है। पहले प्रदेश को देश के बीमारू राज्यों की श्रेणी में गिना जाता था। उत्तर प्रदेश अर्थव्यवस्था के मामले में बॉटम थ्री में आता था। आज प्रदेश की गिनती देश की टॉप 03 इकोनॉमी में होती है। प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की। प्रदेश की 12 लाख करोड़ रुपये की कुल जी0एस0डी0पी0 बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये हो गयी है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 43,000 रुपये से बढ़कर 1,20,000 रुपये से अधिक हो चुकी है। उत्तर प्रदेश के बजट के दायरे को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त हुयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 09 वर्ष पूर्व प्रदेश में पॉलिसी पैरालिसिस की स्थिति थी। आज कोई पॉलिसी पैरालिसिस नहीं है। प्रदेश में 34 सेक्टोरल पॉलिसीज हैं, जो देश में सर्वाधिक है। हमारे पास सिंगल विण्डो प्लेटफॉर्म निवेश सारथी व निवेश मित्र हैं। प्रत्येक इन्वेस्टर की समस्या का समाधान सिंगल विण्डो प्लेटफॉर्म के माध्यम से करके देश के अन्दर सर्वाधिक निवेश लाने में उत्तर प्रदेश ने सफलता प्राप्त की है। लैण्ड बैंक तथा सुरक्षा के बेहतर माहौल के कारण प्रदेश में बड़े निवेश आ रहे हैं। आज उत्तर प्रदेश के पास 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मौजूद हैं। इसमें से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों की ग्राउण्ड ब्रेकिंग हो चुकी है। 07 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव पाइप लाइन में हैं, जिनकी जल्द ही ग्राउण्ड ब्रेकिंग करवायी जाएगी। प्रदेश में होने वाला इन्वेस्टमेण्ट अपने साथ एम्प्लॉयमेण्ट भी लेकर आता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में सुरक्षा के माहौल के परिणामस्वरूप विमेन वर्क फोर्स 12-13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। पहले महिलाएँ दिन में भी कार्य के लिए जाने से डरती थीं और छात्राएँ स्कूल जाने से डरती थीं। आज वह रात्रि की शिफ्ट में भी कार्य कर रही हैं और सकुशल अपने घर में वापस आती हैं। यह नए उत्तर प्रदेश की पहचान है। आज प्रदेश में 56 फीसदी वर्क फोर्स है। अलग-अलग स्टेजेज पर इसकी स्किलिंग के लिए प्रदेश सरकार ने कार्य प्रारम्भ किया है। उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं, बल्कि देश का रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। प्रदेश विगत 06 वर्षों से लगातार रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बना हुआ है। प्रदेश में अब पर्याप्त रेवेन्यू रिसोर्सेज हो गये हैं, जिससे अब किसी के सामने हाथ फैलाने की नौबत नहीं आएगी। अनलिमिटेड पोटेंशियल स्टेट के रूप में उत्तर प्रदेश एक शानदार यात्रा के लिये आगे बढ़ चुका है। पहले उत्तर प्रदेश के युवाओं के समक्ष पहचान का संकट था, जबकि प्रदेश में विकास की सभी सम्भावनाएँ मौजूद थीं।
देश और दुनिया में अकेला उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य है, जिसकी 86 प्रतिशत से अधिक भूमि सिंचित है। कई विकसित देशों में सिंचित भूमि 15-20 प्रतिशत से अधिक नहीं है। प्रदेश का अन्नदाता किसान एक साथ तीन-तीन फसलें प्राप्त करता है। यदि सरकार अन्नदाता किसानों को तकनीक के साथ जोड़कर सपोर्ट करे, तो वह पूरी दुनिया का पेट भरने के लिए अन्न उत्पादित कर सकते हैं। प्रदेश में एग्रीकल्चर प्रोडक्शन बढ़ा है। हमने आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त किया है। हम प्रदेश की आवश्यकता से कई गुना अधिक खाद्यान्न उत्पादन उत्पादन कर रहे हैं। यहाँ वेजिटेबल्स, फ्रूट्स तथा दूध का भी उत्पादन हो रहा है। आज प्रदेश में कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढकर 18 प्रतिशत पहुँच गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यदि गाँव, नगर तथा जनपद आत्मनिर्भर नहीं होंगे, तो प्रदेश तथा देश आत्मनिर्भर नहीं हो सकता। आज उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले का एक यूनिक प्रोडक्ट है, जो उसकी पहचान बन चुका है। प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगी। यही आत्मनिर्भर भारत का राज है। आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। हम ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ के बाद ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन’ की तरफ आगे बढ़ चुके हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में 09 लाख से अधिक नौजवानों को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है। एम0एस0एम0ई0 यूनिट का प्रदेश का बेहतरीन बेस मृतप्राय हो गया था, जिसे पुनर्जीवित किया गया। प्रदेश की 96 लाख एम0एस0एम0ई0 यूनिट में 03 करोड़ से अधिक लोग आज प्रदेश में ही रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में एम0एस0एम0ई0 की यूनिटें तेजी से बढ़ रही हैं। प्रदेश सरकार ने इसे टेक्नोलॉजी, पैकेजिंग तथा मार्केटिंग के साथ जोड़ा। परिणामस्वरूप, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट‘ योजना के माध्यम से आज एम0एस0एम0ई0 इकाइयाँ भारत का ब्राण्ड बन गयी हैं। जब बिना भेदभाव कार्य करने की इच्छा शक्ति होती है, तो सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं।
रक्षा के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश में युद्ध में काम आने वाली ब्रह्मोस मिसाइलें व ड्रोन के साथ-साथ खेतों में केमिकल और फर्टिलाइजर के छिड़काव के लिए उपयोग किए जाने वाले ड्रोन बन रहे हैं। प्रदेश में आज डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर सहित प्रत्येक फील्ड में काम हो रहा है। अब तक 35,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से ज्यादातर की ग्राउण्ड ब्रेकिंग और प्रोडक्शन प्रारम्भ हो चुका है। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर ने प्रदेश को नई पहचान दिलायी है। उत्तर प्रदेश अब भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता में अपना योगदान देने के लिए तत्परता के साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री जी के विजन को धरातल पर उतारने वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश मजबूती के साथ आगे बढ़ा है।
विगत 09 वर्षों में किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप, आज उत्तर प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन दिखायी दे रहा है। यह नया उत्तर प्रदेश दंगा तथा कर्फ्यू मुक्त है। यहाँ के युवा अपने ही जनपद और गाँव में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। बिना भेदभाव शासन की सेवाओं में भागीदारी प्राप्त हो रही है। निजी क्षेत्रों में कार्य करने के साथ ही एम0एस0एम0ई0 यूनिटों में योगदान दे रहे हैं। युवा स्वयं का स्टार्ट-अप भी स्थापित कर रहे हैं। जो समाज अपने कामगारों, किसानों, युवाओं को उपेक्षित करता हो, वह प्रगति की सम्भावनाओं को बाधित कर देता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की सड़कों पर नमाज नहीं होती है। सड़क आम नागरिक, बीमार व्यक्ति, कामगार, कर्मचारी तथा व्यापारी के चलने के लिए होती है। सड़कों पर आवागमन बाधित करने का अधिकार किसी व्यक्ति को नहीं है। प्रदेश में कानून का राज सभी पर समान रूप से लागू है। सरकार का नियम सार्वभौम है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान में पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध का संकट देश व दुनिया के सामने चुनौती है। दुनिया के अनेक देशो में महंगाई तथा पेट्रोलियम उत्पादों के दाम कई गुना बढ़े हैं, लेकिन प्रधानमंत्री जी ने संकट के इन 60 दिनों के दौरान देशवासियों पर अतिरिक्त बोझ नहीं आने दिया। भारत में इसे नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री जी ने देशवासियों से कार पूलिंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने तथा ईंधन बचाने में अपना योगदान देने का आह्वान किया है। इसका परिणाम आज सड़कों पर दिखायी दे रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जब देश एक दिशा में सोचता है, तो बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। जब एक साथ चलता है, तो देश प्रगति के पथ पर अग्रसर होता है। यह प्रगति देश तथा प्रदेश में देखने को मिल रही है। एक दिशा में सोचने का परिणाम है कि लगभग 500 वर्षों की समस्या का समाधान हुआ और अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मन्दिर का निर्माण हुआ। एक दिशा में सोचने के ही परिणामस्वरूप हम कोरोना काल के दौरान बेहतरीन कोविड प्रबन्धन करने में सफल हुए हैं। इसी प्रकार यदि सभी देशवासी मिलकर एक साथ, एक दिशा में चलेंगे, तो पश्चिम एशिया के संकट का सामना आसानी से कर पाएंगे। साथ ही, देश के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करने में सफलता प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने 01 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्ष 2047 में जब देश अपनी आजादी का शताब्दी महोत्सव मना रहा होगा, उस अवसर पर हम आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश की संकल्पना को साकार करते हुए दिखायी देंगे। इस दिशा में प्रदेश ने विकास दर को मजबूती के साथ आगे बढ़ाया है। विगत 09 वर्ष की यात्रा में अनेक उतार-चढ़ाव तथा चुनौतियाँ आयीं, लेकिन इन सबके बावजूद प्रगति की दिशा निरन्तर आगे बढ़ती रही। आगामी 03-04 वर्षों में उत्तर प्रदेश 01 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के लक्ष्य को प्राप्त करते हुए भारत की टॉप अर्थव्यवस्था बनेगा। उत्तर प्रदेश अनलिमिटेड पोटेंशियल राज्य के रूप में अपनी शानदार यात्रा को आगे बढ़ाएगा।
इस अवसर पर परमार्थ निकेतन आश्रम ऋषिकेश, उत्तराखण्ड के प्रमुख स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, अभिनेता जैकी श्रॉफ, अमर उजाला के प्रबन्ध निदेशक श्री तन्मय माहेश्वरी, अमर उजाला के प्रेसिडेण्ट श्री वरुण माहेश्वरी, अमर उजाला के सम्पादक डॉ0 इन्दु शेखर पंचोली, अमर उजाला लखनऊ संस्करण के सम्पादक श्री विजय त्रिपाठी, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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