*उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा 712.40 लाख रूपये की लागत से 08 संरक्षित स्मारकों का कार्य पूरा कराया गया*
लखनऊ May 14, 2026 at 08:18 PM , 4*ऐतिहासिक एवं धार्मिक पुरास्थल युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा के स्रोत*
*-जयवीर सिंह*
*लखनऊ: 14 मई, 2026*
संस्कृति विभाग के अधीन पुरातत्व निदेशालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में बजट के सापेक्ष जारी वित्तीय स्वीकृतियाँ एवं किये गये कार्यों की प्रगति आदि के लिए प्रावधानित बजट 08 करोड़ रूपये से संरक्षित स्मारकों एवं पुरास्थलों का कन्जर्वेशन एवं रेस्टोरेशन कार्य कराया है। इसके तहत मार्च 2026 तक 712.40 लाख रूपये की धनराशि व्यय हुई है।
यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि संरक्षित स्मारक शिव मंदिर, अलावलपुर सीतापुर का 93.76 लाख रूपये व्यय कर पेन्टिंग कन्जर्वेशन सहित सभी कार्य पूर्ण कराये गये है। इसी प्रकार संरक्षित स्मारक तुलारामतालाब एवं शिव मंदिर, फतेहपुर का 133.83 लाख रूपये से तालाब की सीढ़ियों का रेस्टोरेशन सहित सभी कार्य पूरे कराये गये है।
जयवीर सिंह ने बताया कि संरक्षित पुरास्थल हुलासखेड़ा, मोहनलालगंज, लखनऊ के समस्त कार्य 167.74 लाख रूपये से पूर्ण हो चुकें है। इसके अलावा संरक्षित स्मारक कबीरदास की समाधि एवं मजार जनपद संतकबीर नगर का कार्य 16.78 लाख रूपये से पूरा कराये गये है। इसके अतिरिक्त महत्वपूर्ण संरक्षित स्मारक स्थलों पर संास्कृतिक सूचना पटटों की स्थापना का कार्य 18.31 लाख रूपये की धनराशि से कराया गया है।
जयवीर सिंह ने बताया कि संरक्षित स्मारक उत्खनन स्थल बनरसिहा कला, जनपद महाराजगंज का कार्य 146.73 लाख रूपये तथा संरक्षित स्मारक टिकैत राय शिव मंदिर बिठूर कानपुर नगर का कार्य 78.96 लाख रूपये तथा संरक्षित स्मारक टिकैत राय शिव मंदिर बिठूर कानपुर नगर का कार्य भी 56.29 लाख रूपय की धनराशि से पूरा कराया गया है।
जयवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश में ऐतिहासिक महत्व के प्राचील स्थल बड़ी संख्या में स्थित है, जो सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से अतिमहत्वपूर्ण है इनको संरक्षित करके अगली पीढ़ी के लिए अक्षुण्ण रखना आवश्यक है। प्रदेश की समृद्ध संस्कृत तथा ऐतिहासिक विरासत की पहचान भी बनाये रखना है, जिससे शोधकर्ता एवं पर्यटकों का आगमन बढ़ सके।































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