छह लावारिस मरीजों को मिला अपना घर, आश्रय के साथ होगी उचित देखभाल

लखीमपुर खीरी , 132

आश्रय हेतु जिला चिकित्सालय से अपना घर भरतपुर राजस्थान भेजे गए 6 लावारिस मरीज


लखीमपुर खीरी। पुलिस व समाजसेवियों व अन्य माध्यमों से जिला चिकित्सालय संबद्ध स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय मोतीपुर ओयल में इलाज हेतु भर्ती कराए गए छह लावारिस मरीजों को आश्रय हेतु अपना घर भरतपुर राजस्थान भेजा गया। जहां इन सभी को न सिर्फ आश्रय मिलेगा, बल्कि समुचित देखभाल भी हो सकेगी। इसमें कुछ मरीज मानसिक विक्षिप्त भी थे।
 
जिला चिकित्सालय सीएमएस डॉ आरके कोली ने बताया कि राजस्थान के भरतपुर में बना अपना घर आश्रम ऐसे लावारिस व मानसिक विक्षिप्त मरीजों के लिए अपने घर जैसा ही है, जहां न सिर्फ उन्हें रहने का एक ठिकाना मिलता है, बल्कि इलाज व उचित देखभाल भी होती है। जिला चिकित्सालय में इन मरीजों को पुलिस व समाजसेवियों द्वारा अलग-अलग स्थान से इलाज हेतु भर्ती कराया गया था, जिनका इलाज लगातार चिकित्सालय में चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा था। इन्हें दवा, भोजन आदि भी चिकित्सालय प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा था, परंतु इन सभी को एक आश्रय, एक घर की आवश्यकता थी, इस हेतु उन्होंने उच्च अधिकारियों से पत्राचार किया और अपना घर भरतपुर राजस्थान के प्रबंधन से भी पत्राचार किया। जिसके बाद मंगलवार की शाम अपना घर भरतपुर राजस्थान से तीन सदस्यीय टीम वाहन के साथ जिला चिकित्सालय मोतीपुर ओयल पहुंची और बुधवार की सुबह सभी छह लावारिस मरीजों को सकुशल वाहन में बिठाकर अपना घर भरतपुर राजस्थान के लिए रवाना कर दिया गया है। इन सभी के स्वास्थ्य की जानकारी समय-समय पर जिला चिकित्सालय प्रबंधन द्वारा ली जाती रहेगी। सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता ने बताया कि लावारिस व मानसिक विक्षिप्त मरीजों के लिए अपना घर उनके घर जैसा ही है जहां उन्हें तमाम सुविधाएं मिलतीं हैं। उन्होंने समाजसेवियों और आम जनमानस से अपील करी कि लोग बढ़-चढ़ के ऐसे लोगों की मदद करें और उन्हें सही स्थान पर पहुंचाएं। साथ ही उन्होंने ने बताया कि इससे पहले भी दो लावारिस मरीजों को जिला चिकित्सालय से अपना घर भरतपुर राजस्थान भेजा जा चुका है। इस दौरान बाल रोग विशेषज्ञ डॉ आरपी वर्मा, काउंसलर देवनंदन श्रीवास्तव, मैट्रन रेशमा, नर्सिंग ऑफिसर वर्षा सिंह, अंजलि, राधा, राधिका व मीरा आदि मौजूद रहे।

Related Articles

Comments

Back to Top