ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक में जयपुर घोषणापत्र पर बनी सहमति, पर्यटन सहयोग को मिलेगी नई दिशा

राजस्थान , 22

 **जयपुर, 21 अगस्त।** भारत की अध्यक्षता में जयपुर में आयोजित ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक का शुक्रवार को समापन हो गया। बैठक के अंत में ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की साझा विज्ञप्ति-2026 को सर्वसम्मति से अपनाया गया, जिसे **‘जयपुर घोषणापत्र’** नाम दिया गया है। यह घोषणापत्र ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच पर्यटन सहयोग को मजबूत करने और पर्यटन क्षेत्र में साझा प्रयासों को नई दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगा।
 
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री **गजेंद्र सिंह शेखावत** ने की। भारत की वर्ष 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित यह बैठक पर्यटन ट्रैक का समापन सत्र था। भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान पर्यटन क्षेत्र में **‘रेजिलिएंस, इनोवेशन, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’** की थीम पर सहयोग को आगे बढ़ाया।
 
नौ ब्रिक्स देशों की रही भागीदारी
 
बैठक में नौ ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। मंत्री स्तर पर ब्राजील के पर्यटन मंत्री गुस्तावो कोस्टा फेलिसियानो, ईरान के सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन एवं हस्तशिल्प मंत्री रेजा सलेही अमीरी, दक्षिण अफ्रीका की पर्यटन मंत्री पेट्रीसिया डी लिली तथा संयुक्त अरब अमीरात के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तूक अल मर्री शामिल हुए। चीन, इथियोपिया, इंडोनेशिया और रूस के प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों ने भी बैठक में भाग लिया।
 
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार, संयुक्त सचिव हरिकिशोर एस. सहित पर्यटन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
 
चार प्रमुख प्राथमिकताओं पर रहा फोकस
 
जयपुर घोषणापत्र भारत की अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स पर्यटन कार्य समूह द्वारा किए गए कार्यों और विचार-विमर्श का परिणाम है। इसमें पर्यटन क्षेत्र से जुड़े चार प्रमुख विषयों को प्राथमिकता दी गई है। इनमें **कृत्रिम बुद्धिमत्ता और पर्यटन, स्थिरता एवं जिम्मेदार पर्यटन, पर्यटन कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण तथा पर्यटन आदान-प्रदान और निर्बाध यात्रा सुविधा** प्रमुख हैं।
 
घोषणापत्र में पर्यटन क्षेत्र में जिम्मेदार, सुरक्षित और मानव-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा डिजिटल तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। एआई का उपयोग पर्यटन नियोजन, गंतव्य प्रबंधन, पर्यटक सेवाओं, बहुभाषी संचार और यात्रा सुविधाओं को बेहतर बनाने में किए जाने की दिशा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
 
समुदाय आधारित पर्यटन को बढ़ावा
 
घोषणापत्र में स्थायी एवं समुदाय-केंद्रित पर्यटन के विकास को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, पर्यटन निवेश एवं बुनियादी ढांचे के विकास, नए पर्यटन उत्पादों के निर्माण और उनके प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया।
 
इसके साथ ही पर्यटन क्षेत्र में निरंतर कौशल विकास, उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच साझेदारी, पर्यटन संबंधी आंकड़ों के आदान-प्रदान और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने की दिशा में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की बात कही गई है। लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने और सदस्य देशों के नागरिकों के लिए पर्यटन एवं यात्रा को अधिक सुगम बनाने पर भी विशेष बल दिया गया।
 
पर्यटन लोगों को जोड़ता है’
 
बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में पर्यटन क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। पर्यटन की क्षमता केवल बड़े आर्थिक केंद्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विकास और रोजगार के अवसरों को कस्बों, गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचा सकता है।
 
उन्होंने कहा कि पर्यटन होटल और होमस्टे संचालकों से लेकर टैक्सी चालकों, गाइडों, कारीगरों, बुनकरों, किसानों और उद्यमियों तक लाखों लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार एवं आजीविका के अवसर पैदा करता है।
 
शेखावत ने कहा कि भारत पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र को आर्थिक रूप से समृद्ध, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार, तकनीक-सक्षम और सांस्कृतिक रूप से प्रामाणिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा, **“पर्यटन अंततः लोगों को जोड़ता है। यह समुदायों के लिए अवसर पैदा करता है, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को संभव बनाता है और हमारे देशों के नागरिकों को सरकारों के बीच औपचारिक संबंधों से परे एक-दूसरे को समझने का मौका देता है।”**
 
भारत ने चार देशों के साथ की द्विपक्षीय बैठकें
 
ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत ने ब्राजील, ईरान, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। इन बैठकों में संबंधित देशों के मंत्री स्तर के प्रतिनिधिमंडलों के साथ पर्यटन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, अनुभव साझा करने और आपसी पर्यटन संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
 
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत पर्यटन ट्रैक पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी बैठक के परिणामों और जयपुर घोषणापत्र के प्रमुख बिंदुओं की जानकारी दी गई।
 
विरासत स्थलों का करेंगे भ्रमण
 
जयपुर में बैठक के दौरान प्रतिनिधियों को राजस्थान की पारंपरिक कला, शिल्प और समुदाय आधारित पर्यटन पहलों से भी परिचित कराया गया। 22 अगस्त को मंत्री और प्रतिनिधि जयपुर के प्रमुख ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों **हवा महल, सिटी पैलेस और आमेर किले** का दौरा करेंगे। इस दौरान उन्हें जयपुर की समृद्ध स्थापत्य, सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।

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