राजस्थान विधानसभा का षष्ठम सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, स्पीकर बोले- सदन की गरिमा से समझौता नहीं

राजस्थान , 20

**जयपुर, 21 अगस्त।** सोलहवीं राजस्थान विधानसभा का षष्ठम सत्र शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने दोपहर 1:44 बजे सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया। इससे पहले उन्होंने विधानसभा परिसर में प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा और सदन की गरिमा को लेकर सदस्यों के सामने स्थिति स्पष्ट की।
 
अध्यक्ष देवनानी ने कहा कि विधानसभा परिसर में प्रवेश के लिए निर्धारित व्यवस्था लागू है। विधानसभा में प्रवेश गेट नंबर-7 से होता है, जबकि विधायक आवास परिसर में रहने वाले सदस्यों के लिए गेट नंबर-6 से पैदल आने-जाने की व्यवस्था है। उन्होंने स्पष्ट किया कि **गेट नंबर-6 से समूह में प्रवेश की अनुमति न पहले थी, न अब है और न भविष्य में होगी।**
 
उन्होंने बताया कि गेट नंबर-6 गुरुवार को खुला था और शुक्रवार को भी खुला रहा। पिछले अवसर पर समूह के साथ आए दो व्यक्ति विधानसभा परिसर में प्रवेश कर गए थे, जिन्हें सुरक्षा दल ने पहचान कर तत्काल बाहर कर दिया। देवनानी ने सुरक्षा दल की तत्परता की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।
 
### विधानसभा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
 
विधानसभा अध्यक्ष ने परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि विधानसभा के गेट पर चढ़कर अंदर आने का प्रयास अत्यंत पीड़ादायक और गंभीर घटना है। विधानसभा की सुरक्षा से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
 
### विपक्ष को मुद्दे उठाने की पूरी स्वतंत्रता
 
देवनानी ने सदन में पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों के अधिकारों को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही के दौरान दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। जनहित से जुड़े मुद्दों को नियमों और परंपराओं के अनुरूप सदन में उठाने की प्रतिपक्ष को पूरी अनुमति है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि जनहित के विषयों पर सदन में समुचित उत्तर दिया जाए।
 
### जनता के मुद्दे सदन में उठाने की अपील
 
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि राजस्थान की करीब आठ करोड़ जनता ने अपने प्रतिनिधियों को चुनकर विधानसभा में भेजा है। ऐसे में सदस्यों का दायित्व है कि वे जनता की समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को सदन में प्रभावी ढंग से उठाएं।
 
उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही सौहार्दपूर्ण वातावरण में चलनी चाहिए। जनता विधानसभा की कार्यवाही को देख रही है और सभी जनप्रतिनिधियों को उसकी अपेक्षाओं पर खरा उतरना होगा। सदन में व्यवस्था और नियमों का पालन बनाए रखना सभी सदस्यों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
 
देवनानी ने सभी सदस्यों से अपील की कि आगामी सत्रों में जब भी सदन की कार्यवाही हो, सभी मिलकर विधानसभा की मर्यादा और गरिमा को बनाए रखें। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन जनहित के मुद्दों पर चर्चा के दौरान सदन की गरिमा और निर्धारित नियमों का पालन सर्वोपरि रहना चाहिए।

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