सरपंच गांवों की लोकतांत्रिक शक्ति, विकास की धुरी हैं: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान , 84

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरपंच गांवों की लोकतांत्रिक शक्ति के प्रतीक हैं और वे ग्रामीण विकास की वास्तविक धुरी हैं। सरपंचों के समर्पण भाव से किए गए कार्यों से ही गांवों और ग्रामीण परिवारों के जीवन में खुशहाली आती है। उन्होंने कहा कि सरकारें नीतियां और योजनाएं बनाती हैं, लेकिन उन्हें ग्राम स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करने का सशक्त माध्यम सरपंच ही होते हैं।
मुख्यमंत्री सोमवार को कृषि अनुसंधान संस्थान, दुर्गापुरा में सरपंच संघ द्वारा आयोजित निवर्तमान सरपंच (प्रशासक) प्रदेश अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मूल मंत्र को सरपंच ग्रामीण परिवेश में धरातल पर उतारते हैं। सरपंचों की भूमिका जन-अपेक्षाओं की पूर्ति और समस्याओं के समाधान में अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसे उन्हें पूर्ण प्रतिबद्धता और सेवा भाव से निभाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लाया गया वीबीजी रामजी कानून ग्रामीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे मनरेगा में व्याप्त अनियमितताओं को दूर किया गया है और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत संरचना मजबूत होगी। इस कानून के तहत रोजगार की गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय बजट में वीबीजी रामजी योजना के लिए 95,692 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
8 करोड़ जनता का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश की 8 करोड़ जनता के कल्याण और सभी विधानसभा क्षेत्रों के समग्र विकास का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता को प्राथमिकता देते हुए रामजल सेतु लिंक परियोजना, देवास परियोजना, यमुना जल समझौता, आईजीएनपी, गंगनहर और माही परियोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 22 जिलों में दिन में बिजली आपूर्ति की जा रही है, जिसे 2027 तक सभी जिलों में लागू किया जाएगा। इसके साथ ही सोलर, बैटरी और पंप स्टोरेज परियोजनाओं पर भी उल्लेखनीय कार्य हो रहा है।
1 लाख युवाओं को नौकरी, पेपरलीक मुक्त बना राजस्थान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए, जिनमें से 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं। राजस्थान निवेश के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 1 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है, 1.44 लाख पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं और 1 लाख पदों की भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया गया है। बीते दो वर्षों में एक भी पेपरलीक नहीं हुआ, जिससे राजस्थान पेपरलीक मुक्त राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से नई युवा नीति का लाभ उठाकर रोजगार प्रदाता बनने का आह्वान किया।
पंचायतीराज को मजबूती, हजारों नई ग्राम पंचायतों का गठन
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतीराज को सशक्त करने के लिए राज्य सरकार ने 8 नई जिला परिषदों, 94 नई पंचायत समितियों और 3,467 नई ग्राम पंचायतों का गठन किया है। पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय में वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 10-10 प्रतिशत वृद्धि की गई है। इसके साथ ही 475 ग्राम पंचायत भवनों और 117 अंबेडकर भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है।
दो वर्षों में पांच साल से अधिक का काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने दो वर्षों के कार्यकाल में पूर्ववर्ती सरकार के पांच वर्षों से अधिक कार्य किए हैं। फार्म पॉन्ड, डिग्गी निर्माण, तारबंदी, स्वामित्व कार्ड वितरण, पशु चिकित्सालयों का क्रमोन्नयन, पाइपलाइन विस्तार, गौशाला अनुदान और फसल ऋण वितरण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों के समन्वय से ही वास्तविक विकास संभव है।
इस अवसर पर विधायक शत्रुघ्न गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश एक स्पष्ट विजन के साथ आगे बढ़ रहा है। सरपंच संघ के प्रदेशाध्यक्ष बंशीधर गढ़वाल ने ग्रामीण विकास और पंचायतीराज को सशक्त करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
कार्यक्रम में सरपंच संघ के कार्यकारी अध्यक्ष अर्जुन सिंह गौड़, प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश मीणा, प्रदेश समन्वयक कमल चौधरी, प्रदेश महामंत्री शक्ति सिंह रावत सहित अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में निवर्तमान सरपंच (प्रशासक) उपस्थित रहे।

Related Articles

Comments

Back to Top