केंद्रीय बजट आत्मनिर्भर से विकसित भारत की दिशा में निर्णायक कदम: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान , 61

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश पिछले 12 वर्षों से वित्तीय अनुशासन और स्थायित्व के साथ विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत आम बजट को आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत, संभावनाओं से उपलब्धियों और संकल्प से सिद्धि की ओर ले जाने वाला बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट नए भारत की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के साथ-साथ समाज के अंतिम व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने की प्रतिबद्धता को भी सशक्त रूप से दर्शाता है।
सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि युवा शक्ति केंद्रित इस बजट में रोजगार सृजन, स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप्स को बढ़ावा और सर्विस सेक्टर पर विशेष फोकस किया गया है। उन्होंने बताया कि एक लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स, डेढ़ लाख केयर गिवर्स और टूरिस्ट गाइड्स को कौशल प्रशिक्षण देने के प्रावधान से युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में एवीजीसी-एक्सआर नीति पहले से लागू है और अब माध्यमिक विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को दोहरा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बजट में महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने के साथ-साथ कृषि अवसंरचना, किसानों की बाजार तक पहुंच बढ़ाने और जोखिम कम करने के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
हैवी मशीनरी निर्माण में निवेश का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूरोप के साथ हुए ऐतिहासिक समझौते के बाद यह बजट उद्योगों, मैन्युफैक्चरर्स, कारीगरों और कामगारों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में नई राह दिखाता है। बायो-फार्मा, केमिकल्स, टेक्सटाइल, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट जैसे क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की कई घोषणाएं की गई हैं। उन्होंने उद्योग जगत से आह्वान किया कि कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी हैवी मशीनरी के निर्माण के लिए बजट में लाई गई विशेष योजनाओं का लाभ उठाकर राजस्थान के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में निवेश करें।
सोलर सेक्टर को नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में राजस्थान की सौर ऊर्जा क्षमता को विशेष महत्व दिया गया है। अक्षय ऊर्जा के लिए 30 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी के साथ लगभग 32,914 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। वहीं पीएम सूर्यघर योजना के लिए 22 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सोलर ग्लास निर्माण में उपयोग होने वाले सोडियम एंटीमोनेट और लीथियम-आयन बैटरी निर्माण में प्रयुक्त पूंजीगत वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी में छूट से प्रदेश के सोलर सेक्टर को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान पहले से ही सौर ऊर्जा में अग्रणी है और अब ये प्रावधान इसे और सशक्त बनाएंगे।
सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर हब बनने को तैयार राजस्थान
श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सेमीकंडक्टर नीति, एआई-एमएल नीति और डेटा सेंटर नीति लागू की जा चुकी हैं। ऐसे में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, एआई मिशन, नेशनल क्वांटम मिशन, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग और डेटा सेंटर व क्लाउड सर्विसेज को दिए गए प्रोत्साहनों से राजस्थान को बड़ा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि एसएमई विकास निधि और आत्मनिर्भर भारत टॉप-अप छोटे उद्योगों के लिए बड़ी सौगात हैं। महात्मा गांधी स्वराज योजना और चैम्पियन एमएसएमई की पहल से प्रदेश के लघु उद्योगों को वैश्विक पहचान मिलेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास को मजबूती
मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में 12.20 लाख करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का प्रावधान किया गया है, जिससे शहरी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए राज्यों को अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे। इनविट बॉन्ड्स, आरईआईटी और म्युनिसिपल बॉन्ड्स से मिलने वाले आर्थिक संबल से राजस्थान के शहरों को व्यापक लाभ मिलेगा।

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