राजस्थान में साइबर अपराध पर बड़ा एक्शन, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने पुलिस मुख्यालय पहुंचकर परखी व्यवस्थाएं जयपुर, 28 मई। राजस्थान में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बड़ा कदम
राजस्थान May 28, 2026 at 09:25 PM , 19राजस्थान में साइबर अपराध पर बड़ा एक्शन, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने पुलिस मुख्यालय पहुंचकर परखी व्यवस्थाएं
जयपुर, 28 मई। राजस्थान में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव V. Srinivas गुरुवार को पुलिस मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और राजस्थान साइबर क्राइम एंड ऑपरेशन सेंटर (R4C) की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। इस दौरान पुलिस महानिदेशक Rajeev Kumar Sharma एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) Bhaskar A. Sawant भी मौजूद रहे।
मुख्य सचिव ने राजकीय अवकाश के दिन ढाई घंटे से अधिक समय तक साइबर क्राइम सेल की संरचना, तकनीकी संसाधनों और हेल्पलाइन 1930 के संचालन की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि साइबर अपराध नियंत्रण प्रणाली को और अधिक मजबूत एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जाए। साथ ही अगले 30 दिनों के भीतर विस्तृत पॉलिसी प्लान लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने स्वयं साइबर हेल्पलाइन 1930 पर आने वाली लाइव कॉल्स को सुना और यह समझा कि शिकायत दर्ज होने से लेकर एफआईआर और जांच की प्रक्रिया किस प्रकार आगे बढ़ती है। एडीजी साइबर क्राइम V K Singh ने कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली और शिकायत निस्तारण की विस्तृत जानकारी दी।
मुख्य सचिव ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए तकनीकी क्षमता, त्वरित प्रतिक्रिया और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्थान साइबर क्राइम एंड ऑपरेशन सेंटर (R4C) को शीघ्र पूर्ण रूप से ऑपरेशनल किया जाए तथा मौजूदा कॉल सेंटर सिस्टम में आवश्यक सुधार कर शिकायतों के निस्तारण को और तेज व प्रभावी बनाया जाए।
बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। साइबर अपराध पीड़ितों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराने के लिए हेल्पलाइन 1930 पर टेलीफोन लाइनों और कॉल ऑपरेटरों की संख्या 15 जून तक बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा साइबर अपराध रिपोर्टिंग और शिकायत निवारण की गुणवत्ता सुधारने के लिए मासिक रिपोर्ट जारी की जाएगी।
प्रदेश के सभी साइबर थानों को प्रतिदिन अपनी कार्रवाई और उपलब्धियों की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग कर हेल्पलाइन 1930 को अधिक प्रभावी और जनोपयोगी बनाने की योजना पर भी काम किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश के 41 साइबर सुरक्षा पुलिस स्टेशनों के प्रदर्शन की नियमित मासिक समीक्षा की जाएगी तथा अधिकारियों के लिए विशेष कार्यशालाओं का आयोजन होगा। इसके अलावा साइबर अपराध रिपोर्ट होने और संबंधित बैंक खातों को ब्लॉक करने में लगने वाले समय का विश्लेषण कर त्वरित राहत सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि अगले 30 दिनों में राजस्थान की साइबर अपराध नियंत्रण व्यवस्था में सकारात्मक और प्रभावी बदलाव देखने को मिलेंगे।
बैठक में एडीजी Bhupendra Sahu, डीआईजी Shantanu Singh, एसपी Sumit Mehrada सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






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