राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक पारित: अब दो से अधिक संतान वाले योग्य व्यक्ति भी लड़ सकेंगे चुनाव - श्री जोगाराम पटेल, संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री
राजस्थान Mar 09, 2026 at 06:55 PM , 108जयपुर, 09 मार्च, सोमवार। राजस्थान के संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने आज विधानसभा में 'राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक' पारित होने के उपरांत मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने इसे एक क्रांतिकारी कदम बताते हुए कहा कि बदलती परिस्थितियों और समाज की मांग के अनुरूप अब पंचायती राज संस्थाओं में चुनाव लड़ने हेतु दो से अधिक संतान की अयोग्यता संबंधी प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है।
मंत्री श्री पटेल ने स्पष्ट किया कि 1994 में जब यह प्रावधान लागू किया गया था, तब प्रदेश में प्रजनन दर 3.6 से अधिक थी और जनसंख्या विस्फोट एक बड़ी चुनौती थी। वर्तमान में वैज्ञानिक सर्वेक्षणों के अनुसार यह दर घटकर मात्र 2.0 रह गई है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रजनन दर का इससे नीचे जाना भविष्य के लिए 'खतरे की घंटी' हो सकता है।
सरकार का मानना है कि किसी योग्य व्यक्ति को मात्र संतान संख्या के आधार पर नेतृत्व से वंचित करना 'रामराज्य' और 'स्थानीय स्वशासन' की मूल भावना के विपरीत है। जिस प्रकार सरकारी कर्मचारियों के पदोन्नति से यह बाधा हटाई गई थी, उसी प्रकार अब पंचायती राज में भी योग्य उम्मीदवारों को समान अवसर प्राप्त होंगे।
श्री पटेल ने कहा कि आज समाज में 'हम दो, हमारे दो' या 'हम दो, हमारा एक' की जागरूकता स्वयं आ चुकी है। अब इसे कानून के माध्यम से थोपने की आवश्यकता नहीं है।
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए विधि मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पंचायत चुनाव कराने हेतु पूरी तरह तैयार है और सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली गई हैं। अब स्वतंत्र चुनाव आयोग जब भी तिथि निर्धारित करेगा, सरकार चुनाव संपन्न कराने हेतु प्रतिबद्ध है।
उन्होंने दोहराया कि सरकार केवल इस संशोधन के भरोसे नहीं, बल्कि पिछले समय में किए गए 'अभूतपूर्व विकास कार्यों' और 'विकसित राजस्थान' के संकल्प के आधार पर जनता के बीच जाएगी।
विधायक श्री पटेल ने विश्वास जताया कि इस संशोधन से ग्रामीण विकास में प्रतिभावान और अनुभवी नेतृत्व को आगे आने का मौका मिलेगा।






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