*राजस्थान ने बिजली उत्पादन से लेकर पावर ट्रांसमिशन में हासिल की नई रफ्तार*_

राजस्थान , 13

_*सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 28,303 मेगावाट की वृद्धि*_

*ग्रिड सब-स्टेशनों का तेजी से विस्तार, गांव-ढाणियों तक पहुंच रही गुणवत्तापूर्ण बिजली*

*पीएम कुसुम योजना में राजस्थान देश में अग्रणी*

*पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की तुलना में भाजपा सरकार ने बिजली उत्पादन क्षमता के क्षेत्र मे 5 गुना तक उपलब्धि हासिल की*

*कांग्रेस सरकार में विद्युत तंत्र रहा कुप्रबंधन का शिकार, उपभोक्ता बिजली को तरसे*
       *-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा*

जयपुर, 23 अक्टूबर। राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने, प्रदेश की अपार सौर ऊर्जा क्षमता का प्रभावी उपयोग करने और भविष्य की बढ़ती बिजली आवश्यकताओं के अनुरूप मजबूत आधारभूत ढांचा विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। योजनाओं और नीतियों के समयबद्ध क्रियान्वयन से भाजपा सरकार ने 34 माह के कार्यकाल में पूर्ववर्ती सरकार के पहले 34 माह के साथ-साथ पूरे 5 वर्ष के कार्यकाल के कार्यों को कई गुना पीछे छोड़ बड़े कीर्तिमान स्थापित किए हैं। 

*26 जिलों में दिन के समय में अन्नदाताओं को मिल रही बिजली*
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बिजली उत्पादन और सौर ऊर्जा उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि राज्य सरकार की नीतियों के सफल क्रियान्वयन का परिणाम है। आज हमारी सरकार के समय प्रदेश में 26 जिलों में अन्नदाताओं को दिन के दो ब्लॉक मे बिजली मिल रही है। कस्बों से लेकर गांव-ढाणी तक गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय में विद्युत तंत्र कुप्रबंधन का शिकार रहा, डिस्कॉम्स घाटे में ही रहे और उपभोक्ता बिजली को तरसे।

*बिजली उत्पादन में 10 हजार 920 मेगावाट की रिकॉर्ड वृद्धि*
प्रदेश में भाजपा की सरकार ने रोडमैप के तहत बिजली, पानी जैसी बुनियादी आवश्यकताओं पर प्रतिबद्ध होकर कार्य किया है। परिणामस्वरूप गत 34 माह के कार्यकाल में राज्य के उपयोग के लिए बिजली उत्पादन क्षमता में 10 हजार 920 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई है। जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस के पूरे 5 वर्ष के कार्यकाल में यह आंकड़ा 3 हजार 958 मेगावाट तक ही पहुंचा था। इस प्रकार भाजपा सरकार के कार्यकाल में कांग्रेस की तुलना में पौने तीन गुना बिजली उत्पादन की वृद्धि दर्ज की गई है। अगर कांग्रेस सरकार के पहले 34 महीनों की तुलना की जाए तो भाजपा सरकार का आंकड़ा लगभग 5 गुना से अधिक है।

*राजस्थान में स्वच्छ ऊर्जा का हो रहा तेजी से विस्तार*
राजस्थान में सौर ऊर्जा की व्यापक संभावनाएं हैं। इन्हीं संभावनाओं पर कार्य करते हुए भाजपा सरकार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है और प्रदेशवासियों की ऊर्जा संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही है। जिसके परिणामस्वरूप 34 माह के कार्यकाल में सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 28 हजार 303 मेगावाट की वृद्धि दर्ज हुई है। वहीं, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पहले 34 माह में यह वृद्धि मात्र 3 हजार 985 मेगावाट और पूरे पांच वर्ष में 14878 मेगावाट तक ही सीमित रही। 

*उच्च क्षमता वाले सब-स्टेशनों की हो रही तेजी से स्थापना*
बिजली उत्पादन में वृद्धि के साथ सुचारु प्रसारण भी महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में उच्च क्षमता वाले विद्युत सब-स्टेशनों की स्थापना की जा रही है। ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने, विद्युत प्रसारण नेटवर्क के विस्तार और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 

भाजपा सरकार के 34 माह के कार्यकाल में ही 400 केवी क्षमता के 2 ग्रिड सब-स्टेशन, 220 केवी क्षमता के 9 ग्रिड सब-स्टेशन, 132 केवी क्षमता के 51 ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित हो चुके हैं। जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पांच वर्ष के पूरे कार्यकाल में 400 केवी क्षमता का एक, 220 केवी के पांच तथा 132 केवी 38 ग्रिड सब-स्टेशन ही स्थापित हुए थे। इसी प्रकार भाजपा सरकार के शासन में 33 केवी के 532 सब-स्टेशन स्थापित किए जा चुके है जबकि पूर्ववर्ती सरकार के 34 माह मे 33 केवी के मात्र 477 सब-स्टेशन ही स्थापित हो पाये थे।

राजस्थान के विद्युत उत्पादन, सौर ऊर्जा क्षमता, विद्युत सब-स्टेशनों के विस्तार से जुड़े ये आंकड़े राज्य के ऊर्जा क्षेत्र की दिशा और विकास की संभावनाओं को सामने रखते हैं। ये सकारात्मक तस्वीर प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ उद्योगों, निवेश और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के लिए भी महत्वपूर्ण है। इन उपलब्धियों के साथ राजस्थान विकसित भारत-विकसित राजस्थान के संकल्प की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

*डिस्कॉम्स अब लाभ की स्थिति में*
पीएम कुसुम योजना में राजस्थान देश का अग्रणी राज्य है। पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत राज्य में अब तक 5.57 गीगावॉट विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है जो कि देश में सर्वाधिक है। इस योजना से 3 लाख 78 हजार से अधिक किसान लाभान्वित हो चुके हैं। वहीं, राजस्थान डिस्कॉम्स की वित्तीय स्थिति इस सरकार के कार्यकाल में उल्लेखनीय रूप से बेहतर हुई है। अजमेर डिस्कॉम ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 825 करोड रूपये एवं वर्ष 2025-26 में जयपुर डिस्कॉम ने 931 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। 
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