**वेटिकन सिटी में पोप लियो XIV से मिले राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास**

राजस्थान , 22

**पोप ने राजस्थान और भारत की प्रगति के लिए दिए आशीर्वाद और शुभकामनाएं**
 
**“डिजिटल तकनीक को आमजन की सेवा का माध्यम बनाने के लिए उसका मानवीकरण जरूरी” — पोप लियो XIV**
 
 **मानवता की सेवा के वैश्विक प्रयास ‘मैग्निफिका ह्यूमैनिटास’ में आईआईएएस की सहभागिता**
 
**जयपुर, 28 अगस्त।** राजस्थान के मुख्य सचिव एवं इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव साइंसेज (आईआईएएस) के अध्यक्ष **श्री वी. श्रीनिवास** ने शुक्रवार को वेटिकन सिटी में **पोप लियो XIV** से मुलाकात की। इस अवसर पर आईआईएएस के 520 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पोप के ‘स्पेशल ब्लेसिंग’ में भाग लिया।
 
पोप लियो XIV ने राजस्थान और भारत के विकास एवं प्रगति के लिए आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्य सचिव श्री श्रीनिवास ने इस मुलाकात को अत्यंत गौरवपूर्ण एवं यादगार अनुभव बताते हुए मानवता की सेवा के लिए पोप के वैश्विक प्रयास **‘मैग्निफिका ह्यूमैनिटास’** में आईआईएएस की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया।
 
### **मानवता के केंद्र में हो तकनीकी विकास**
 
आईआईएएस के सदस्यों को संबोधित करते हुए पोप लियो XIV ने कहा कि **डिजिटल तकनीक को आमजन की सेवा का प्रभावी माध्यम बनाने के लिए उसका मानवीकरण आवश्यक है।** उन्होंने शासन और तकनीकी विकास के केंद्र में मानव कल्याण को रखने का आह्वान किया।
 
पोप ने कहा कि मानव परिवार की भलाई को निजी हितों के लिए बलिदान नहीं किया जाना चाहिए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तेजी से विकसित हो रही डिजिटल तकनीकों के दौर में मानव हितों की रक्षा तथा तकनीक के संतुलित और जिम्मेदार इस्तेमाल को प्राथमिकता देना जरूरी है।
 
 **“तकनीक मानवता की सेवा करे, मनुष्य उसका शिकार न बने”**
 
पोप लियो XIV ने एआई के तेजी से विकास पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि तकनीक **मानवता की सेवा करे, न कि मनुष्य अपने ही आविष्कारों का शिकार बन जाए।**
 
उन्होंने मानव जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय पूरी तरह मशीनों को सौंपे जाने को लेकर भी चिंता जताई और मानव बुद्धिमत्ता की अपरिहार्यता को रेखांकित किया। उन्होंने डिजिटल तकनीकों के मानवीय उपयोग के लिए प्रभावी **नैतिक ढांचा** विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
 
पोप ने आईआईएएस को इस क्षेत्र में शोध एवं विमर्श जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक प्रशासन में डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल इस प्रकार होना चाहिए कि वे **मानव जीवन, कल्याण और शांति की सेवा** कर सकें।
 
**आईआईएएस के प्रयासों की सराहना**
 
पोप लियो XIV ने आईआईएएस के प्रयासों की सराहना करते हुए उसके सदस्यों को इस महत्वपूर्ण दायित्व को दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ाने के लिए शुभकामनाएं दीं।
 
 **आईआईएएस के पहले भारतीय अध्यक्ष हैं वी. श्रीनिवास**
 
उल्लेखनीय है कि **श्री वी. श्रीनिवास जून 2025 में आईआईएएस के पहले भारतीय अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे।** उन्होंने रोम की सैपिएंजा यूनिवर्सिटी में आयोजित 51वें यूरोपियन ग्रुप फॉर पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (ईजीपीए) वार्षिक सम्मेलन में आईआईएएस अध्यक्ष के रूप में संबोधन दिया।
 
सम्मेलन के अंतिम दिन वेटिकन सिटी में पोप लियो XIV से मुलाकात ने उनकी रोम यात्रा को एक विशेष और यादगार अध्याय प्रदान किया। यह मुलाकात सार्वजनिक प्रशासन, तकनीकी विकास और मानवता के कल्याण से जुड़े वैश्विक विमर्श की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रही।

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