खान विभाग- दिसंबर तक मेजर मिनरल की 20 खानों को परिचालन में लाने पर फोकस,

राजस्थान , 29

निवेश, रोजगार और राजस्व में होगी बढ़ोतरी -एसीएस खान, श्रीमती अपर्णा अरोरा

 
जयपुर, 24 अगस्त। अतिरिक्त मुख्य सचिव खान, भूविज्ञान एवं पेट्रोलियम श्रीमती अपर्णा अरोरा ने कहा कि दिसंबर तक मेजर मिनरल की करीब 20 ऑक्शन खानों को परिचालन में लाने के लक्ष्य के साथ खान विभाग आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि मेजर मिनरल ब्लॉकों के ऑक्शन में राजस्थान में समूचे देश में अव्वल होने के साथ ही अब ऑक्शन खानों को परिचालन में लाने पर भी खान विभाग का फोकस है। ऑक्शन खानों को परिचालन में लाने का भी राज्य में नया रेकार्ड होगा।

      श्रीमती अरोरा सोमवार को सचिवालय के मंथन कक्ष में खान एवं भूविज्ञान, राज्य स्तरीय पर्यावरण समाघात निर्धारण प्राधिकरण (सीया), राज्य स्तर विशेषज्ञ अंकन समिति (सेक) व संबंधित संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि ऑक्शन खानों को परिचालन में लाना सरकार की प्राथमिकता है और इससे राज्य में आर्थिक निवेश, रोजगार के नए अवसर और राजस्व में बढ़ोतरी के साथ ही अवैध खनन पर प्रभावी रोक संभव हो सकेगी।
        गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा राजस्थान को माइनिंग सेक्टर में अग्रणी प्रदेश बनाने पर जोर रहा है। श्रीमती अरोरा ने पर्यावरण स्वीकृतियां जारी करने में तेजी लाने पर जोर देते हुए कहा कि पर्यावरण स्वीकृति सहित आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने के लिए आवेदन की औपचारिकताओं से संबंधित चैक लिस्ट जारी कर दी जाएं ताकि स्टेक होल्डर उसके अनुसार आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकें। इससे ईसी प्रक्रिया में आसानी होगी और आक्षेप और उनकी पूर्ति में अनावश्यक समय नहीं लगेगा। उन्होंने स्टेकहोल्डरों के स्तर पर भी अनुमतियां प्राप्त करने में देरी को गंभीरता से लेते हुए स्टेकहोल्डर्स से भी आग्रह किया कि अनुमतियों के लिए आवेदन के समय ही आवश्यक दस्तावेज व औपचारिकता सुनिश्चित कर ली जाएं ताकि अनावश्यक समय व श्रम जाया नहीं जाएं।
        श्रीमती अरोरा ने मेजर और माइनर मिनरल के तैयार ब्लॉकों व प्लॉटों की टाइमलाइन के अनुसार ऑक्शन करने और विभागीय मोनेटरिंग व्यवस्था को चाकचोबंद करने पर जोर दिया। बैठक में ऑक्शन माइनर मिनरल ब्लॉकों को भी तेजी से परिचालन में लाने पर जोर देते हुए आवश्यक निर्देश दिए।
        सीया की सदस्य सचिव श्रीमती शैलजा देवल ने बताया कि सीया द्वारा जल्द ही एसएमएस और वाट्सएप अलर्ट सिस्टम विकसित किया जा रहा है ताकि ईसी आवेदनकर्ता को समय रहते आवश्यक अलर्ट के माध्यम से जानकारी दी जा सके। उन्होंने बताया कि ईसी प्रक्रिया को और अधिक सरल और सहज बनाया जा रहा है।
        बैठक में विशिष्ट सचिव खान श्रीमती नम्रता वृष्णि, खान निदेशक श्री एमपी मीणा, अतिरिक्त निदेशक भूविज्ञान श्री आलोक प्रकाश जैन, एसएमई श्री एनएस शक्तावत, श्री प्रताप मीणा, ओएसडी श्री श्रीकृष्ण शर्मा, श्री अनुज सक्सेना, अधीक्षण भूवैज्ञानिक श्री संजय सक्सेना, सीया व चारों सेक के सदस्य सचिव, पीडीकोर व संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

Related Articles

Comments

Back to Top