अदभुत सड़कों : दुनिया की आखिरी सड़क
परिवेश Dec 06, 2020 at 12:05 PM , 901अमरेन्द्र सहाय अमर
क्या आपने दुनिया की आख़िरी सड़क यानि द लास्ट रोड आफ द अर्थ देखी है. उत्तर होगा नहीं. लेकिन आज हम आपको दुनिया के अंतिम सड़क के बारे में कुछ बताने जा रहे है. यह वही दुनिया की आख़िरी सड़क है, जिसके बाद दुनिया समाप्त हो जाती है. है न आश्चर्यजनक बात ! दरअसल उत्तरी ध्रुव यानि नार्थ पोल पृथ्वी का सबसे सुदूर विन्दु है. इस स्थान पर पृथ्वी की धुरी घूमती है. यह आखिरी छोर है नार्वे का. इसके आगे जाने वाले रास्ते को दुनिया की आख़िरी सड़क कहा जाता है. इस सडक का नाम है ई – 69. यह एक हाइवे है. इसकी लम्बाई है 14 किलो मीटर. यह सड़क पृथ्वी के छोर और नार्वे को आपस में जोडती है. इसके आगे कोई सड़क नही है. अगर कुछ है तो बर्फ ही बर्फ और समुद्र ही समुद्र. इस ई – 69 नामक हाइवे पर कई कई जगहें ऐसी है जहाँ किसी आदमी का अकेले पैदल जा पाना या गाड़ी चलाना बिलकुल मना है. अगर कुछ लोग समूह में जाय तो अनुमति मिल जाती है. इसका कारण यह है यहाँ हर तरफ बर्फ की मोटी मोटी परतें जमा हैं. बर्फ की मोटी चादर बिछी होने के कारण लोगों के खो जाने का ख़तरा सदैव बना रहता है. इस सड़क पर किसी को भी जाने नहीं दिया जाता है.
यहाँ सर्दियों के मौसम में न तो राते खत्म होती हैं और न ही गर्मी के दिनों में कभी सूरज डूबता है. उत्तरी ध्रुव का इलाका होने के कारण कभी कभी तो छ महीने तक सूरज दिखाई नही देता .. जाड़े के दिनों में यहाँ का तापमान माइनस 43 डिग्री से लेकर माइनस 26 डिग्री सेल्सियस के आस पास हो जाता है.
आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि इतनी भयंकर ठण्ड पड़ने और विकट विषम परिस्थिति होने के बावजूद लोग यहाँ रहते है. यहाँ मछली का कारोबार होता है. वर्ष 1930 में इस स्थान का विकास होना शुरू हुआ था. करीब चार साल बाद यानि वर्ष 1934 में यहाँ के मूल निवासी लोगों ने मिल जुल कर यह तय किया कि यहाँ सैलानियों को भी आने दिया जाय. इससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी.
दुनिया भर के लोग उत्तरी ध्रुव पर घूमने के लिए आते हैं. यहाँ आकर उन्हें एक नयी दुनियां का अहसास होता है. उत्तरी ध्रुव का डूबता हुआ सूरज और पोलर लाइट्स यानि आरोरा देखना अपने आप में आश्चर्य से भरा होता है क्योंकि ऐसे नजारे दुनिया में कहीं भी देखने को नही मिलते हैं. गहरे नीले आसमान में कभी हरी तो कभी गुलाबी रोशनी देखने को मिलती है, इन्हें देख कर मन आह्लादित हो जाता है. यह दृश्य रात को दिखते हैं, जब आसमान में घुप्प अँधेरा होता है.
यहाँ के मूल निवासी शेष दुनिया से अलग थलग रहना पसंद करते है . इन लोगों को बड़े शहरों में रहना पसंद नहीं. अब यहाँ मछुवारों की वजह से सब कुछ बदल गया है. यहाँ का मुख्य व्यापार मछलियों का व्यापार है. यहाँ किंग केकड़े भी पकड़े जाते हैं.
साल के अंत में दुनिया भर से लोग उत्तरी ध्रुव को देखने आते हैं. यहाँ की प्राकृतिक छटा को देख कर लगता है अगर कहीं जन्नत है तो यंही है. यहाँ कुछ भी किसी की इजाज़त से नहीं हो सकता. यहाँ सिर्फ प्रकृति ही महान है.































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