लेखपाल संघ ने अपनी मांगों को लेकर आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद उ०प्र० लखनऊ को लिखा पत्र

हेडलाइंस , 1342

लखनऊ।
लेखपाल संघ ने अपनी मांगों को आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद उ०प्र० लखनऊ को लिखा पत्र ज्ञापन सौंपा। संघ की ओर से विनोद कुमार कश्यप, सुरेश कुमार, भूपेंद्र सिंह, राम पूजन, मनोज त्रिपाठी, विनोद यादव, मनीष, भगवान सहाय, मूलचन्द पटेल, आदि ने सौंपे ज्ञापन के माध्यम से लेखपाल संवर्ग की विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग की। लेखपाल संघ के प्रदेश महामंत्री विनोद कुमार कश्यप ने अविलंब खसरे के फार्म/प्रारूप प्रिंट आउट की मांग की तथा लेखपालों को उपलब्ध न कराए जाने के कारण खसरा फीडिंग कार्य बंद करने एवं तहसील दिवस के अवसर पर ज्ञापन कार्यक्रम करने को कहा गया। लेखपाल संघ ने पत्र के माध्यम से कहा  है कि 1428 फसली से खसरे के फार्म तहसीलों को उपलब्ध नहीं कराए गये है। लेखपालों ने पुरानें फार्म एक दूसरे से लेकर 1428 फसली का खसरा तैयार किया था। फसली 1429 का खसरा फार्म ( प्रारूप प0क03 / आर0सी04) के अभाव में नहीं बनाया गया। आनलाईन खसरा फीडिंग में फसली 1428 की फीडिंग 1428 फसली के खसरे के अनुसार लेखपालों द्वारा प्राईवेट कम्प्यूटर आपरेटर्स को 10 हजार से 30 हजार रूपये तक का भुगतान अपने वेतन से देकर करायी गयी है। फसली 1429 की फीडिंग खसरा 1428 में पूछताछ के आधार पर संशोधन करके करायी गयी है। खसरे के फार्म / प्रिन्ट, निरन्तर मांग के बावजूद उपलब्ध नहीं कराये जा रहे है 30 अगस्त 2022 को मा० परिषद द्वारा अपने पत्रांक आर-224 / 7 / 105 ( खसरा ) / 2022 द्वारा समस्त जिलाधिकारियों को खसरा प्रपत्र संख्या - 4 (आरसी4क) का प्रिन्टआउट ( कालम नम्बर 1 से 4 तक की स्वतः भरी सूचनाओं सहित ) तहसील से सम्बन्धित लेखपालों को उपलब्ध कराने के निर्देश निर्गत किये गये थे। किन्तु आज तक किसी भी जनपद में प्रिन्टआउट लेखपालों को उपलब्ध नहीं कराये गये है। खरीफ 1430 की पड़ताल का समय समाप्त हो चुका है। खसरे के प्रिन्टआउट के अभाव में लेखपालों द्वारा खरीफ 1430 फसली की स्थलीय पड़ताल नहीं हो पायी है और तहसील अधिकारियों के द्वारा 1430 फसली की फसलों का ब्योरा आनलाईन फीडिंग करने का दबाव लेखपालों पर बनाया जा रहा है। फसली 1429 आनलाईन खसरा फीडिंग में फसलों का विवरण त्रुटिपूर्ण फीड किया जाचुका है। किन्तु खसरा 1430 फसली के अनुसार अनेको किसानों को फसल बीमा योजना आदि लाभ / राहत अनुमन्य किये जायेगें, जिसके लिये फसलों का विवरण त्रुटि रहित होना आवश्यक है अन्यथा भविश्या में किसी भी प्रक्रियागत समस्या से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके अतिरिक्त मौके पर हदबरारी (मेढबन्दी), अवैध अतिक्रमण चिन्हान्कन, आदि भूमि विवाद निस्तारण हेतु स्थलीय जांच अथवा पैमाईश के समय खसरा प्रिन्टआउट (हार्ड कापी ) अति आवश्यक है।

उन्होंने पत्र के माध्यम से कहा है कि लेखपालों को फसली 1430 खसरा प्रिन्टा आउट (कालम नम्बर 1 से 5 तक की स्वतः भरी सूचनाओं सहित ) तथा फसली 1429 खसरा का पूरा प्रिन्टआउट तहसीलों से लेखपालों को उपलब्ध करानें के पुनः निर्देश समस्त जनपदों को निर्गत करने की कृपा करें जिससे लेखपाल मौके पर जाकर 1430 फसली की पडताल नोट (अंकित) करने के बाद ऑनलाईन फीडिंग करा सके। प्रपत्र / प्रिन्टआउट उपलब्ध कराये बगैर फसली 1430 खसरा ऑनलाईन फीडिंग हेतु अनावश्यक दबाव न बनाया जाये। बिना पड़ताल किये कोई भी लेखपाल फसली 1430 खसरा ऑनलाईन फीडिंग नहीं करायेगा ।

उन्होंने कहा एक वर्ष से बार बार पत्राचार एवं वार्ता एवं मा० राजस्व परिषद के आदेश दिनांक 30.08.2022 के बावजूद आज तक तहसीलों से लेखपालों को खसरा प्रारूप प्रिंट एवं पिछले फसली वर्ष के खसरा रिपोर्ट का प्रिंट आउट लेखपालों को उपलब्ध नहीं करवाये जाने तक खसरा फीडिंग का कार्य स्थगित रखा जाए नहीं तो दिनांक 07.01.2023 शनिवार को तहसील समाधान दिवस के अवसर पर जिला अधिकारी और उपजिलाधिकारी  को उ प्र लेखपाल संघ द्वारा ज्ञापन दिया जाएगा।

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