*अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस 13 अप्रैल 2022 के अवसर पर अर्धदिवसीय कार्यशाला का आयोजन संपन्न*
जनपत की खबर Oct 13, 2022 at 06:57 PM , 374लखनऊ:13 अक्टूबर 2022
अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस दिनांक 13 अक्टूबर, 2022 के उपलक्ष्य में राहत आयुक्त कार्यालय, उत्तर प्रदेश द्वारा अर्धदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित राजस्व राज्यमंत्री श्री अनूप प्रधान वाल्मीकि ने अभिभाषण देते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा कहकर नहीं आती यदि प्रकृति से छेड़छाड़ को अगर न रोका गया, तो पृथ्वी पर जीवों का अस्तित्व ख़तरे में पड़ जाएगा। श्री प्रधान ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को घटित होने से रोकना सदैव संभव नहीं होता एवं जान-माल का कम से कम नुकसान हो एवं पीड़ितों को तुरंत राहत मिल सके जिसके लिए प्रदेश सरकार माननीय मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए दिए गए प्रधानमंत्री 10 सूत्रीय एजेंडा को धरातल पर लागू करने का कार्य कर रही है ।
कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे प्रमुख सचिव राजस्व श्री सुधीर गर्ग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण दिवस प्रतिवर्ष 13 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन जोखिम जागरूकता और आपदा में कमी की वैश्विक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। दुनिया भर के लोग और समुदाय आपदाओं के प्रति जोखिम को कम कर रहे हैं और अपने सामने आने वाले जोखिमों पर लगाम लगाने के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ा रहे हैं।
महानिदेशक अग्निशमन श्री अविनाश चन्द्र जी द्वारा कार्यशाला को संबोधित करते हुए राहत एवं बचाव कार्य में अग्निशमन विभाग की भूमिका एवं उसमे आये बदलाव पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि पूर्व में अग्निशमन विभाग मात्र अग्निशमन का कार्य करता था किन्तु वर्त्तमान में यह राहत एवं बचाव कार्य, प्राथमिक चिकित्सा इत्यादि में अहम भूमिका निभाता है। इसके पश्चात् उनके द्वारा वर्त्तमान में मानवीय चूकों एवं अग्निशमन यंत्रों के रख रखाव में की गई अनदेखी के कारण अग्निकांड में होने वाली वृद्धि पर चर्चा की गई।
आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर विभागों के साथ हुए पैनल डिस्कशन की अध्यक्षता कर रहे आवास आयुक्त श्री रणवीर प्रसाद जी द्वारा संबंधित विभागों में वर्तमान में चल रही तथा भविष्य में संपादित होने वाली योजनाओं में आपदा जोखिम न्यूनीकरण का समावेश करने के संबंध मे प्रस्तुतीकरण कर इसके क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
राहत आयुक्त उत्तर प्रदेश श्री प्रभु एन0 सिंह द्वारा आपदा जोखिम न्यूनीकरण में विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्हें आपदा जोखिम नूनीकरण संबंधी कार्यों मे सक्रिय सहयोग प्रदान करने हेतु प्रेरित किया गया तथा आपदा प्रबंधन संबंधी योजनाओं के संचालन में व क्षमता निर्माण तथा न्यूनीकरण हेतु विभागीय बजट मे व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया।
कार्यशाला में उप महानिरीक्षक अग्निशमन विभाग श्री आकाश कुलहरी, कमांडेंट एस०डी०आर०एफ० डा0 सतीश कुमार, विशेष सचिव राजस्व श्री राम केवल, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण श्री महेंद्र सिंह तथा परियोजना निदेशक (इमरजेंसी ऑपरेशन) राहत आयुक्त कार्यालय श्रीमती अदिति उमराव के अतिरिक्त मौसम विभाग, सिंचाई, रिमोट सेंसिंग, सीडब्ल्यूसी, पंचायती राज, आवास, ग्राम विकास सहित जनपदों से आये आपदा विशेषज्ञ तथा आपदा मित्र उपस्थित रहे।
कार्यशाला में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल तथा आपदा मित्रों द्वारा आपदा संबंधी उपकरणों व प्रशिक्षण के संबंध मे प्रदर्शनी का आयोजन भी कार्यक्रम स्थल पर किया गया।































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