सांसद आजम खां, उनकी पत्नी-बेटे को हाई कोर्ट से जमानत

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लखनऊ। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रामपुर के सांसद व समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां, उनकी विधायक पत्नी तजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला की जमानत मंजूर कर ली है। हाई कोर्ट से दो मामलों में जमानत मिलने के बाद भी आजम खां व उनके परिवार को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा। इनके ऊपर दर्ज चार अन्य मुकदमों में अभी उन्हें जमानत नहीं मिली है। इस कारण उन्हें सीतापुर जेल में ही रहना पड़ेगा। दो मामलों की सुनवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट में चल रही है, वहीं दो अन्य मामले रामपुर जिला न्यायालय में विचाराधीन हैं।रामपुर के सांसद आजम खां, उनकी विधायक पत्नी तजीन फातिमा व बेटे अब्दुल्ला सीतापुर जेल में 27 फरवरी से निरुद्ध हैं। जेल में इन्हें साढ़े सात महीने हो गए हैं। जेलर आरएस यादव ने बताया, सांसद आजम खां व उनके बेटे अब्दुल्ला जेल की हाई सिक्योरिटी वाली बैरक संख्या-एक में हैं, जबकि उनकी पत्नी महिला वार्ड में निरुद्ध हैं। बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आजम खां, उनकी पत्नी डॉ. तंजीन फातिमा व बेटे मो. अब्दुल्ला आजम खां को दो अलग-अलग मामलों में जमानत दी है। दोनों मामले रामपुर में दर्ज थे। एक मामला आजम खां के बेटे अब्दुल्ला के फर्जी जन्म प्रमाणपत्र का है, जबकि दूसरा मामला दुकान के आवंटन को लेकर दर्ज कराया गया था।आजम खां पर आरोप है कि उन्होंने नगर विकास मंत्री रहते हुए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके कम कीमत पर पत्नी डॉ. तंजीन और बेटे अब्दुल्ला के नाम 2014 में क्वालिटी बार शाप का आवंटन कराया था। इस मामले में कोर्ट ने आजम की पत्नी व बेटे को जमानत दी है। वहीं, बेटे का फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के मामले में आजम, उनकी पत्नी, बेटे को जमानत दी गई। दोनों मामलों में सुनवाई पूरी होने के बाद एक सितंबर को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया था।न्यायमूर्ति सिद्धार्थ की एकल पीठ ने कहा कि शिकायतकर्ता भाजपा नेता आकाश सक्सेना का बयान दर्ज होने के बाद आजम खां को रिहा किया जाए। हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट रामपुर के खुलने के तीन माह में शिकायतकर्ता का बयान दर्ज करने की अपेक्षा की है। याचियों के खिलाफ आकाश सक्सेना ने रामपुर के गंज थाने में धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।रामपुर के सांसद आजम खां, उनकी विधायक पत्नी तजीन फातिमा पर आरोप है कि उन्होंने अपने बेटे की दो जन्म तारीख प्रमाणपत्र बनवाया है। दोनों की जन्म तारीख में काफी अंतर है। अब्दुल्ला आजम खां फर्जी जन्म प्रमाणपत्र से विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं, हालांकि हाई कोर्ट ने उनका चुनाव निरस्त कर दिया है।

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