श्रमिक राष्ट्र का निर्माता है, श्रमिक के रुप में भाग्य विधाता भी है: मा0 श्रम मंत्री
अन्य खबरे Dec 02, 2021 at 08:13 PM , 642श्रम विभाग मजदूरों के सम्मान, स्वाभिमान हेतु कृत संकल्पित, ये बेटियां मेरी भी बेटियां है
जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों के जीवन में व्यापक रुप से परिवर्तन आया
झांसी मण्डल के 230 जोड़ों का विवाह ‘कन्या विवाह सहायता योजना’ के तहत सम्पन्न
1603 लाभार्थियों को 5 करोड़ 03 लाख 914 रुपये की धनराशि का लाभ वितरण किया गया
प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों के बच्चों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना करायी जा रही
झांसी: राजकीय इण्टर कालेज परिसर में उ0प्र0 भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (श्रम विभाग) द्वारा संचालित ‘कन्या विवाह सहायता योजना’ के अन्तर्गत झांसी मण्डल के श्रमिक पुत्रियों के वृहद सामूहिक विवाह एवं श्रमिकों को हित लाभ वितरण समारोह के मुख्य अतिथि मा0 श्रम एवं सेवायोजन मंत्री उ0प्र0 श्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने सम्बोधन में कहा कि श्रमिक राष्ट्र का निर्माता है। इसके श्रम, परिश्रम तथा पुरुषार्थ से राष्ट्र की नींव पड़ती है। श्रमिक जितना मजबूत होगा, देश भी उतना मजबूत होगा। उन्होने कहा कि मजदूर झोपड़ी से लेकर बड़े-बड़े भवन, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट का निर्माण करता है, इसलिये वह श्रमिक के रुप में भाग्यविधाता भी है।
मा0 मंत्री जी ने कहा कि श्रम विभाग मजदूरों के सम्मान, स्वाभिमान हेतु कृत संकल्पित, ये बेटियां मेरी भी बेटियां है। उन्होने बताया कि झांसी मण्डल से सम्बन्धित जनपदों की 230 कन्याओं का विवाह ‘कन्या विवाह सहायता योजना’ के तहत सम्पन्न कराया गया है जिनको प्रति जोड़ा 75 हजार रुपये की धनराशि सरकार द्वारा खर्च की जा रही है इसमें से 65 हजार रुपये की धनराशि आरटीजीएस के माध्यम से श्रमिक के खाते में एक सप्ताह के अन्दर उपलब्ध करा दी जायेगी। इस धनराशि को श्रमिक अपनी पुत्री को सामान खरीद कर दे सकेंगे। इसके अतिरिक्त 05 हजार रुपये दुल्हन तथा 05 हजार दूल्हा के शादी के कपड़े के लिये दिये जा रहे है। उन्होने कन्या विवाह योजना व्यक्तिगत 328, मातृत्व हितलाभ योजना के 192, शिशु लाभ योजना 211, बालिका मदद 23, मेधावी छात्रवृत्ति योजना 57, साइकिल 453, संत रविदास शिक्षा सहायता योजना 71, आवास योजना 01, निर्माण कामगार मृत्यु, विकलांगता सहायता एवं अक्षमता पेंशन योजना 18 तथा अन्त्येष्टि सहायता योजना 18, अक्षमता पेंशन योजना 01 लाभार्थियों सहित कुल 1603 लाभार्थियों को 5 करोड़ 03 लाख 914 की धनराशि का लाभ वितरण किया गया, जिसमें झांसी 755, ललितपुर 562 तथा जालौन के 286 लाभार्थी सम्मिलित है। उन्होने प्रत्येक योजना के 05-05 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर नव विवाहित वर-वधुओं को आशीर्वाद देते हुये उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मा0 श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर ने जो संविधान दिया, उसमें सभी के लिए समान अधिकार की व्यवस्था की गयी है। केन्द्र और प्रदेश सरकार इसी समान अधिकार के तहत बिना भेदभाव समाज के अन्तिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। पं0दीनदयाल उपाध्याय के अन्त्योदय दर्शन के अनुसार अन्तिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाई जा रही है।
मा0 मंत्री जी ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों के जीवन में व्यापक परिवर्तन आया है। उन्होने कहा कि श्रमिक रोजगार के लिए विभिन्न राज्यों अथवा जनपदों में भ्रमण करता है। इसके दृष्टिगत नवोदय विद्यालय की तर्ज पर प्रदेश सरकार श्रमिकों के बच्चों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना करायी जा रही है। इन विद्यालयों के माध्यम से श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी, जिससे इनके बच्चे भी महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे सकेंगे। उन्होने कहा कि मजदूरों के बच्चे बेहतर पढ़ाई करके डॉक्टर, इंजीनियर से लेकर प्रशासनिक अधिकारी भी बनेंगे।
मा0 मंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों के हितों के दृष्टिगत 18 जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के हितों में निर्णय लिया है कि कोई भी श्रमिक प्रवासी अथवा निवासी हो, उसे 02 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा की गारण्टी तथा 05 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाएगा। उन्होने बताया कि श्रमिक महिला के बच्चा पैदा होने पर मातृत्व हितलाभ योजना के अन्तर्गत 03 महीने की न्यूनतम मजदूरी की धनराशि दी जाती है। महिला के बेटी पैदा होने पर 25 हजार तथा बेटा होने पर 20 हजार की धनराशि पोषण हेतु उपलब्ध करायी जाती है। पहली बेटी होने 25 हजार रुपये की सवधि जमा करायी जाती है जो कि 18 वर्ष की होने पर 01 लाख रुपये की धनराशि मिलती है। यदि पहली बेटी दिव्यांग पैदा हुई है तो उसके लिये 50 हजार सवधि जमा जो 18 वर्ष की होने पर 02 लाख रुपये की धनराशि मिलती हैं।
मा0 मंत्री जी ने बताया कि यदि किसी श्रमिक की बेटी-बेटा प्राइमरी स्कूल में जाता है तो सामान्य सुविधा के अतिरिक्त 150 रुपये, जूनियर हाईस्कूल में 200, हाईस्कूल में 250, इण्टरमीडिएट में 300, स्नातक में 500, परास्नातक में 1 हजार, आईटीआई में 3 हजार, इंजीनियरिंग में 5 हजार तथा मेडीकल पढ़ाई में 10 हजार रुपये की अतिरिक्त धनराशि प्रदान की जाती है।
मा0 मंत्री जी ने बताया कि वर्ष 2009 में श्रमिक कल्याण बोर्ड बना और 08 साल में 34 लाख श्रमिकों का पंजीकरण कराया गया। लेकिन प्रदेश सरकार ने साढ़े चार साल में इस संख्या को बढ़ाकर 1 करोड़ 25 लाख श्रमिकों का पंजीकरण कराया है। इसके लिये पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कोई भी श्रमिक व्यक्ति अपना ऑनलाइन आवेदन जनसुविधा केन्द्रों के माध्यम से कर सकता है। ऐसे मजदूर जिनका अपना पक्का मकान नही है, उनको प्रधानमंत्री आवास की समतुल्य धनराशि मकान निर्माण हेतु उपलब्ध करायी जाती है और 12 हजार की धनराशि शौचालय निर्माण के लिये अलग से प्रदान की जाती है।
कार्यक्रम में मा0 श्रम राज्यमंत्री श्री मनोहरलाल पंथ, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री पवन गौतम, विधायक गरौठा श्री जवाहर लाल राजपूत, विधायक विल्लौर कानपुर श्री भगवती प्रसाद सागर, एमएलसी श्रीमती रमा निरंजन, मुख्य विकास अधिकारी श्री शैलेष कुमार, एसपी सिटी श्री विवेक त्रिपाठी, उप श्रमायुक्त नदीम अहमद सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण तथा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी उपस्थित रहे।



























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