उप्र आवास एवं विकास परिषद में कर्मचारियों की भारी कमी
अन्य खबरे Nov 11, 2021 at 08:55 PM , 367लखनऊ। उप्र आवास एवं विकास परिषद में कर्मचारियों की भारी कमी है। परिषद में स्वीकृत पदों के सापेक्ष कर्मचारियों एवं अभियंताओं की संख्या आधी से भी कम रह गयी है। निर्माण खंडों से लेकर सम्पत्ति कार्यालयों में बाबू और जेई के पास दो से तीन जगह का चार्ज है। काम का ज्यादा बोझ पड़ने से कर्मचारी तनाव में रहते हैं वहीं जनता से जुड़े काम भी प्रभावित हो रहे हैं। रजिस्ट्री से लेकर योजना में अनुरक्षण संबंधी शिकायतों का निस्तारण समय से नहीं हो रहा है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। आवास विकास में प्रतिवर्ष 100 से 150 कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इस पर नई भर्तियां ना होने से स्टाफ की कमी होती जा रही है। 2008 में बाबू और 2013 में जेई और एई की भर्ती के बाद कोई नई भर्तियां नहीं हुई हैं। जेई से एई और एई से अधिशासी अभियंता के पद पर प्रोन्नत हो जाने से जेई की संख्या और कम हो गई है। बाबू भी सेवानिवृत्त होते जा रहे हैं, जिससे निर्माण खंडों और सम्पत्ति कार्यालयों में उन्हें दो से तीन जगह का काम देखना पड़ रहा है।
आवास विकास की वृंदावन योजना और अवध विहार योजना के सम्पत्ति कार्यालयों में आवंटियों की भीड़ लगी रहती है। भवनों और भूखंडों की रजिस्ट्री, नामांतरण और आवास से संबंधित शिकायतों के लिए आवंटियों को बार—बार सम्पत्ति कार्यालयों और निर्माण खंडों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कर्मचारियों की कमी के चलते सम्पत्ति कार्यालयों में बाहरी लोगों से कार्य लिया जा रहा है जिसस भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। एई के 80 पदों को छोड़ दें तो जेई और बाबू की भर्ती पिछले दो वर्षों से आयोग में लंबित है। बाबुओं के 67 पदों के लिए परिषद ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को अधियाचन भेज दिया है। इसके अलावा एई और जेई के लिए लोकसेवा आयोग में मामला लंबित है। लोकसेवा आयोग ने एई के लिए विज्ञापन निकाल दिया है जिसकी परीक्षा 23 जनवरी को होनी है।



























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