अद्भुत संरचना: स्टोनहेंज के अद्भुत पत्थरों को देखने के लिए आते हैं पर्यटक

परिवेश , 404

अमरेन्द्र सहाय अमर  दुनिया बहुत अचरजों से भरी है. दुनिया भर  में ऐसी कई महान कलाकृतियां हैं, जो अपने विचित्र कारणों की वजह से हमेशा चर्चा में रहती हैं. इन्हें देखने के बाद मस्तिष्क में कई तरह के प्रश्न उठते हैं कि आखिर इनका निर्माण कैसे किया गया होगा? उस दौरान जब किसी प्रकार की उत्तम तकनीक का विकास नहीं हुआ था, तो भारी भरकम पत्थरों की मदद से इन्हें कैसे बनाया गया? आज हम जानकरी शेयर करने वाले हैं स्टोनहेंज के बारे में.  ये जगह इंग्लैंड में स्थित है.  ये स्थान इंग्लैंड का सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल भी है. कई देशों से पर्यटक स्टोनहेंज के अद्भुत पत्थरों को देखने के लिए आते हैं. स्टोनहेंज के इन चट्टानों के पीछे एक रहस्यमयी इतिहास छिपा हुआ है, जिसे लेकर कई तरह के दावे किए जाते हैं. आज के रहस्य की इस श्रृंखला में हम इंग्लैंड में स्थित स्टोनहेंज के इन पत्थरों के बारे में जानेंगे, जिनका संबंध एलियंस के साथ जोड़कर बतायाजाता है.

यह स्थान यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों में सम्मिलित है. स्टोनहेंज की इन चट्टानों को मेगालिथ के नाम से भी जाना जाता है. कई लोगों का कहना है कि इसका निर्माण प्रागैतिहासिक काल में हुआ था. वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इन रहस्यमयी चट्टानों के इतिहास को कांस्य युग से भी जोड़ कर देखते हैं.

स्टोनहेंज की विशालकाय चट्टानों की ऊंचाई करीब 23 फीट तक है. इन चट्टानों को ऊंचा खड़ा करके एक गोलाकार आकार में बनाया गया है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इनका निर्माण करीब 3000 से 2000 ईसा पूर्व के बीच किया गया होगा. ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि जब उस दौरान किसी प्रकार की वैज्ञानिक प्रगति नहीं हुई थी,तो इन विशालकाय चट्टानों को एक जगह से दूसरी जगहों ले जाकर कैसे इन्हें बनाया गया होगा?

इन विशालकाय चट्टानों में कुछ चट्टानों का वजन करीब 50 टन तक है. इन पत्थरों को बनाने में ब्लू स्टोन्स का इस्तेमाल किया गया था. स्टोनहेंज के पत्थरों के अंदर हीलिंग प्रॉपर्टीज भी पाई जाती हैं. मान्यता  है कि एक समय ये स्थान हीलिंग प्लेस हुआ करता था. जहां पर बीमार लोग आया करते थे और इन पत्थरों को छूने से वो लोग स्वस्थ  हो जाते थे.

कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इन्हें इंसानों ने नहीं बल्कि एलियंस ने बनाया था. उनके मुताबिक जिस तरह से पत्थरों को एक सुनियोजित ढंग से लगाया गया है, उनके पीछे काफी गणित छुपा हुआ है. ये काम उस समय के लोगों के लिए करना नामुमकिन था. अगर स्टोनहेंज के इन पत्थरों को ऊपर से देखा जाए तो ये बिल्कुल हमारे सोलर सिस्टम की तरह दिखते हैं. स्टोनहेंज के इन पत्थरों के कई राज दफन हैं, जिनका रहस्य अब तक उजागर नहीं हो पाया है.

Related Articles

Comments

Back to Top