एलानिया धमकी के साथ बस्ती जनपद में वीरे निषाद के परिजनों पर हुए प्राणघातक हमले से उत्तर प्रदेश पुलिस के खाते में दर्ज हुआ एक और कलंक

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बस्ती / लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां लखनऊ में ए.एन.आई. और कुछ दूसरे मीडिया संस्थानों के पालतू पत्रकारों के समक्ष अपराध के साथ कोई समझौता ना करने का दावा करते रहते हैं तो दूसरी तरफ  लूट – दमन , शोषण – अन्याय का पर्याय बनी उत्तर प्रदेश पुलिस अपने खाते में राज्य में एक कोने से लेकर दूसरे कोने में कलंक के नए – नए अध्याय जोड़  रही हैं।उत्तर प्रदेश में ‘ कानून का राज्य ’ की शव यात्रा निकालने के बाद अब पुलिस की मिलीभगत से अपराधी अराजकता का नंगा नाच करके राज्य के जन – जीवन के समक्ष अस्तित्व का संकट खड़ा कर रहे हैं। 
                         बस्ती जनपद के वाल्टर गंज थाने में 15 अक्टूबर की शाम को बहेरिया गांव के वीरे निषाद के घर पर संगठित हमला हुआ जिसमें शिवराम , बलराम , संगीता आदि घायल हो गए। इसके पूर्व 23 अगस्त को वीरे निषाद के घर पर आकर आशाराम के नेतृत्व में  विपक्षियों ने खुलेआम गंदी – गंदी गालियां देते हुए  धमकी दिया गया था  कि तुम लोगों को जान से मार दिया जाएगा यदि तुम लोगों ने अपने मुकदमें की पैरवी किया। यहां यह जानना आवश्यक हैं कि वीरे निषाद और उनके विपक्षियों के बीच जमीन संबंधी मुकदमा चल रहा हैं। 23 अगस्त को जब वीरे निषाद के परिजनों के साथ हुई गाली गलौज और दी गई धमकी को लेकर थाना स्थानीय : वाल्टर गंज में कोई सुनवाई नहीं हुई तो पीड़ित वीरे ने पुलिस अधीक्षक : बस्ती को प्रार्थनापत्र दिया लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई  नहीं हुई। परिणाम सामने है कि 15 अक्टूबर की  शाम को विपक्षियों ने संगठित हमला बोला जिसमें वीरे की पुत्र बधू : संगीता , पौत्र : बलराम , शिवराम और दीपक आदि घायल हो गए ।  पुलिस वीरे निषाद के घायल  परिजनों को थाना स्थानीय पर ले आया । संगीता को छोड़ दिया गया और बलराम , शिवराम और दीपक आदि का  रात के तीन बजे तक ना तो मेडिकल  हुआ और ना ही पुलिस ने उनकी चिकित्सा की कोई उचित व्यवस्था किया। 
... नैमिष  प्रताप सिंह ...

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