देश का भविष्य और जनमानस का सुरक्षित जीवन अभियन्ताओं के हाथ में है -मोती सिंह

जनपत की खबर , 330

सड़कों की गुणवत्ता अच्छी होने के साथ ही इकोफ्रेन्डली होनी चाहिए

निर्माण कार्य में नई तकनीक का प्रयोग किया जाये, जिससे गिट्टियों की खपत भी कम होगी और मार्ग दीर्घ आयु के भी निर्मित होंगे 

नई तकनीकियों में कोल्ड मिक्स प्रीकार्पेटिंग द्वारा लेपन कार्य किये जाने की तकनीक पर्यावरण के प्रदूषण में कमी होने के साथ-साथ ओजोन लेयर का घनत्व भी बढ़ेगा

लखनऊः दिनांक: 24 सितम्बर, 2021
      उत्तर प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री, श्री राजेन्द्र प्रताप सिंह ‘मोती सिंह‘ ने कहा कि देश का भविष्य और जनमानस का सुरक्षित जीवन अभियन्ताओं के हाथ में है। वह हमें बेहतर सड़के बनाकर दें, जिससे आम लोगों को कम समय मंे अपने गन्तव्य पर पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि खराब एवं गड्ढायुक्त सड़क होने की वजह से बीमारों एवं जरूरतमंदो को रास्ते मंे अधिक समय लग जाता है। उन्होंने कहा कि सड़कों की गुणवत्ता अच्छी होने के साथ ही इकोफ्रेन्डली होनी चाहिए, जिससे पर्यावरण की क्षति न हो। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नई तकनीक से सड़के बनेंगी, जो की टिकाऊ और मजबूत होंगी। ग्राम्य विकास मंत्री आज यहां उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के कार्यालय में ‘आजादी के अमृत महोत्सव‘ कार्यक्रम के सम्बन्ध में आयोजित एक सेमिनार में शिरकत कर रहे थे।
      ग्राम्य विकास मंत्री ने कहा कि पारम्परिक तकनीक से सम्पादित निर्माण कार्यो में अत्यधिक पत्थर की गिट्टी का उपयोग किया जाता है, जिसके कारण प्रदेश के संसाधनों में निरन्तर कमी होती जा रही है। साथ ही निर्मित मार्ग भी अधिक दिनों तक टिकाऊ नहीं रह पाते हैं। इसके लिये यह हम सबका दायित्व बनता है कि निर्माण कार्य में ऐसी तकनीकि का प्रयोग किया जाये, जिससे पत्थर की गिट्टी का उपयोग यदि शून्य न हो सके या अत्यधिक न्यून हो जाये और मार्ग भी अधिक समय तक टिकाऊ रह सकें। उन्होंने कहा कि तकनीकि एक्सपर्ट देश की इकोनॉमी को हिमालय की ऊँचाईं तक ले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मार्ग निर्माण के सम्बन्ध में विश्व में हो रहे शोधांे में ऐसी तकनीकियों की खोज हो चुकी है कि यदि उसके आधार पर निर्माण किया जाये तो गिट्टियों की खपत भी कम होगी और मार्ग दीर्घ आयु भी होंगे।
     ग्राम्य विकास मंत्री ने कहा कि 75वां आजादी का अमृत महोत्सव को और अधिक भव्य बनाने की दिशा में भारत सरकार द्वारा अन्तः राज्यीय भ्रमण कार्यक्रम तैयार करते हुये जनपदों में नई तकनीकी पर आधारित निर्मित कार्यो के परफार्मेन्स के अध्ययन करने हेतु प्रदेश के विभिन्न अंचलों से अधिकारियों को भी नामित करते हुये भेजने का निर्णय लिया गया तथा भ्रमण के पश्चात् नई तकनीकियों के बारे में प्रस्तुतीकरण हेतु भी कार्यक्रम निर्धारित किया गया, जिसमें इस विधा में संलग्न अभियन्ताओं का इन नई तकनीकियों के बारे में ज्ञानवर्धन किया जा सके।
इस मौके पर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री भानु चन्द्र गोस्वामी ने कहा कि भारत सरकार द्वारा विभिन्न विभागों को उनके द्वारा दिये जा रहे सेवाओं के अनुरूप पूरे वर्ष में नियमित अन्तराल पर गतिविधियाँ निश्चित करते हुये उत्सव के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के अन्तर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के क्रियान्वयन हेतु नियत नोडल एजेन्सी एन0आर0आई0डी0ए0 द्वारा प्रदेश के समस्त जनपदीय पी0आई0यू0 एवं राज्य स्तर पर स्थित नोडल एजेन्सी, यूपीआरआरडीए को भी गतिविधियां आवंटित करते हुए भव्य उत्सव मनाने हेतु अवसर दिया गया है। इसी क्रम में प्रदेश में कार्यरत अधिकारियों में कुछ अधिकारियों को चिन्हित करते हुए अर्न्तराज्यीय भ्रमण का कार्यक्रम निश्चित करते हुये गत सप्ताह 13 सितम्बर से 19 सितम्बर के मध्य विभिन्न प्रदेशों में नयी तकनीकियों पर आधारित निर्माण कार्यो के परफार्मेन्स के अध्ययन हेतु भेजा गया था, जिसके क्रम में प्रदेश के अधिकारियों द्वारा अन्य प्रदेशों में नई तकनीकी पर आधारित निर्मित कार्यो के परफार्मेन्स का अध्ययन किया गया।
श्री गोस्वामी ने कहा कि इसी दिशा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के निर्माण में एफ0डी0आर0 तकनीक का प्रयोग करने हेतु 09 मार्गो के निर्माण पायलट के रूप में प्रस्तावित किये गये थे जिनके बिडर्स का चयन करते हुये अनुबन्ध की कार्यवाही पूर्ण कराये गये हैैं। इसके साथ ही पीएमजीएसवाई के बैच-1 में प्रेषित किये गये प्रस्तावों से चयनित 299 मार्गो के भी इसी नई तकनीक पर आधारित प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित करने की कार्यवाही अभिकरण द्वारा की जा रही है।    
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने कहा कि नई तकनीकियों में कोल्ड मिक्स प्रीकार्पेटिंग के कार्य में तैयार होने वाले मिक्स में मिश्रित करने हेतु कई पालिमर आधारित मटेरियल (नैनो टैक्नोलॉजी) की भी खोज हो चुकी है जिनको मिक्स में मिलाने पर प्रीकार्पेटिंग पानी से खराब नहीं होता है जिससे मार्ग लम्बी अवधि तक टिकाउ बना रहता है।  मार्ग निर्माण में अन्य नई तकनीकियों में कोल्ड मिक्स प्रीकार्पेटिंग द्वारा लेपन कार्य किये जाने की तकनीक को ग्रहण करने से जहां एक तरफ पर्यावरण के प्रदूषण में कमी होगी वहीं दूसरी ओर ओजोन लेयर का घनत्व भी बढ़ेगा।
श्री गोस्वामी ने कहा कि इसी प्रकार ग्रामीण मार्गो पर सीमेन्ट कान्क्रीट की सड़कों के निर्माण में भी छोटे-छोटे सेल्स बनाकर भी निर्माण कराने की तकनीक विकसित हो गयी है जिससे जहां एक तरफ कान्क्रीट मार्गो की लागत में कमी होती है वहीं दूसरी तरफ अधिक अवधि तक मार्ग टिकाउ बन जाता है। मार्ग निर्माण में मिट्टी के कार्य की भार वहन क्षमता (बियरिंग कैपासिटी) बढ़ाने हेतु जियो सिन्थेटिक मेस का प्रयोग करने की भी तकनीक विकसित हो गयी है जिसको एक लेयर में मिट्टी के अन्दर बिछा देने पर बिना किसी सामग्री के मिक्स किये मिट्टी की भार वहन क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि हो जाती है।
उल्लेखनीय है कि देश की स्वतंत्रता के आगामी 15 अगस्त, 2022 को 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिसके उपलक्ष्य में भारत सरकार द्वारा 15 अगस्त 2021 से 15 अगस्त 2022 की स्वर्णिम अवधि को 75वां आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इसके उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में सभी तकनीकियों के बारे में सम्बन्धित एक्सपर्ट्स द्वारा संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण किया गया।

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