आओ रक्तदान करें _

परिवेश , 638

रक्तदान को करने वालों, करता हूँ मैं तुम्हें प्रणाम
नवजीवन के हे प्रदाता, रक्त वीर तुमको प्रणाम
है मतलब किसको धरती पर, जीवन बिता जाता है
मतलब, स्वार्थ की भाषा से, सब को तौला जाता है
फेर नज़र को बैठी दुनिया, कब जाने मानवता को
जिसकी उँगली कटती है, वो ही जाने इस ममता को
निमर्म हुए इस कलियुग में, हे जीवनदाता तुम्हें प्रणाम
नवजीवन के हे प्रदाता, रक्त वीर तुमको प्रणाम
उठती है बिन रक्त धरा पर, अर्थी बूढ़े हाथों से
समय बड़ा ही पापी बनकर, खेला है जज्बातों से
पापी है वो आँखे जालिम, रोती ना देख कराहों को
अब भी मानवता जिंदा, है खोले प्रेमी बाँहों को
समझाया है धर्म धरा पर, जीवनदाता तुम्हें प्रणाम
नवजीवन के हे प्रदाता, रक्त वीर तुमको प्रणाम

बहुत सूकुन मिला आज
जब उस शख्स ने आकर पूछा
कि मरीज के क्या लगते हो भाईसाहब
और हमनें खून देते वक्त कहा
"कुछ नहीं"

युवा और स्वस्थ व्यक्ति के लिए रक्तदान कोई नुकसान नहीं है। बीमार के लिए रक्तदान जीवन की आशा है, जीवन को वापस देने के लिए रक्त दान अवश्य करें !

जीवन का सर्वश्रेष्ठ पुनीत कार्य रक्तदान है। रक्तदान करके किसी के जीवन को बचाया जा सकता है। रक्तदान हमारे शरीर के लिए बहुत ही जरूरी होता है, और इससे एक व्यक्ति की जान भी बच सकती है, रक्तदान स्त्री या पुरुष कोई भी कर सकता है | कुछ व्यक्ति होते है जो रक्दान देने से डरते है इसलिए हर साल रक्तदान दिवस (Blood Donor Day) 14 जून को मनाया जाता है इससे लोगों में रक्तदान के जाकरूकता बढ़ती है और वह रक्तदान करते है |
रक्तदान महादान होता है…धीरे-धीरे लोग इसका महत्व समझने लगे हैं और रक्तदान के प्रति जागरूकता का माहौल भी देखने को मिल रहा है। फिर भी बहुत सारे जिनको अभी अभी रक्तदान करने से डर लगता हैं, तो हमारा कृतव्य हैं कि हम उन्हें जागरूक करे।

हमको यह भावना जन-जन तक पहुंचानी चाहिए कि रक्तदान महादान है। इससे लाखों लोगो की जिंदगी बच सकती है। अगर आप की वजह से किसी की ज़िन्दगी बचती हैं । तो आपको जो संतुष्टि का एहसास होगा उसे शब्दों में बयाँ करना मुमकिन नही हैं।

प्रफुल्ल सिंह "बेचैन कलम"
युवा लेखक/स्तंभकार/साहित्यकार
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
सचलभाष/व्हाट्सअप : 6392189466
ईमेल : prafulsingh90@gmail.com

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