संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फागिंग लगातार जारी रहे : योगी

जनपत की खबर , 449

लखनऊ । कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से उत्तर प्रदेश को हुए नुकसान से सतर्क योगी सरकार अब स्वास्थ्य ढांचे को इतना मजबूत कर देना चाहती है कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर या किसी भी महामारी से आसानी से निपटा जा सके। इसके लिए प्रदेश भर के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत किया जा रहा है। पीएचसी-सीएचसी के साथ ही हेल्थ और वेलनेस सेंटर की रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मांगी है।दिल्ली का दौरा कर शुक्रवार देर शाम राजधानी लखनऊ लौटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर कोरोना संक्रमण की स्थिति और बचाव के लिए चल रही व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने सामुदायिक, प्राथमिक, उप स्वास्थ्य केंद्रों, हेल्थ और वेलनेस सेंटर को समय सीमा में मजबूत करने का निर्देश दिया। कहा कि इसके लिए प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर डाक्टर उपलब्ध रहें।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया गया कि सीएचसी, पीएचसी पर डाक्टरों की तैनाती कर दी गई है। पर्याप्त संख्या में एमबीबीएस डाक्टर उपलब्ध न होने के कारण कुछ स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यकतानुसार आयुष के चिकित्सक भी तैनात किए गए हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने सभी सामुदायिक, प्राथमिक, उप स्वास्थ्य केंद्रों, हेल्थ और वेलनेस सेंटर की मजबूती, डाक्टर, पैरामेडिकल व अन्य स्टाफ की तैनाती का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एंबुलेंस सेवाओं को बेहतर ढंग से चलाते रहने पर भी जोर दिया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोहराया कि वर्षा काल में इंसेफ्लाइटिस सहित विभिन्न संक्रामक बीमारियों का प्रकोप कई जिलों में बढ़ता है। बरसात का मौसम शुरू हो रहा है, इसलिए संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए कार्ययोजना बनाकर पूरी तैयारी कर लें। स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फागिंग लगातार जारी रहे। स्वच्छ और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति भी बनी रहे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जल्द ही वह खुद समीक्षा करेंगे।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्राम प्रधान अपने दायित्वों का अच्छे ढंग से निर्वहन कर सकें, इसके लिए उनका प्रशिक्षण कराया जाए। ग्राम प्रधानों के प्रशिक्षण की विषय वस्तु इस तरह होनी चाहिए कि उन्हें ग्राम सभा की बैठकों के नियमित आयोजन, गांव के लिए उपयोगी प्रोजेक्ट के चयन, गांव की साफ-सफाई, जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने, अपने संसाधनों से ग्राम पंचायत की आय बढ़ाने आदि की जानकारी हो सके। मुख्यमंत्री को बताया गया कि कुछ ग्राम प्रधानों के पैन कार्ड न होने के कारण उनके बैंक खाते नहीं खुल पा रहे हैं। इस पर उन्होंने जल्द औपचारिकताएं पूरी कराकर खाते खुलवाने का निर्देश दिया। वहीं, आपदा में अनुमन्य मुआवजा जनप्रतिनिधियों के माध्यम से दिलाने के भी निर्देश दिए।

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