CM योगी ने कोविड-19 प्रबंधन के संबंध में मंडलायुक्त/एडीजी/आईजी/डीआईजी गणों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए-
हेडलाइंस Apr 25, 2021 at 09:52 PM , 291लखनऊ: 25 अप्रैल, 2021 होम आइसोलेशन में उपचाराधीन लोगों को मेडिकल किट जरूर उपलब्ध कराया जाए।मंडलायुक्त और एडी हेल्थ स्तर से इसकी प्रॉपर मॉनिटरिंग की जाए। होम आइसोलेशन में इलाजरत सभी मरीजों को डॉक्टर के परामर्श पर ऑक्सीजन की आपूर्ति कराई जाए।
- प्रदेश के किसी जिले में बेड का अभाव नहीं है। फिर भी कतिपय स्थानों से बेड के अभाव में मरीजों को उपचार से वंचित करने की घटनाएं संज्ञान में आई हैं। यह संवेदनहीनता है। अगर सरकारी अस्पताल में बेड रिक्त नहीं हैं तो निजी चिकित्सालय में इलाज की सुविधा दिलाई जाए। राज्य सरकार नियमानुसार उसका भुगतान करेगी। मंडलायुक्त गण स्वयं इस व्यवस्था की मॉनिटरिंग करते हुए प्रभावी ढंग से लागू कराएं।
- आमजन को बेड की उपलब्धता की समुचित जानकारी उपलब्ध कराई जाए। प्रदेश में ऐसे सभी हॉस्पिटल जहां कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज हो रहा है, वहां दिन में दो बार अस्पताल में रिक्त बेड का विवरण सार्वजनिक किया जाए। यह विवरण जिले के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के पोर्टल पर भी अपलोड कराया जाए। बेड का आवंटन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाना चाहिए। सभी जिला प्रशासन इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कराएं।
- टेस्ट हो या ट्रीटमेंट, राज्य सरकार ने सभी के लिए शुल्क की दरें तय कर दी हैं। समस्त जिला प्रशासन निर्धारित दरों का अनुपालन सुनिश्चित कराएं। किसी भी अस्पताल से यदि अधिक शुल्क लेने की शिकायत मिली तो उनके विरुद्ध महामारी एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई होनी तय है।
- कतिपय जिलों में कुछ अस्पतालों द्वारा ऑक्सीजन आदि के अभाव की बात कहते हुए लोगों में भय पैदा करने की कोशिश की जा रही है। ऐसे लोगों पर नजर रखी जाए। ऐसी सभी घटनाओं की विधिवत पड़ताल कराई जाए, यदि अभाव की सूचना महज भय बनाने के लिए की गई हो, तो सम्बंधित अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
- बीते कुछ दिनों में लखनऊ और प्रयागराज में रिकवरी रेट, पॉजिटिविटी रेट से बेहतर रहा है। यह अच्छे संकेत हैं। प्रदेश में कोविड-19 का तीव्र संक्रमण है। पिछली लहर से यह लगभग तीस गुना अधिक संक्रामक है। इसकी रोकथाम के लिए 'टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट' के मंत्र के अनुरूप कार्य किया जा है। इसे अपने सम्बंधित क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से लागू किया जाना सुनिश्चित कराएं।
- कोविड से बचाव में वैक्सीनेशन एक महत्वपूर्ण हथियार है। जिन लोगों का टीकाकरण हो चुका है, यदि वह लोग संक्रमित हो भी रहे हैं, तो भी उनकी रिकवरी बहुत जल्द हो रही है। ऐसे में हमें वैक्सीनेशन के महत्व को समझना होगा। एक मई से प्रारंभ हो रहे 18 वर्ष से अधिक लोगों के टीकाकरण अभियान को सभी के सहयोग से सफल बनाना है।
- एंटीजन टेस्ट में पॉजिटिव व्यक्ति को कोविड पॉजिटिव मानकर आवश्यकतानुसार अस्पताल में इलाज उपलब्ध कराया जाए। आरटीपीसीआर टेस्ट की प्रतीक्षा न करें। लक्षणयुक्त लोगों को पॉजिटिव मानते हुए उपचार की सुविधा दी जानी चाहिए। ध्यान रहे, हम जितनी जल्दी ट्रीटमेंट शुरु कर देंगे, मरीज के गंभीर होने की आशंका उतनी ही कम होती जाएगी। अतः हर मरीज को जल्द से जल्द उचित उपचार उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें।
- कोविड हॉस्पिटल में होने वाली हर मृत्यु पर संबंधित परिजनों की सहमति प्राप्त करते हुए सरकारी खर्च पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अंत्येष्टि कराई जाए। मृतक के परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार हो।
- कानपुर में 12 नए अस्पतालों को कोविड अस्पताल के रूप में तैयार किया जा रहा है। इससे बेड भी बढ़ेंगे और अधिकाधिक लोगों को उपचार मिल सकेगा। ऐसे ही प्रयास सभी मंडलायुक्त अपने क्षेत्रों में कराएं।





























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