*कोरोना मरीजो को प्राइवेट हास्पिटल करेगें सीधे भर्ती , मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पत्र की बाध्यता हुई समाप्त*

हेडलाइंस , 1088

*प्राइवेट अस्पताल अब अपने फैसले के साथ बेड खाली होने पर मरीजों को करेंगे सीधे भर्ती।* 

ए,के,दुबे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश मे कोरोना मरीजों को बेड खाली होने पर प्राइवेट हास्पिटलो में इलाज के लिए भर्ती किया जायेगा। आज से प्राइवेट हास्पिटलो में कोरोना मरीजों की भर्ती के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी की परमिशन की जरूरत नहीं होगी। अब प्राइवेट हास्पिटल कोरोना मरीजों को सीधे भर्ती कर सकते हैं। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाँ संजय भटनागर ने दी। उन्होंने कहा-अभी तक निजी चिकित्सालयों में कोरोना मरीजों को  भर्ती होने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी की परमीशन लेनी होती थी। लेकिन आज से ऐसा नहीं होगा। अब प्राइवेट हास्पिटल स्वयं निर्णय लेकर कोरोना मरीजों को भर्ती कर इलाज कर सकते हैं।
इसके साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा निजी पैथोलॉजी व लैब कोरोना संभावित मरीजों की जाँच निरंतर जारी रखें। और समय से रिपोर्ट उपलब्ध कराएँ ताकि मरीजों की जांच और इलाज समय से हो सके। इसके साथ ही उन्होंने कहा-45 साल से अधिक उम्र  के जो भी लोग टीका लगवाने के लिए आ रहे हैं। उनका टीकाकरण किया जा रहा है |  इसलिए वह सभी लोग जो 45 साल से अधिक उम्र के हैं वह अपना या अपने परिवार में 45 साल से अधिक के लोगों को टीका अवश्य लगवाएं और कोरोना जैसे बीमारी को हराने में  सहयोग दें । टीका लगवाना बहुत जरूरी है क्योंकि सिर्फ टीके से ही कोरोना संक्रमण से बचा जा सकता है | टीका लगने के बाद यदि किसी को संक्रमण होता है तो वह बहुत मामूली होता है और कम से कम जान तो नहीं जाती है। साथ ही
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि दवाई भी और कड़ाई भी।  इसलिए टीका लगने के बाद भी हमें लापरवाह नहीं होना है। वैसे भी इस समय संक्रमण बढ़ा हुआ है अतः मास्क जरूर लगायें , बेवजह घर से बाहर न निकलें, और किसी के घर जाने से बचें । बार –बार अपने हाथों को साबुन और पानी से या 70 फीसद अल्कोहल युक्त सेनिटाइजर से 40 सेकेण्ड तक धोएं | दो गज की शारीरिक दूरी का पालन करें । अपने चेहरे को न छुएं । सार्वजानिक समारोह में शामिल होने से बचें । अंत मे दोहराया कि सबसे अहम् बात है कि कोरोना का टीका अवश्य लगवाएं।

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