*ग्रेटर नोएडा: सपा महासचिव ने लापता नरेंद्र भूषण को ढूंढने पर रखा ईनाम, पोस्टर जारी किया -*
अन्य खबरे Apr 23, 2021 at 06:08 PM , 375नोयडा।
ग्रेटर नोएडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO Greater Noida) नरेंद्र भूषण (Narendra Bhushan) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने गौतमबुद्ध नगर जिले का कोविड-19 प्रभारी नियुक्त किया है। राज्य में नरेंद्र भूषण अकेले ऐसे अधिकारी हैं, जिनकी नियुक्ति के लिए अलग से शासनादेश जारी किया गया। जिसमें बाकायदा उन्हें जिले की कमान सौंपी गई। इतना ही नहीं जिले के पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, तीनों विकास प्राधिकरण और तमाम दूसरे महकमों को उनके मातहत कर दिया गया। दूसरी ओर शहर के लोग नरेंद्र भूषण को तलाश कर रहे हैं। अभी तक आम आदमी के बीच यह चर्चा थी, लेकिन अब जिले के खास लोग भी इस मसले पर बात कर रहे हैं। लोग बाकायदा ट्विटर, फेसबुक और व्हाट्सएप पर पोस्ट डालकर पूछ रहे हैं कि आखिर नरेंद्र भूषण कहां गायब हो गए हैं?
गौतम बुद्ध नगर समाजवादी पार्टी के महासचिव श्याम सिंह भाटी का कहना है कि जिले में इस समय कोरोना संक्रमण की रफ्तार काफी तेज हो गई है। लगातार जिले में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जिले में तैनात किए गए कोविड-19 नोडल प्रभारी नरेंद्र भूषण लापता है। जिस समय जिले में नोडल प्रभारी की सबसे ज्यादा जरूरत है। उस समय वह अचानक गायब हो गए हैं। इसलिए उन्होंने पोस्टर बनवाए हैं। इसमें लिखा हुआ है कि "गौतमबुद्ध नगर के कोविड-19 नोडल प्रभारी नरेंद्र भूषण पिछले लंबे समय से गायब हैं। जो भी व्यक्ति उनको ढूंढकर लाएगा, उनको 1000 रुपए का नगद इनाम दिया जाएगा।"
उनका कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नरेंद्र भूषण को अलग से नोडल अधिकारी नियुक्त किया था। उनका दायित्व है कि वह जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए उचित कदम उठाए। लेकिन आज जिले में जब उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है तो वह गायब हो गए हैं। ऐसे समय पर योगी आदित्यनाथ विश्वास पर भी उंगली उठाई जा रही है।
*भाजपा नेताओं ने ही सीईओ की तलाश शुरू की*
आपको बता दें कि इससे पहले भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष प्रताप नागर ने गुरुवार जो एक ट्वीट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है, "गौतमबुद्ध नगर में कोरोनावायरस के संक्रमण में हाहाकार मचा रखा है। मुझे यह कहने में कोई झिझक नहीं हो रही है कि नोएडा में हालात खतरनाक हैं और गौतमबुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नर आलोक कुमार सिंह के अलावा स्थानीय प्रशासन का कोई पता नहीं है। हमारे दो महत्वपूर्ण अफसर गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास एलवाई और कोविड-19 नोडल अधिकारी नरेंद्र भूषण गायब हैं।"
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के एक अन्य नेता जितेंद्र अग्रवाल ने भी ट्वीट किया है। जितेंद्र अग्रवाल ने कहा, "नरेंद्र भूषण गायब हो गए हैं। जिला कोरोनावायरस संक्रमण से जूझ रहा है। लोग मर रहे हैं। नरेंद्र भूषण के हाथों में गौतमबुद्ध नगर बर्बाद हो रहा है।" जितेंद्र अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने खुद कई बार नरेंद्र भूषण के मोबाइल नंबर पर फोन किए। उनके कार्यालय में फोन किए। किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। नरेंद्र भूषण को मैसेज करने पर भी कोई प्रतिउत्तर नहीं आता है। ऐसे अफसर को इस महामारी के दौर में इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने का क्या फायदा है। डीएम ने न जाने कितने नंबर जारी किए हैं। उनमें से ज्यादतर बंद पड़े हैं या रिसीव नहीं हो रहे हैं।
जिले के एक जनप्रतिनिधि ने बातचीत के दौरान कहा, "लोग मुझे ट्विटर पर टैग करके मदद मांग रहे हैं। ग्रेटर नोएडा के लोगों की परेशानियों को लेकर मैंने नरेंद्र भूषण से बात करने की कोशिश की, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। मजबूर होकर ट्विटर पर उन्हें टैग करके पीड़ित लोगों को मदद देने के लिए कहा। उस पर भी उनके और प्राधिकरण के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा शहर से रोजाना सैकड़ों लोग मदद मांग रहे हैं। ऐसे में यह समझ नहीं आता कि आखिर लोगों की मदद कैसे की जाए।"
गौतमबुद्ध नगर कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट अतुल शर्मा ने भी फेसबुक पर एक पोस्ट लिखी है। अतुल शर्मा ने लिखा, "ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नरेंद्र भूषण गायब हैं। उन्हें इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गलत दांव चल दिया है। मुझे लगता है कि नरेंद्र भूषण इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सम्भालने लायक अफसर नहीं हैं। उन्होंने तो ग्रेटर नोएडा शहर ही बर्बाद कर रखा है। अब पूरे जिले में हायतौबा है। वह किसी का फोन तक नहीं उठा रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनका दफ्तर जवाब नहीं दे रहा है।"
उन्होंने आगे कहा, "जिले में सबसे निष्क्रिय ट्विटर हैंडल ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और नरेंद्र भूषण का है। करीब 4 साल पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास प्राधिकरण को ट्विटर पर सक्रिय रहने का आदेश दिया था। दूसरी ओर नोएडा में ऋतु महेश्वरी ने विकास प्राधिकरण को सोशल मीडिया पर पायनियर बना दिया है। कोई भी शिकायत करने पर या मदद मांगने पर नोएडा विकास प्राधिकरण और वहां की सीईओ का जरूर जवाब मिलता है। सेनेटाइजेशन तक नहीं हो रहा है। भगवान के सहारे जिला है।"



























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