*कोरोना महामारी का दूसरा असर, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का सीएजी ऑडिट रुक गया -*

हेडलाइंस , 471

नोयडा।

-सीएजी टीम ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दूसरे चरण का ऑडि करने आई थी
-कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते मुख्यालय ने टीम को वापस बुला लिया है

कोरोना महामारी का असर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीएजी ऑडिट पर भी पड़ा है। कोरोना का प्रकोप बढ़ते ही ऑडिट टीम लौट गई। अब सीएजी ऑडिट के लिए टीम तीन माह बाद वापस आएगी। तब प्राधिकरण का ऑडिट शुरू किया जा सकेगा।


प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद से जनपद के तीनों प्राधिकरणों का सीएजी ऑडिट हो रहा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का पहले चरण का ऑडिट पूरा हो चुका है। दूसरे चरण के ऑडिट के लिए छह सदस्यीय टीम अप्रैल के प्रथम सप्ताह में आई थी। प्राधिकरण ने अपने परिसर में उनके लिए ऑफिस बनाया था। टीम ने ऑडिट शुरू कर दिया था। ऑडिट टीम वित्तीय वर्ष 2019-20 का ऑडिट करेगी। इसी बीच कोरोना का प्रकोप बढ़ता चला गया। इसके बाद टीम ने मुख्यालय से ऑडिट को रोकने की अनुमति मांगी। मुख्यालय ने ऑडिट रोकने और वापस आने की अनुमति दे दी। इसके बाद टीम चली गई। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि अब तीन माह बाद टीम आकर ऑडिट करेगी।

*पहले चरण में कई फाइलें नहीं मिली थीं*

पहले चरण के ऑडिट में टीम को कई फाइलें नहीं मिली थीं। टीम ने इसकी शिकायत शासन से भी की थी। शासन की फाटकार के बाद फाइलों की खोजबीन शुरू हुई। अब उन फाइलों का ऑडिट किया जाएगा। इसमें अधिकतर मामले बिल्डरों और नियोजन विभाग से जुड़े हैं। सीएजी की टीम ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बिल्डरों को हुए जमीन आवंटन में गड़बड़ी की तह तक जानना चाहती है। हालांकि प्राधिकरण ने फाइलों को दे दिया।

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