लखनऊ में पहली बार आयोजित हुआ अनूठा ‘बेटी व्रत’ समारोह, पिताओं ने बेटियों की दीर्घायु के लिए रखा उपवास
जनपत की खबर Nov 01, 2026 at 01:40 AM , 11**11 पिताओं ने मंच पर उतारी बेटियों की आरती, 51 पिताओं ने ऑनलाइन जुड़कर निभाई परंपरा; बेटियों ने लड्डू खिलाकर खुलवाया व्रत**
**लखनऊ।** बेटियों के प्रति प्रेम, सम्मान और समर्पण का अनूठा उदाहरण राजधानी लखनऊ में देखने को मिला। बेटियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य का संदेश देने के उद्देश्य से बेटियां उत्थान संस्था की ओर से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मरकरी हॉल में भव्य ‘बेटी व्रत’ समारोह आयोजित किया गया।
इस अनूठी पहल में पिताओं ने अपनी बेटियों की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सूर्योदय से सूर्यास्त तक व्रत रखा। आयोजकों के अनुसार, लखनऊ में इस तरह का यह पहला आयोजन था।
कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 4:30 बजे अयोध्या के महंत राज कुमार दास जी महाराज (प्रमुख एवं मुख्य अधिकारी, श्री राम वल्लभकुंज, जानकी घाट, अयोध्या धाम) ने दीप प्रज्वलित कर किया।
समारोह का सबसे भावुक क्षण तब देखने को मिला, जब मंच पर 11 पिताओं ने अपनी बेटियों की आरती उतारी और उन्हें प्रणाम किया। वहीं, 51 पिताओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर इस परंपरा में भागीदारी की। इसके बाद बेटियों ने अपने पिता को लड्डू खिलाकर उनका व्रत खुलवाया।
इस अवसर पर पिताओं ने बेटियों को उपहार स्वरूप 'बेटी बटुआ' भेंट किया। पिता और बेटियों के बीच प्रेम, सम्मान और अपनत्व का यह दृश्य समारोह में मौजूद लोगों के लिए यादगार बन गया।
**बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान पर दिया जोर**
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के नगर महामंत्री संजय त्रिवेदी, संस्था के संरक्षक अंशुमन द्विवेदी, मीडिया प्रभारी राजीव सतीजा एवं डॉ. रोमी पाल सिंह उपस्थित रहे।
इस दौरान एन.ए. शुक्ला, जीएम शुगर मिल; डॉ. रोम, प्रोफेसर (IMRT); सचिन मिश्रा, इंस्पेक्टर; यशपाल सिंह चौहान, संस्थापक खाटू श्याम मंदिर, चंद्रिका देवी मार्ग, बख्शी का तालाब; प्रदीप सिंह भुल्लर, समाजसेवी, पीलीभीत तथा राजकुमार राजू, समाजसेवी, पूरनपुर ने भी अपने विचार रखे।
सभी वक्ताओं ने बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और समान अवसरों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेटियों को सम्मान और आगे बढ़ने के अवसर देना परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
**बेटी के सम्मान और सशक्तीकरण का सामाजिक संदेश**
कार्यक्रम में अतिथियों ने संस्था के संस्थापक ए.के. राजीव की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।
संस्थापक ए.के. राजीव ने इस पहल के माध्यम से संदेश दिया कि बेटी केवल पिता की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उसके जीवन का गौरव, प्रेम और अभिमान है। पिता द्वारा बेटी की लंबी आयु और खुशहाल जीवन के लिए व्रत रखना पिता-पुत्री के रिश्ते को एक नई भावनात्मक पहचान देता है।
‘बेटी व्रत’ समारोह ने समाज को यह संदेश दिया कि बेटियों का सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके अधिकारों, सुरक्षा, शिक्षा और स्वाभिमान के लिए भी निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।






_page-0001.jpg)
























Comments