लखनऊ: DGP राजीव कृष्ण की उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक, अपराधियों पर सख्ती और बेहतर पुलिसिंग पर जोर

जनपत की खबर , 17

**लखनऊ।** उत्तर प्रदेश के DGP राजीव कृष्ण ने पुलिस मुख्यालय से ऑनलाइन उच्चस्तरीय बैठक कर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण और जनसुनवाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
 
DGP ने **“Zero Tolerance is a State of Mind”** को यूपी पुलिस की मूल कार्यशैली बनाने पर जोर देते हुए कहा कि अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ उनकी पुनरावृत्ति रोकना भी प्राथमिकता होनी चाहिए।
 
### अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों पर सख्ती
 
बैठक में चोरी, चेन स्नैचिंग समेत अन्य अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निर्देश दिए गए। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने, पुलिस की सक्रियता सुनिश्चित करने और ब्लाइंड केसों का जल्द खुलासा करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही 60 और 90 दिन से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
 
### जनसुनवाई और जनहित को प्राथमिकता
 
DGP ने थानों में जनसुनवाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा आम जनता के साथ बेहतर व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने और गुमशुदा बच्चों की शीघ्र बरामदगी के लिए गंभीरता से कार्रवाई करने पर भी जोर दिया।
 
### त्योहारों पर सुरक्षा, ‘जीरो कैजुअल्टी’ का लक्ष्य
 
आगामी त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। त्योहारों के दौरान डूबने और करंट लगने से होने वाली जनहानि रोकने के लिए **‘Zero Casualty’** का लक्ष्य निर्धारित करते हुए आवश्यक सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने और प्रभावी ट्रैफिक मैनेजमेंट सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
 
### iGOT प्लेटफॉर्म पर यूपी पुलिस की उपलब्धि की सराहना
 
बैठक में iGOT प्लेटफॉर्म पर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा एक करोड़ से अधिक कोर्स पूरे किए जाने की उपलब्धि की सराहना की गई। पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण और कार्यक्षमता को बेहतर बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।
 
**बैठक का मुख्य संदेश स्पष्ट रहा—अपराध पर प्रभावी नियंत्रण, जवाबदेह पुलिसिंग, त्वरित न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग और आम जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार।**

Related Articles

Comments

Back to Top