धर्मांतरण पर आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला।
अन्य खबरे Oct 15, 2026 at 01:12 PM , 16नईं दिल्ली:
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिंदू धर्म छोड़कर किसी भिन्न धर्म को अपनाने पर व्यक्ति अपने पुराने सामाजिक पिछड़ेपन के आधार पर अनुच्छेद 16(4) के तहत आरक्षण का दावा स्वतः नहीं कर सकता।
धर्म परिवर्तन के बाद पहले की सामाजिक व्यवस्था से जुड़े पिछड़ेपन को नए धर्म में स्वतः जारी नहीं माना जा सकता।
संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश के मुताबिक हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अलावा अन्य धर्म मानने वाले व्यक्ति को अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जाता।
ऐसे धर्म में परिवर्तन करने पर अनुसूचित जाति का दर्जा समाप्त हो जाता है और उस दर्जे पर आधारित आरक्षण व संबंधित लाभों का दावा नहीं किया जा सकता।






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