आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर ED की कार्रवाई, 494 करोड़ के निर्माण खर्च और 85 करोड़ की सरकारी सामग्री पर उठे सवाल
जनपत की खबर Oct 14, 2026 at 12:12 PM , 15**रामपुर।** समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी एक बार फिर चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रामपुर में यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में FIR दर्ज कराई है। मामले में यूनिवर्सिटी के निर्माण पर हुए खर्च, सरकारी निर्माण सामग्री के कथित इस्तेमाल और कुछ संस्थाओं से मिले चंदे की जांच से जुड़े सवाल उठाए गए हैं।
### 494 करोड़ रुपये के निर्माण खर्च की जांच
बताया जा रहा है कि मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की इमारतों के निर्माण पर कुल 494 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का विवरण सामने आया है। ED की ओर से कथित तौर पर इस खर्च के स्रोत और हिसाब-किताब को लेकर सवाल उठाए गए हैं। जांच का प्रमुख पहलू यह है कि निर्माण में खर्च हुई रकम का वित्तीय रिकॉर्ड कितना स्पष्ट और सत्यापन योग्य है।
### 85 करोड़ रुपये की सरकारी निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का आरोप
मामले में आरोप है कि आजम खान के उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहने के दौरान करीब 85 करोड़ रुपये की सरकारी धनराशि से खरीदी गई निर्माण सामग्री का इस्तेमाल निजी विश्वविद्यालय परिसर में कराया गया। कथित तौर पर इस सामग्री से हॉस्टल, अस्पताल, पंडाल और अन्य निर्माण कार्य कराए गए।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर ही हो सकेगी। FIR दर्ज होना अपने आप में आरोपों को साबित नहीं करता।
### दो संस्थाओं से मिले छह करोड़ रुपये के चंदे का भी जिक्र
बताई जा रही FIR में मेरठ की दो संस्थाओं का भी उल्लेख है, जिन्होंने कथित तौर पर आजम खान से जुड़े ट्रस्ट को छह करोड़ रुपये का चंदा दिया था। इन संस्थाओं को डॉ. सरोजनी अग्रवाल से संबंधित बताया गया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, वह पूर्व में समाजवादी पार्टी की MLC रही थीं और बाद में भाजपा में शामिल हो गई थीं।
इन संस्थाओं से मिले कथित चंदे और उसके इस्तेमाल से संबंधित तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। डॉ. सरोजनी अग्रवाल या उनसे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ किसी अन्य जांच का उल्लेख होने मात्र से इस मामले में उनकी संलिप्तता साबित नहीं होती।
### जांच के निष्कर्षों पर रहेगी नजर
इस मामले में अब जांच एजेंसियों की कार्रवाई और सामने आने वाले दस्तावेज महत्वपूर्ण होंगे। कथित वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी सामग्री के इस्तेमाल और चंदे के स्रोत से जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकता है।
**महत्वपूर्ण:** इस खबर में शामिल आरोपों और आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। प्रकाशन से पहले ED की FIR, आधिकारिक बयान और संबंधित दस्तावेजों से तथ्यों का मिलान किया जाना चाहिए।






_page-0001.jpg)
























Comments