राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गोमती नगर में न्यायिक अधिकारियों ने छात्राओं को पाक्सो कानून के प्रति किया जागरूक

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लखनऊ, 30 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वावधान में आज दिनांक 30.09.2026 को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, गोमती नगर, लखनऊ में विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता माननीय सदस्य सचिव डॉ. श्रीमती मनु कालिया ने की।

शिविर में छात्राओं को पॉक्सो (POCSO - लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम) कानून की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर श्री संतोष कुमार, सचिव उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री विनय सिंह, विशेष कार्याधिकारी, श्रीमती शालिन मिश्रा, उप सचिव, प्रधानाचार्या श्रीमती पूनम नौटियाल, प्रवक्ता निताशा सिन्हा, नीलिमा सिंह एवं डॉ. ज्योत्सना सिंह सहित समस्त शिक्षिकाएं एवं पराविधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे। प्रधानाचार्या द्वारा समस्त न्यायिक अधिकारियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

सदस्य सचिव डॉ. श्रीमती मनु कालिया ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित परिवेश प्रदान करना और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना है। उन्होंने सरल और सुबोध भाषा में छात्राओं को "गुड टच और बैड टच" के अंतर को समझाया तथा बताया कि किसी भी अप्रिय या असहज स्थिति में वे बिना किसी डर के अपने माता-पिता, शिक्षकों या सीधे अधिकारियों से शिकायत कैसे दर्ज करा सकती हैं।

श्री विनय सिंह, विशेष कार्याधिकारी ने पाक्सो-2012 के प्रमुख प्रावधानों, बच्चों के अधिकारों, महिला एवं बाल संरक्षण से संबंधित कानूनी व्यवस्थाओं तथा कानून के उल्लंघन पर होने वाले कानूनी परिणामों के बारे में जागरूक किया।

श्री संतोष कुमार, सचिव ने कहा कि आज के समय में बच्चों को कानून की बुनियादी जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। कई बार जागरूकता के अभाव में बच्चे शोषण का शिकार हो जाते हैं और डर या संकोच वश किसी को बता नहीं पाते। यह अभियान बच्चों के मन से उस डर को दूर करने और उनमें आत्मविश्वास जगाने का काम करेगा। शिविर में छात्राओं को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और पाक्सो कानून के तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा व सहायता के बारे में भी जानकारी दी गई।

संवाद सत्र में विद्यालय की छात्राओं एवं शिक्षिकाओं द्वारा पाक्सो एक्ट से संबंधित कई प्रश्न पूछे गए, जिनका समाधान न्यायिक अधिकारियों द्वारा विस्तार से किया गया। डॉ. मनु कालिया ने अपने अनुभवों और कई महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों की चर्चा करते हुए छात्राओं को निर्भीक होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षिकाओं से अपील की है कि वे इस संवेदनशील विषय पर बच्चों को जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाएं ताकि एक सुरक्षित और अपराध मुक्त समाज का निर्माण किया जा सके।

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